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मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना 2026: दूध पर ₹7 प्रति लीटर, महिलाओं और अंत्योदय परिवारों को ₹10

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना 2026: दूध पर ₹7 प्रति लीटर, महिलाओं और अंत्योदय परिवारों को ₹10
  • तारीख़: 5 नवम्बर 2026, 10:06 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: किसान
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा के गाँवों में दूध सिर्फ़ एक उत्पाद नहीं है — यह लाखों परिवारों की रोज़ की आमदनी है। सुबह-शाम दूध की बाल्टी लेकर सहकारी समिति तक जाना, उसी से घर का खर्च चलाना — यही हरियाणा की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसी को मज़बूत करने के लिए हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना चलाती है, जिसके तहत दुग्ध सहकारी समितियों को दूध देने वाले उत्पादकों को दूध के दाम के ऊपर अलग से प्रोत्साहन राशि मिलती है।

27 जुलाई 2026 को इस योजना की दरें बढ़ा दी गईं — गर्मी के मौसम में प्रोत्साहन ₹5 से बढ़ाकर ₹7 प्रति लीटर और सर्दी के मौसम में ₹3 से बढ़ाकर ₹5 प्रति लीटर कर दिया गया। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) और अंत्योदय परिवारों के लिए ₹10 प्रति लीटर तक की व्यवस्था की गई है।

इस लेख में आपको योजना की पूरी और सही जानकारी मिलेगी — किस मौसम में कितना प्रोत्साहन मिलता है, कौन पात्र है, पैसा कैसे और कब मिलता है, देसी गाय पर अलग क्या लाभ है, और महिला SHG व अंत्योदय परिवारों के लिए क्या खास है।

दरें एक नज़र में

किसे मिलेगा दर (प्रति लीटर) कब से
दुग्ध उत्पादक — गर्मी का मौसम ₹7 (पहले ₹5) 27 जुलाई 2026 की घोषणा
दुग्ध उत्पादक — सर्दी का मौसम ₹5 (पहले ₹3) 27 जुलाई 2026 की घोषणा
अंत्योदय परिवार (सालाना आय ₹1.80 लाख तक) ₹10 अक्टूबर 2026 की घोषणा
महिला SHG / महिला CMPACS — VITA को दूध देने पर ₹10 27 जुलाई 2026 की घोषणा

⚠️ सबसे ज़रूरी बात: गर्मी और सर्दी की दरें अलग-अलग हैं — पूरे साल एक ही दर नहीं मिलती। गर्मी में ₹7 और सर्दी में ₹5 प्रति लीटर प्रोत्साहन है। किसी भी जगह सिर्फ़ ₹7 प्रति लीटर पढ़कर यह न समझें कि यह दर बारहों महीने लागू है।

27 जुलाई 2026 को क्या बदला?

27 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डेयरी क्षेत्र के लिए पाँच बड़े फैसले घोषित किए थे। इनमें से एक था मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना की दरों में बढ़ोतरी। उससे पहले गर्मी में ₹5 और सर्दी में ₹3 प्रति लीटर प्रोत्साहन मिलता था। नई दरों के बाद गर्मी में ₹7 और सर्दी में ₹5 प्रति लीटर हो गया — यानी गर्मी में ₹2 और सर्दी में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।

उसी दिन के अन्य फैसले भी दुग्ध उत्पादकों से जुड़े थे:

  • महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) और महिला सहकारी बहुउद्देशीय कृषि ऋण एवं सेवा समितियों (CMPACS) से जुड़ी महिलाओं को VITA को दूध देने पर ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन मिलेगा।
  • हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ (HDDCF) महिला SHG और महिला CMPACS की सदस्यों को दुधारू पशु खरीदने के लिए रियायती ब्याज पर ऋण दिलाने में मदद करेगा।

