उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के मौके पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को बड़ी सौगात दी है। लखनऊ के लोकभवन सभागार में 3 नवंबर 2026 को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों के लिए 1500 करोड़ रुपये की गैस सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में भेजी। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से लाभार्थियों के आधार प्रमाणित बैंक खातों में पहुंचेगी, ताकि दीपावली पर रसोई गैस सिलेंडर की रिफिल का खर्च परिवारों पर बोझ न बने। समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय और राज्य मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा भी मौजूद रहे।
इस सुविधा का लाभ केवल प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पंजीकृत पात्र महिला लाभार्थियों को मिलेगा। लाभार्थी का उज्ज्वला कनेक्शन सक्रिय होना चाहिए और उसका बैंक खाता आधार से जुड़ा होना जरूरी है, क्योंकि सब्सिडी की राशि आधार प्रमाणित खाते में ही भेजी जाती है। लाभार्थी को अपने वितरक से सामान्य तरीके से 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी लेनी होती है, जिसके बाद सब्सिडी की राशि खाते में पहुंचती है। सामान्य एलपीजी उपभोक्ता केवल उत्तर प्रदेश का निवासी होने के आधार पर इस सुविधा के पात्र नहीं बनते, इसलिए पात्रता की शर्तों को समझना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश सरकार उज्ज्वला लाभार्थियों को साल में दो बार, होली और दीपावली के अवसर पर, एक-एक मुफ्त सिलेंडर रिफिल की सुविधा देती है। इस व्यवस्था का मकसद त्योहार के समय गरीब परिवारों की रसोई का खर्च कम करना और स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने लोक-कल्याण को प्राथमिकता दी है और उज्ज्वला योजना से गरीब परिवारों की रसोई तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाकर महिलाओं को स्वास्थ्य, सुविधा और सम्मान का संबल दिया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के बलिया से की थी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को बिना सुरक्षा जमा के एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है और उज्ज्वला 2.0 के तहत पहला रिफिल व गैस चूल्हा भी मुफ्त देने का प्रावधान है। योजना का मूल उद्देश्य पारंपरिक चूल्हों के धुएं से महिलाओं को मुक्ति दिलाना और स्वच्छ ईंधन को हर गरीब रसोई तक पहुंचाना है। दीपावली चरण की यह सब्सिडी उसी कड़ी में एक और राहत है, जिससे करोड़ों परिवारों को त्योहार पर सीधी आर्थिक मदद मिलेगी। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपना बैंक खाता आधार से जुड़ा हुआ रखें, ताकि सब्सिडी बिना रुकावट उनके खाते में पहुंच सके।

प्रातिक्रिया दे