हरियाणा में 700 जर्जर सरकारी स्कूलों का होगा पुनर्निर्माण: एक साल में बनेंगे आधुनिक भवन, 14,297 स्कूलों में पानी की जांच — CM सैनी के निर्देश
हरियाणा के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में करीब 700 जर्जर सरकारी स्कूल भवनों के एक साल के भीतर पुनर्निर्माण का आदेश दिया है। बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नए स्कूल भवन आधुनिक डिजाइन के हों, जिनमें प्राकृतिक वेंटिलेशन और सोलर पैनल की व्यवस्था हो। जर्जर भवनों की जगह बनने वाली इमारतें विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी।
बैठक में प्रधान सचिव (स्कूल शिक्षा) विजय सिंह दहिया ने बताया कि प्रदेश में कुल 14,297 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से 719 स्कूल मॉडल स्कूल के रूप में चिह्नित हैं, जिनमें हर पांच किलोमीटर पर CM-EEE स्कूल और हर दस किलोमीटर पर PM SHRI तथा राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन मॉडल स्कूलों में नए भवनों का निर्माण, मरम्मत, ICT लैब की स्थापना और खाली शिक्षक पदों को भरने का काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने का भी निर्देश दिया और रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली लगाने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने आदेश दिया कि सभी 14,297 स्कूलों में पेयजल की गुणवत्ता की जांच हो — जहां पानी मानकों पर खरा नहीं उतरेगा, वहां RO सिस्टम लगाया जाएगा और संबंधित विभागों से सुधारात्मक कदम उठाने को कहा जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के ‘स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल’ का भी शुभारंभ किया। इसके जरिए सेवानिवृत्त शिक्षक, पूर्व सैनिक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े इच्छुक लोग स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में पंजीकरण करा सकेंगे। जिलों में अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता वाली समिति उपयुक्त उम्मीदवारों का चयन करेगी, जिसमें DSP रैंक का अधिकारी भी शामिल होगा।
