हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए सख्त नियम लागू: 6 कैटेगरी, ₹25,000 रजिस्ट्रेशन फीस — मरीजों की सुरक्षा पर जोर
हरियाणा सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अनुशासित और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने 9 अक्टूबर 2026 को हरियाणा मानसिक स्वास्थ्य देखभाल नियम 2026 अधिसूचित कर दिए हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 2017 के तहत बनाए गए हैं।
इन नियमों के तहत राज्य के सभी मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों को छह श्रेणियों (ए से एफ) में विभाजित किया गया है — इनमें स्वतंत्र मानसिक स्वास्थ्य केंद्र, मेडिकल कॉलेजों के मनोरोग विभाग, मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों के मनोरोग वार्ड, नशामुक्ति केंद्र, मनोसामाजिक पुनर्वास केंद्र और अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। स्थायी रजिस्ट्रेशन के लिए 25,000 रुपये शुल्क तय किया गया है, साथ ही न्यूनतम मानकों के दस्तावेजी प्रमाण भी देने होंगे।
नियमों में पेशेवर योग्यता, मरीजों के अधिकार, चिकित्सा रिकॉर्ड, गोपनीयता, स्वच्छता, सुलभता और शारीरिक संयम (रेस्ट्रेंट) पर सुरक्षा उपाय जैसे सख्त मानक तय किए गए हैं। नशामुक्ति केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि वहां भर्ती मरीजों के साथ कोई दुर्व्यवहार न हो। अलग बिस्तर, हवादार कमरे, साफ सफाई, पावर बैकअप और जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सुरक्षित निपटान भी अनिवार्य किया गया है, और किसी भी मरीज को फर्श पर सोने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा।
अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा है कि इन नियमों से राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