ये फैसले इसलिए अहम हैं क्योंकि हरियाणा में गर्मी के महीनों में दूध का उत्पादन घट जाता है — भैंस-प्रधान राज्य होने के कारण गर्मी (लीन पीरियड, जून–सितंबर के आसपास) में दूध की आपूर्ति कम हो जाती है। प्रोत्साहन का मकसद ही यही है कि उत्पादक दूध सहकारी समितियों को ही दें, न कि निजी व्यापारियों को, ताकि VITA और दुग्ध संघों की आपूर्ति बनी रहे।

अंत्योदय परिवारों को ₹10 प्रति लीटर — अक्टूबर 2026 का फैसला

अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना (MMAPUY) की समीक्षा बैठक में अंत्योदय परिवारों के लिए अलग से बड़ा फैसला हुआ: सालाना ₹1.80 लाख तक की आय वाले अंत्योदय परिवारों को भैंस खरीदने के लिए रियायती ऋण मिलेगा, और उनके दूध पर ₹10 प्रति लीटर का प्रोत्साहन मिलेगा — ताकि प्रोत्साहन की राशि से ही ऋण की किस्त चुकाने में मदद मिले।

इस फैसले के साथ ये बातें भी घोषित हुईं:

  • पशुपालन विभाग अंत्योदय परिवारों को भैंस खरीदने पर ₹80,000 तक की सब्सिडी देता है, और VITA की ओर से ₹50,000 की अतिरिक्त सहायता मिलती है।
  • VITA इन परिवारों की भैंसों का दूध खरीदेगा, और सरकार उस पर ₹10 प्रति लीटर का अतिरिक्त प्रोत्साहन देगी।
  • विभाग को चालू वर्ष में कम से कम 15,000 भैंसों के ऋण का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
  • महिला स्वयं सहायता समूहों और अनुसूचित जाति के परिवारों को ब्याज-मुक्त ऋण भी दिया जाएगा, जिसका ब्याज सरकार वहन करेगी।

यानी अगर आपका परिवार अंत्योदय श्रेणी में आता है (सालाना आय ₹1.80 लाख तक), तो आपके लिए दूध का प्रोत्साहन सबसे ऊँची दर — ₹10 प्रति लीटर — पर है।

योजना एक नज़र में

जानकारी विवरण
योजना का नाम मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना (Mukhyamantri Dugdh Utpadak Protsahan Yojana)
राज्य हरियाणा
संचालन हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ (HDDCF), पंचकूला — दुग्ध संघों / दूध यूनियनों के माध्यम से
विभाग पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा
आधिकारिक पोर्टल pashudhanharyana.gov.in
प्रोत्साहन (गर्मी) ₹7 प्रति लीटर (पहले ₹5)
प्रोत्साहन (सर्दी) ₹5 प्रति लीटर (पहले ₹3)
अंत्योदय परिवार / महिला SHG (VITA को दूध) ₹10 प्रति लीटर
भुगतान दूध के दाम के ऊपर, सीधे बैंक खाते में (DBT)
दरें बढ़ीं 27 जुलाई 2026 (अंत्योदय ₹10/लीटर — अक्टूबर 2026)

कौन पात्र है? (Eligibility)

इस योजना का लाभ उन्हीं दुग्ध उत्पादकों को मिलता है जो दुग्ध सहकारी समिति / दूध यूनियन को दूध देते हैं। प्रोत्साहन दूध की मात्रा पर मिलता है, इसलिए पात्रता की बुनियाद यही है:

  1. हरियाणा का दुग्ध उत्पादक हो — गाय या भैंस का दूध देने वाला किसान या पशुपालक।
  2. अपने गाँव/क्षेत्र की प्राथमिक दुग्ध सहकारी समिति का सदस्य हो और समिति को नियमित रूप से दूध देता हो।
  3. दूध HDDCF / VITA / दुग्ध संघ को जाता हो — निजी डेयरी या व्यापारी को बेचे गए दूध पर यह प्रोत्साहन नहीं मिलता।
  4. बैंक खाता होना ज़रूरी है, क्योंकि प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में (DBT) आती है।
  5. अंत्योदय ₹10/लीटर के लिए परिवार की सालाना आय ₹1.80 लाख तक होनी चाहिए (MMAPUY श्रेणी)।
  6. महिला SHG ₹10/लीटर के लिए महिला स्वयं सहायता समूह या महिला CMPACS की सदस्य हो और दूध VITA को देना हो।

प्रोत्साहन कैसे और कब मिलता है?

इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए अलग से कोई लंबा ऑनलाइन आवेदन नहीं भरना होता — लाभ दूध देने के रास्ते से ही मिलता है:

स्टेप 1: अपने गाँव की प्राथमिक दुग्ध सहकारी समिति से जुड़ें। अगर आप पहले से समिति के सदस्य हैं और रोज़ दूध देते हैं, तो आप पहले से ही इस व्यवस्था में हैं।

स्टेप 2: समिति में दूध की मात्रा और गुणवत्ता (फैट/SNF) के हिसाब से आपका दूध दर्ज होता है। प्रोत्साहन उसी दर्ज मात्रा पर मिलता है — जितना ज़्यादा दूध समिति को देंगे, उतना ज़्यादा प्रोत्साहन बनेगा।

स्टेप 3: दूध का दाम और प्रोत्साहन राशि आपके बैंक खाते में सीधे (DBT) आती है। पहले के भुगतानों में सरकार ने एक साथ कई महीनों की राशि जारी की है — जैसे अगस्त 2024 में अप्रैल, मई और जून 2024 के लिए 35,000 दुग्ध उत्पादकों को ₹15.59 करोड़ की सब्सिडी एक साथ दी गई थी।

स्टेप 4: अगर प्रोत्साहन न आए या राशि में अंतर लगे, तो अपनी दुग्ध सहकारी समिति या जिला दुग्ध संघ से संपर्क करें — वहीं से आपका दूध का रिकॉर्ड और भुगतान का विवरण मिलेगा।

उदाहरण से समझें: अगर आप गर्मी के मौसम में रोज़ 10 लीटर दूध समिति को देते हैं, तो सिर्फ़ प्रोत्साहन से ही रोज़ ₹70 (10 × ₹7) अतिरिक्त बनता है — महीने में लगभग ₹2,100, दूध के दाम के ऊपर। सर्दी में यही 10 लीटर पर ₹50 रोज़ (10 × ₹5) बनेगा। अंत्योदय परिवार या महिला SHG के लिए यही 10 लीटर ₹100 रोज़ का प्रोत्साहन देगा।

देसी गाय पर अलग लाभ: ₹5,000–₹20,000 प्रोत्साहन और ₹30,000 खरीद सब्सिडी

दूध के प्रोत्साहन के अलावा, हरियाणा सरकार देसी गायों के संरक्षण के लिए भी अलग से पैसे देती है। मुख्यमंत्री ने देसी नस्लों — हरियाणा, साहीवाल और बेलाही — के पालन पर ₹5,000 से ₹20,000 तक का प्रोत्साहन घोषित किया है (राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत)। यह राशि नस्ल और श्रेणी के हिसाब से तय होती है।

इसके अलावा, देसी गाय की खरीद पर ₹30,000 की सब्सिडी भी मिलती है। यह सब्सिडी प्रमाणित देसी नस्ल की गाय खरीदने पर दी जाती है — प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए यह राशि विशेष रूप से घोषित की गई है, जिसमें कम से कम 1 एकड़ ज़मीन की शर्त भी जुड़ी है। खरीद से पहले pashudhanharyana.gov.in पर ताज़ा शर्तें ज़रूर जाँच लें, क्योंकि यह सब्सिडी अलग योजना (प्राकृतिक खेती / गोकुल मिशन) के तहत आती है, दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत नहीं।

देसी गाय के साथ-साथ हरियाणा में मुर्रा भैंस भी दुनिया भर में मशहूर है — और राज्य की दुग्ध अर्थव्यवस्था में भैंस का दूध ही सबसे बड़ा हिस्सा है। इसलिए दुग्ध प्रोत्साहन योजना भैंस और गाय — दोनों के दूध पर लागू होती है, बस दूध सहकारी समिति को जाना चाहिए।

