अमित शाह का IPS अधिकारियों को संदेश: प्रचार से दूर रहें, काम से पहचान बनाएं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने युवा IPS अधिकारियों से कहा है कि वे अधिकार को रुतबे की निशानी नहीं, जिम्मेदारी समझें और प्रचार से दूर रहकर काम से अपनी पहचान बनाएं। शाह का यह संदेश शनिवार को हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में 78वें बैच के नियमित प्रशिक्षुओं के पासिंग आउट समारोह में पढ़ा गया।
गृह सचिव गोविंद मोहन ने शाह का संदेश पढ़ते हुए कहा कि एक पुलिस अधिकारी की असली ताकत विनम्रता, संयम और संविधान के प्रति दृढ़ निष्ठा है। शाह ने नए अधिकारियों से देश की आंतरिक सुरक्षा की बदलती चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराई और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा हर हाल में सबसे ऊपर होनी चाहिए।
गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा के लिए तकनीक और निगरानी प्रणालियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने नए आपराधिक न्याय कानूनों की भावना को जमीनी स्तर पर लागू करने और आधुनिक तकनीक व फोरेंसिक विज्ञान से जांच व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही।
इस बैच के 151 प्रशिक्षु अधिकारियों में 37 महिला अधिकारी शामिल हैं। कुल 135 भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षुओं के साथ नेपाल, भूटान और मालदीव के 16 विदेशी अधिकारी भी प्रशिक्षण पूरा कर परेड में शामिल हुए। मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद गृह सचिव गोविंद मोहन ने परेड का निरीक्षण किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कार दिए।
समारोह में गृह सचिव ने नई पीढ़ी के पुलिस अधिकारियों के सामने खड़ी पांच बड़ी चुनौतियों की पहचान की — वीपीएन और क्रिप्टोकरेंसी की आड़ में छिपे साइबर अपराधी, संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क, डीपफेक वीडियो, आतंकवाद और तकनीक से जुड़े खतरे। शाह के संदेश में कहा गया कि युवा अधिकारी इन्हीं चुनौतियों से देश की रक्षा की कमान संभालेंगे।
उल्लेखनीय है कि समारोह के दौरान गृह सचिव ने पुलिस अधिकारियों को जनता की सेवा में पूरी निष्ठा से काम करने की सलाह भी दी। शाह के संदेश को युवा अधिकारियों ने तालियों से स्वागत किया।
