अंत्योदय परिवारों को दूध पर ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन: भैंस खरीदने पर ₹80,000 तक सब्सिडी, महिलाओं-SC परिवारों को ब्याजमुक्त ऋण
गरीब परिवारों की आमदनी बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार ने डेयरी सेक्टर में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक में घोषणा की कि सालाना ₹1.80 लाख तक आय वाले अंत्योदय परिवारों को भैंस खरीदने के लिए रियायती दरों पर ऋण मिलेगा, साथ ही दूध पर ₹10 प्रति लीटर का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन राशि ऋण की अदायगी में काम आएगी।
बैठक में बताया गया कि पशुपालन विभाग भैंस खरीदने पर ₹80,000 तक की सब्सिडी देता है, जबकि वीटा के माध्यम से ₹50,000 की अतिरिक्त सहायता मिलेगी। वीटा इन भैंसों का दूध खरीदेगा और सरकार उस पर प्रति लीटर ₹10 का अतिरिक्त प्रोत्साहन देगी। विभाग को इस साल कम से कम 15,000 भैंसों की खरीद के लिए ऋण सुविधा दिलाने का लक्ष्य दिया गया है।
महिला स्वयं सहायता समूहों और अनुसूचित जाति के परिवारों के लिए ब्याजमुक्त ऋण की भी व्यवस्था है — इन ऋणों का ब्याज सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र अंत्योदय परिवारों को बैंकों से समय पर और बिना परेशानी के ऋण मिलना चाहिए, ताकि वे आय बढ़ाने वाली गतिविधियां शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।
मुख्यमंत्री ने हर हित स्टोर, वीटा बूथ, मिल्क बार और सांझा बाजार के नेटवर्क के विस्तार का भी निर्देश दिया। प्रदेश में 1,450 हर हित स्टोर संचालित हैं, जबकि 1 नवंबर तक 200 नए हर हित स्टोर और 300 नए वीटा बूथ, मिल्क बार व सांझा बाजार खोलने का लक्ष्य रखा गया है। गांवों में पंचायत की जमीन और शहरी क्षेत्रों में आउटलेट खोलकर बाजार तक पहुंच बढ़ाने को कहा गया है।
सरकार का मानना है कि अंत्योदय परिवारों को दूध उत्पादन से जोड़ना दूध की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी मददगार साबित होगा। विभागों की योजनाओं और बैंकों की ऋण सुविधाओं के बीच बेहतर तालमेल से हर अंत्योदय परिवार के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकता है।