महिलाओं के लिए विशेष: SHG और CMPACS को ₹10 प्रति लीटर

27 जुलाई 2026 के फैसलों में महिलाओं पर खास ज़ोर था। महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) और महिला सहकारी बहुउद्देशीय कृषि ऋण एवं सेवा समितियों (CMPACS) से जुड़ी महिलाओं को VITA को दूध देने पर ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन मिलेगा — यानी सामान्य दर से ₹3 ज़्यादा (गर्मी) और ₹5 ज़्यादा (सर्दी)।

इसके साथ ही HDDCF इन महिलाओं को दुधारू पशु खरीदने के लिए रियायती ब्याज पर ऋण दिलाने में मदद करेगा, ताकि वे अपना दुग्ध व्यवसाय शुरू या बढ़ा सकें। महिला SHG से जुड़ी महिलाएँ अपने समूह के माध्यम से इस लाभ के बारे में जानकारी ले सकती हैं — समूह की बैठकों में दुग्ध संघ के प्रतिनिधि से संपर्क करना सबसे आसान रास्ता है।

दुर्घटना बीमा की सुविधा — राशि जाँचकर लें

सहकारी दुग्ध उत्पादकों के लिए दुर्घटना बीमा की व्यवस्था भी रही है। 2015 में प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए ₹5 लाख के दुर्घटना बीमा की व्यवस्था की खबर थी। हाल की एक रिपोर्ट में ₹10 लाख की राशि और 78 दावों पर ₹4.40 करोड़ के भुगतान का उल्लेख है, लेकिन इस राशि की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है — इसलिए इसे तथ्य की तरह न मानें।

अगर आप सहकारी समिति के सदस्य हैं, तो अपने दुग्ध संघ से वर्तमान बीमा राशि और प्रीमियम की पुष्टि ज़रूर कर लें — बीमा की सुविधा है, बस राशि की ताज़ा जानकारी संघ से लेना ज़रूरी है। पशुओं के लिए अलग से पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना भी चलती है, जिसमें प्रीमियम पर सामान्य वर्ग को 85% और अनुसूचित जाति के परिवारों को 100% सहायता मिलती है।

योजना का इतिहास: कितनी राशि अब तक दी गई

मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना नई नहीं है — यह कई सालों से चल रही है और इसकी दरें समय-समय पर बढ़ती रही हैं:

  • 2022-23 में इस योजना के तहत ₹32.51 करोड़ की सब्सिडी दी गई थी।
  • 2023-24 में यह राशि बढ़कर ₹39.37 करोड़ हो गई।
  • अगस्त 2024 में अप्रैल–जून 2024 के लिए 35,000 दुग्ध उत्पादकों को ₹15.59 करोड़ एक साथ जारी किए गए थे।
  • 2024-25 में अंत्योदय परिवारों के लिए प्रोत्साहन ₹5 से बढ़ाकर ₹10 प्रति लीटर किया गया था, और उस वर्ष के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान रखा गया था।
  • 27 जुलाई 2026 को सामान्य दरें बढ़ीं — गर्मी ₹5 से ₹7, सर्दी ₹3 से ₹5 प्रति लीटर।

यह इतिहास बताता है कि योजना सिर्फ़ घोषणा नहीं है — हर साल करोड़ों रुपये दुग्ध उत्पादकों के खातों में जा रहे हैं।

ध्यान रखने वाली बातें

सिर्फ़ सहकारी समिति को दिए गए दूध पर प्रोत्साहन: निजी डेयरी, हलवाई या व्यापारी को बेचे गए दूध पर यह प्रोत्साहन नहीं मिलता। अगर आप निजी खरीदार को दूध बेचते हैं, तो प्रोत्साहन के लिए अपनी गाँव की दुग्ध सहकारी समिति से जुड़ना होगा।

गर्मी और सर्दी की दर अलग है: ₹7 प्रति लीटर गर्मी की दर है, सर्दी में ₹5 मिलता है। साल भर की आमदनी का हिसाब लगाते समय दोनों मौसमों को अलग-अलग गिनें।

