हरियाणा में ₹399.85 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी: 13 पेयजल-सीवरेज परियोजनाएं, ₹19.49 करोड़ की बचत
हरियाणा में विकास कार्यों को तेज गति देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (HPPC) और उच्चाधिकार प्राप्त कार्य क्रय समिति (HPWPC) की बैठक हुई। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के 13 विकास कार्यों को 399.85 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई। खास बात यह है कि इन कार्यों का अनुमानित खर्च 419.34 करोड़ रुपये था, लेकिन प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए इन्हें 399.85 करोड़ में स्वीकृत किया गया — यानी सरकार के खजाने को 19.49 करोड़ रुपये की सीधी बचत हुई।
मंजूर परियोजनाओं में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और अपशिष्ट जल उपचार से जुड़े कार्य शामिल हैं। कई परियोजनाओं में बिना खुदाई वाली आधुनिक CIPP तकनीक से सीवर मरम्मत का प्रावधान है, जिससे सड़कें खोदे बिना काम होगा और जनता को परेशानी नहीं होगी।
जिलावार कार्यों की बात करें तो रोहतक में सीवरेज पुनर्वास और मरम्मत, अंबाला के शहजादपुर में सीवर नेटवर्क के साथ 3 MLD का STP, जगाधरी में सीवरेज परियोजना, धनौरी में नहर आधारित जलघर और 2 MLD का STP, रतिया में जलघर टंकी, हिसार में 10 MLD का STP और पंपिंग स्टेशन, कांबरी गांव में नया जलघर, पंचकूला में विभागीय भवन और वर्षा जल नालियां, गुरुग्राम के चंदू बुढेड़ा में 100 MLD का स्वचालित जल शोधन संयंत्र और नूंह के घसेरा में जल परियोजना शामिल हैं।
बैठक में मंत्री महिपाल ढांडा, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा और श्रुति चौधरी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं ताकि जनता को जल्द लाभ मिले।
