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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा डॉ. अंबेडकर मेडिकल एड योजना 2026: गंभीर बीमारी पर ₹3.5 लाख तक सहायता, पात्रता व आवेदन

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा डॉ. अंबेडकर मेडिकल एड योजना 2026: गंभीर बीमारी पर ₹3.5 लाख तक सहायता, पात्रता व आवेदन
  • तारीख़: 9 नवम्बर 2026, 1:02 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish Sharma
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा के अनुसूचित जाति (SC) परिवारों में अगर किसी को किडनी, हार्ट, लीवर, कैंसर या ब्रेन की गंभीर बीमारी हो और बड़ी सर्जरी की ज़रूरत पड़े, तो इलाज का खर्च लाखों रुपये में पहुँच जाता है। ऐसे परिवारों के लिए केंद्र सरकार की डॉ. अंबेडकर मेडिकल एड योजना है — इसके तहत इलाज की पूरी अनुमानित लागत (100%) सीधे अस्पताल को दी जाती है, बीमारी के हिसाब से तय सीमा तक, अधिकतम ₹3.5 लाख तक।

लेकिन इस योजना को समझने से पहले एक बात साफ कर लें — myScheme की हरियाणा सूची में इसका नाम “Dr. Ambedkar Medical Aid Scheme (Revised – 2009)” लिखा है, पर यह 2009 वाला पुराना संस्करण है। योजना में तब से दो बार बदलाव हो चुका है, और ताज़ा संशोधन “Revised-2026” है (डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन का पत्र, 27 जुलाई 2026)। इस गाइड में 2026 वाले नियम ही मुख्य माने गए हैं, और पुराने नियम इतिहास के तौर पर दिखाए गए हैं। साथ ही, यह योजना केंद्र सरकार की है — हरियाणा का SEWA विभाग (पहले SC व BC कल्याण विभाग) इसमें राज्य का माध्यम है, और हरियाणा से आवेदन उसी रास्ते से जाता है।

योजना एक नज़र में

बिंदु विवरण
योजना का नाम Dr. Ambedkar Medical Aid Scheme (Revised-2026); myScheme की हरियाणा सूची में “(Revised – 2009)” लिखा है
चलाने वाला डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार
हरियाणा में माध्यम SEWA विभाग (पहले SC व BC कल्याण विभाग) / जिला कल्याण अधिकारी (DSWO) / उपायुक्त कार्यालय
सहायता इलाज की अनुमानित लागत का 100%, बीमारी के हिसाब से तय सीमा तक; अधिकतम ₹3.5 लाख
किसे मिलेगी SC/ST समुदाय के वे मरीज़ जिन्हें गंभीर/जानलेवा बीमारी की सर्जरी या विशेष इलाज चाहिए
आय सीमा पारिवारिक सालाना आय ₹5 लाख से कम (2026 संशोधन)
आवेदन ऑफलाइन — निर्धारित फॉर्म या सादे कागज़ पर; इलाज की तारीख से कम से कम 15 दिन पहले आवेदन पहुँचना ज़रूरी
अंतिम तारीख कोई नहीं — साल भर आवेदन किया जा सकता है (पर इलाज से 15 दिन पहले आवेदन पहुँचना ही असली समय-सीमा है)

कितनी सहायता मिलेगी?

यह योजना इलाज की अनुमानित लागत का 100% देती है — पर हर बीमारी की एक तय सीमा है। सीमा से ज़्यादा खर्च मरीज़ को खुद उठाना होगा।

इलाज अधिकतम सहायता
किडनी सर्जरी / डायलिसिस ₹3.50 लाख तक
किडनी / अंग प्रत्यारोपण ₹3.50 लाख तक
कैंसर सर्जरी / कीमोथेरेपी / रेडियोथेरेपी ₹2.50 लाख तक
ब्रेन सर्जरी ₹2.00 लाख तक
हार्ट सर्जरी ₹1.50 लाख तक
स्पाइनल सर्जरी ₹1.50 लाख तक
अन्य जानलेवा बीमारी ₹2.00 लाख तक

सहायता मरीज़ को नहीं मिलती — वह सीधे अस्पताल के बैंक खाते में NEFT/RTGS से भेजी जाती है। और एक नियम और — फाउंडेशन से मिली सहायता और दूसरे स्रोतों से मिली सहायता को मिलाकर कुल रकम, इलाज की अनुमानित लागत से ज़्यादा नहीं हो सकती।

सबसे बड़ा भ्रम — तीन अलग-अलग रकमें

इस योजना के बारे में खोजने पर तीन अलग-अलग समय की रकमें सामने आती हैं, क्योंकि योजना में तीन बार बदलाव हुआ है। नीचे दी गई तालिका से समझें कि कौन-सी रकम कब की है — और आज कौन-सी लागू है।

संस्करण आय सीमा सहायता
2010 के आसपास (लोकसभा उत्तर, 22 नवंबर 2010) सालाना आय ₹1 लाख तक अनुमानित लागत का 75%, अधिकतम ₹1 लाख
DAF वेबसाइट वाला संस्करण (2018 संशोधन; अप्रैल 2026 तक साइट पर यही दिख रहा था) सालाना आय ₹3 लाख से कम अनुमानित लागत का 100%; सीमा — किडनी ₹3.5 लाख, कैंसर ₹1.75 लाख, ब्रेन ₹1.5 लाख, हार्ट ₹1.25 लाख, स्पाइनल/अन्य ₹1 लाख
Revised-2026 (DAF का पत्र, 27 जुलाई 2026; राज्य सरकारों के पत्रों से पुष्ट) सालाना आय ₹5 लाख से कम अनुमानित लागत का 100%; सीमा — किडनी ₹3.5 लाख, कैंसर ₹2.5 लाख, ब्रेन/अन्य ₹2 लाख, हार्ट/स्पाइनल ₹1.5 लाख