बैंक खाता और रिकॉर्ड सही रखें: प्रोत्साहन DBT से आता है, इसलिए बैंक खाता आधार से लिंक्ड और चालू होना चाहिए। समिति में दर्ज दूध की मात्रा ही भुगतान का आधार है — हर महीने अपना रिकॉर्ड समिति से मिलाकर देख लें।

दलालों से बचें: इस योजना में कोई अलग ऑनलाइन फॉर्म या फीस नहीं है — लाभ दूध देने के रास्ते से मिलता है। कोई व्यक्ति पैसे लेकर प्रोत्साहन दिलवाने का दावा करे, तो वह धोखाधड़ी हो सकती है। अपना OTP या बैंक विवरण किसी को न दें।

ताज़ा जानकारी पोर्टल से जाँचें: इस लेख की दरें 5 नवंबर 2026 तक की सत्यापित जानकारी पर आधारित हैं। सरकार कभी भी दरें बदल सकती है या नई श्रेणी जोड़ सकती है — इसलिए pashudhanharyana.gov.in पर ताज़ा सूचना ज़रूर देख लें, या अपने जिला दुग्ध संघ से संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: हरियाणा में दूध पर कितना प्रोत्साहन मिलता है?
उत्तर: 27 जुलाई 2026 की बढ़ोतरी के बाद गर्मी के मौसम में ₹7 प्रति लीटर और सर्दी के मौसम में ₹5 प्रति लीटर प्रोत्साहन मिलता है। अंत्योदय परिवारों और VITA को दूध देने वाली महिला SHG/CMPACS को ₹10 प्रति लीटर मिलता है। यह राशि दूध के दाम के ऊपर, अलग से मिलती है।

प्रश्न 2: क्या ₹7 प्रति लीटर पूरे साल मिलता है?
उत्तर: नहीं। ₹7 प्रति लीटर सिर्फ़ गर्मी के मौसम की दर है; सर्दी में दर ₹5 प्रति लीटर है। दोनों मौसमों की दरें अलग-अलग हैं — साल भर एक ही दर मानकर हिसाब न लगाएँ।

प्रश्न 3: प्रोत्साहन पाने के लिए आवेदन कैसे करें?
उत्तर: इसके लिए अलग से कोई लंबा ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना होता। अपने गाँव की प्राथमिक दुग्ध सहकारी समिति से जुड़कर समिति को नियमित रूप से दूध दें — प्रोत्साहन उसी दर्ज दूध की मात्रा पर बनता है और सीधे आपके बैंक खाते में (DBT) आता है। समिति से जुड़ने और रिकॉर्ड के लिए अपनी दुग्ध सहकारी समिति या जिला दुग्ध संघ से संपर्क करें।

प्रश्न 4: अंत्योदय परिवारों को ₹10 प्रति लीटर कैसे मिलेगा?
उत्तर: जिन परिवारों की सालाना आय ₹1.80 लाख तक है (मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना श्रेणी), उन्हें दूध पर ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन मिलता है। इसके साथ भैंस खरीदने पर ₹80,000 तक की सब्सिडी और VITA से ₹50,000 की अतिरिक्त सहायता भी मिलती है। VITA इन परिवारों की भैंसों का दूध खरीदता है।

प्रश्न 5: महिला SHG को ₹10 प्रति लीटर का लाभ कैसे मिलेगा?
उत्तर: महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) और महिला CMPACS से जुड़ी महिलाओं को VITA को दूध देने पर ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन मिलता है। इसके अलावा HDDCF इन महिलाओं को दुधारू पशु खरीदने के लिए रियायती ब्याज पर ऋण दिलाने में भी मदद करता है। जानकारी अपने SHG समूह या दुग्ध संघ से लें।

