VB-G RAM G योजना: हरियाणा में ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी — अब 125 दिन काम, बकाया भुगतान जल्द
देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना अब नए नाम और नई गारंटी के साथ काम कर रही है। मनरेगा की जगह 1 जुलाई 2026 से ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G लागू हो चुका है। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने शुक्रवार को सिरसा में कहा कि राज्य ने इस योजना के लिए अपना बजट हिस्सा जारी कर दिया है और श्रमिकों का बकाया भुगतान जल्द कराया जाएगा।
इस नई योजना के तहत हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिली है, जबकि मनरेगा में यह सीमा 100 दिन थी। योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत ही चल रही है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ी है।
केंद्र सरकार ने हाल ही में योजना के तहत होने वाले कामों की सूची भी बढ़ाई है। मनरेगा के 266 कामों की तुलना में VB-G RAM G में अब 375 तरह के कामों की अनुमति है — यानी 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी। पहली बार 38 विशेष श्रेणियां आपदा और चरम मौसमी घटनाओं से निपटने के लिए बनाई गई हैं, जिनमें बाढ़ राहत आश्रय, तटबंध, बांध सुरक्षा कार्य और वन अग्नि प्रबंधन जैसे काम शामिल हैं।
योजना चार स्तंभों पर खड़ी है — जल सुरक्षा, बुनियादी ग्रामीण ढांचा, आजीविका से जुड़ा ढांचा और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव। हर ग्राम पंचायत ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ (VGPP) तैयार करेगी, ताकि स्थानीय जरूरतों के हिसाब से कामों का चयन हो सके।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2026 में 1.56 करोड़ परिवारों ने इस योजना में काम मांगा — जो पिछले साल के सितंबर से 34 प्रतिशत अधिक है। देश में 10.88 करोड़ सक्रिय श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनमें 61.65 प्रतिशत महिलाएं हैं। औसत मजदूरी 283.24 रुपये प्रतिदिन दर्ज की गई है और चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्र ने 93,841 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
हरियाणा के लिए खास बात यह है कि राज्य सरकार ने योजना के तहत अपने हिस्से की राशि जारी कर दी है। मंत्री पंवार ने उम्मीद जताई कि श्रमिकों का लंबित भुगतान जल्द हो जाएगा, जिससे राज्य के लाखों ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
