विजयदशमी पर नायब सैनी का संकल्प — रोहतक में ‘बुराई से अच्छाई की ओर’, लाडवा में रामराज्य की राह
विजयदशमी के पावन अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को रोहतक और लाडवा में आयोजित दशहरा समारोहों में शामिल हुए। रोहतक में सनातनी युवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘बुराई से अच्छाई की ओर’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयदशमी अच्छाई की बुराई पर, धर्म की अधर्म पर और न्याय की अन्याय पर विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि केवल रावण का पुतला जलाना ही पर्याप्त नहीं है — उपस्थित जनसमूह को अहंकार, झूठ, नफरत, भेदभाव, नशाखोरी और भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलना चाहिए ताकि समाज में हर व्यक्ति को सम्मान, न्याय और सुरक्षा मिल सके। रोहतक कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ से जुड़े कलाकारों ने 300 ड्रोन के माध्यम से आकाश में भगवान श्रीराम की कथा का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया और सभी को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं।
इससे पहले लाडवा में जय भारत कला मंच द्वारा आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रामराज्य की भावना के अनुरूप कार्य कर रही है, जिसमें हर नागरिक को समान अवसर और सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि रामराज्य की सरकार का सार गरीबों की चिंता, किसानों के सम्मान, युवाओं के लिए अवसर, महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण तथा बुजुर्गों की सेवा में है, और सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जय भारत कला मंच, लाडवा को 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की और शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के साथ हरियाणा तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले जलाते हैं तो अपने भीतर के अभिमान, क्रोध, लालच, ईर्ष्या, छल, पाखंड और स्वार्थ को भी समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए, तभी त्योहार सही मायने में सार्थक होगा।
लाडवा में मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग पर लगभग 98 लाख रुपये की लागत से स्थापित महाराजा शूरसैनी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। उन्होंने कहा कि महाराजा शूरसैनी महान योद्धा, कुशल प्रशासक और न्यायप्रिय शासक थे, जिनका जीवन सत्य, न्याय, वीरता और जनसेवा की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडवा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
