हरियाणा की सड़कों से हटेंगे बेकार बिजली के खंभे: 4,222 हटाए गए, बाकी 2,221 के लिए 31 दिसंबर की डेडलाइन
हरियाणा में सड़कों के किनारे बेकार खड़े बिजली के खंभों को हटाने का विशेष अभियान तेजी से चल रहा है। बिजली विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पूरे प्रदेश में चिन्हित किए गए 6,443 बेकार खंभों में से अब तक 4,222 खंभे हटाए जा चुके हैं, यानी करीब 65.5 फीसदी काम पूरा हो गया है। बचे हुए 2,221 खंभों को हटाने के लिए 31 दिसंबर की समय-सीमा तय की गई है।
यह अभियान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद तेज हुआ था। बैठक में बिजली वितरण निगमों को ऐसे सभी खंभों की पहचान करने को कहा गया था जिनका अब कोई परिचालन उपयोग नहीं रह गया है। निर्देशों के तहत निगम इन खंभों को हटाकर बरामद सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने भंडार में जमा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस मुहिम का मकसद सड़कों के किनारे अनावश्यक ढांचे हटाना, बिजली वितरण नेटवर्क को सुव्यवस्थित करना और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा बढ़ाना है।
बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने अधिकारियों को शेष काम को प्राथमिकता देकर निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। निगमों के जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने अपने क्षेत्र में चिन्हित 3,651 खंभों में से 3,333 हटा दिए हैं — करीब 91.3 फीसदी की दर से, अब सिर्फ 318 खंभे बाकी हैं। वहीं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने 2,792 में से 889 खंभे हटाए हैं, जो करीब 31.8 फीसदी है; इसके 1,903 खंभे अभी बाकी हैं। यानी पूरे प्रदेश में बचे 2,221 खंभों में से लगभग 86 फीसदी दक्षिणी हरियाणा में हैं।
सर्कल-वार रिपोर्ट के अनुसार रेवाड़ी में सबसे ज्यादा 1,131 खंभे हटाने बाकी हैं। इसके बाद फतेहाबाद में 301, नारनौल में 247 और भिवानी में 142 खंभे लंबित हैं। राहत की बात यह है कि फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम-2, सिरसा, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल और कुरुक्षेत्र सर्कलों में यह काम पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार रोहतक में 33 केवी लाइन के 112 खंभों का भविष्य में औद्योगिक क्षेत्र में पुनः उपयोग संभव है, जबकि करनाल के आठ खंभों को लो-टेंशन लाइन कार्यों में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है।