प्रश्न 6: देसी गाय पर क्या अलग लाभ मिलता है?
उत्तर: देसी नस्लों (हरियाणा, साहीवाल, बेलाही) के पालन पर ₹5,000 से ₹20,000 तक का प्रोत्साहन मिलता है, और देसी गाय की खरीद पर ₹30,000 की सब्सिडी भी है। खरीद सब्सिडी की ताज़ा शर्तें pashudhanharyana.gov.in पर जाँच लें, क्योंकि यह अलग योजना के तहत आती है।

प्रश्न 7: प्रोत्साहन की राशि कब और कैसे मिलती है?
उत्तर: प्रोत्साहन राशि दूध के दाम के साथ या अलग से, सीधे बैंक खाते में (DBT) आती है। पहले के भुगतानों में सरकार ने कई महीनों की राशि एक साथ जारी की है — जैसे अप्रैल–जून 2024 के लिए 35,000 उत्पादकों को ₹15.59 करोड़ एक साथ दिए गए थे। अगर राशि न आए, तो अपनी दुग्ध सहकारी समिति या जिला दुग्ध संघ से संपर्क करें।

किसानों की अन्य उपयोगी जानकारी

दुग्ध प्रोत्साहन के साथ-साथ ये जानकारियाँ भी आपके काम आएँगी: आज के मंडी भाव — हरियाणा की मंडियों के ताज़ा भाव, ताकि दूध के साथ-साथ फसल की आमदनी का भी हिसाब रहे; पीएम किसान की 24वीं किस्त — 30 अक्टूबर 2026 को जारी हुई, ₹2,000 की किस्त और e-KYC की पूरी जानकारी; और महिलाओं को हर महीने ₹2,100 की सहायता देने वाली लाडो लक्ष्मी योजना — पशुपालन से जुड़ी महिलाओं के परिवारों के लिए भी उपयोगी। साइट पर हरियाणा पशुपालन लोन योजना 2026 का लेख भी उपलब्ध है — डेयरी और भेड़-बकरी इकाइयों पर 25% से 90% तक सब्सिडी, 30 नवंबर 2026 तक आवेदन।


स्रोत: The Tribune, 27 जुलाई 2026 (Haryana’s 5 major initiatives for dairy sector — गर्मी ₹5 से ₹7/लीटर, सर्दी ₹3 से ₹5/लीटर; महिला SHG/CMPACS को VITA पर ₹10/लीटर; HDDCF से रियायती ऋण); The Tribune, 10 अक्टूबर 2026 (Rs 10 per litre milk incentive to Antyodaya families — आय ₹1.80 लाख तक, भैंस खरीद पर ₹80,000 सब्सिडी + VITA से ₹50,000, 15,000 भैंसों का लक्ष्य); 5 Dariya News / DPR Haryana, 27 जुलाई 2026 (पाँच फैसलों की पुष्टि); The Times of India (देसी नस्लों हरियाणा/साहीवाल/बेलाही पर ₹5,000–₹20,000 प्रोत्साहन, राष्ट्रीय गोकुल मिशन); Testbook / Haryana Natural Farming रिपोर्ट (देसी गाय खरीद पर ₹30,000 सब्सिडी); DPR Haryana, 15 अगस्त 2024 (35,000 उत्पादकों को ₹15.59 करोड़; 2022-23 में ₹32.51 करोड़, 2023-24 में ₹39.37 करोड़; अंत्योदय ₹5 से ₹10/लीटर, ₹100 करोड़ का प्रावधान); Business Standard, 9 अगस्त 2015 (सहकारी दुग्ध उत्पादकों के लिए ₹5 लाख दुर्घटना बीमा — ऐतिहासिक संदर्भ); Department of Animal Husbandry & Dairying, Haryana — आधिकारिक पोर्टल pashudhanharyana.gov.in (5 नवंबर 2026 को होमपेज खुला और विभाग की जानकारी की पुष्टि हुई)। राशि, तारीखें और नियम बदल सकते हैं — आवेदन या दावा करने से पहले pashudhanharyana.gov.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जाँच लें। दुर्घटना बीमा की ₹10 लाख वाली राशि की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी — वर्तमान राशि अपने दुग्ध संघ/HDDCF से जाँच लें।


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