सबसे ज़रूरी चेतावनी: डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन की अपनी वेबसाइट पर अप्रैल 2026 तक पुराना (₹3 लाख आय सीमा वाला) संस्करण ही दिख रहा था, जबकि जुलाई 2026 के पत्र से संशोधित नियम लागू हो चुके हैं। इसलिए इस गाइड में 2026 वाले नियम मुख्य माने गए हैं — पर आवेदन करने से पहले DAF या अपने जिला कल्याण अधिकारी से ताज़ा नियम ज़रूर पूछ लें।

दूसरा भ्रम — ₹5 लाख वाली बात। सितंबर 2026 में एक ज़िले के कल्याण अधिकारी ने कहा था कि “₹5 लाख तक की सहायता मिलेगी” — यह गलतफहमी है। ₹5 लाख आय की सीमा है, सहायता की सीमा नहीं। सहायता की सबसे बड़ी रकम ₹3.5 लाख है (किडनी सर्जरी/डायलिसिस और प्रत्यारोपण के लिए)।

कौन पात्र है?

नीचे दी गई हर शर्त पूरी होनी चाहिए — एक भी शर्त छूटी तो आवेदन पर विचार नहीं होगा।

शर्त विवरण
समुदाय अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से हों (हरियाणा में व्यावहारिक रूप से SC — नीचे देखें)
आय पारिवारिक सालाना आय ₹5 लाख से कम हो
बीमारी किडनी, हार्ट, लीवर, कैंसर, ब्रेन या अन्य जानलेवा बीमारी हो, जिसकी सर्जरी या विशेष इलाज ज़रूरी हो
अस्पताल इलाज मान्यता प्राप्त अस्पताल में हो (सूची नीचे दी गई है)
PM-JAY PM-JAY के तहत कवर मरीज़ पात्र नहीं — सिवाय किडनी प्रत्यारोपण के, जो PM-JAY में कवर नहीं होता
समय आवेदन इलाज की तय तारीख से कम से कम 15 दिन पहले फाउंडेशन तक पहुँच जाए

एक खास बात — हरियाणा में कोई अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय अधिसूचित नहीं है। राज्य की सूची में SC की 37 जातियाँ और BC ब्लॉक ‘A’/’B’ की जातियाँ हैं, ST की कोई सूची नहीं है। इसलिए हरियाणा से व्यावहारिक रूप से SC आवेदक ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं — योजना के नियमों में ST का नाम राष्ट्रीय स्तर पर है।

कौन पात्र नहीं है?

नीचे दी गई किसी भी स्थिति में आवेदन पर विचार नहीं होगा — आवेदन करने से पहले खुद को इस सूची से जाँच लें।

  • SC/ST समुदाय से न हों — यह योजना सिर्फ SC/ST मरीज़ों के लिए है।
  • पारिवारिक सालाना आय ₹5 लाख या उससे ज़्यादा हो — आय सीमा से ऊपर वाले बाहर।
  • बीमारी इस योजना की सूची में न आती हो — जैसे सामान्य बीमारी या छोटा ऑपरेशन; सिर्फ गंभीर/जानलेवा बीमारी की सर्जरी या विशेष इलाज कवर होता है।
  • इलाज मान्यता प्राप्त अस्पताल के बाहर हो — सूची से बाहर के अस्पताल में इलाज पर सहायता नहीं मिलती (एक अपवाद नीचे देखें)।
  • PM-JAY के तहत कवर हों — किडनी प्रत्यारोपण को छोड़कर, PM-JAY में कवर मरीज़ इस योजना में पात्र नहीं।
  • इलाज हो चुका हो और खर्च पहले ही हो गया हो — यह योजना पहले से तय इलाज के लिए है; पुराने खर्च की भरपाई नहीं करती।

कौन-सी बीमारियाँ कवर होती हैं?

योजना में ये गंभीर/जानलेवा बीमारियाँ कवर होती हैं:

  • किडनी की बीमारी — सर्जरी, डायलिसिस, प्रत्यारोपण
  • हार्ट की बीमारी — सर्जरी
  • लीवर की बीमारी — सर्जरी
  • कैंसर — सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी
  • ब्रेन की बीमारी — सर्जरी
  • अंग प्रत्यारोपण (organ transplant)
  • स्पाइनल सर्जरी
  • अन्य जानलेवा बीमारियाँ

लीवर वाली बात ध्यान से समझें: लीवर का नाम बीमारियों की सूची में है, पर किडनी, कैंसर, ब्रेन, हार्ट और स्पाइनल की तरह लीवर के लिए अलग से कोई सहायता सीमा प्रकाशित नहीं है — न पुराने संस्करण में, न 2026 के संशोधन में। “अन्य जानलेवा बीमारी” वाली ₹2 लाख की सीमा ही सबसे नज़दीकी आँकड़ा है, पर लीवर सर्जरी पर यही दर लगेगी या नहीं, यह अलग से पुष्ट नहीं हुआ है। लीवर के मरीज़ आवेदन से पहले DAF या जिला कल्याण अधिकारी से ज़रूर पूछ लें।

मान्यता प्राप्त अस्पताल

सहायता सिर्फ मान्यता प्राप्त अस्पतालों में इलाज पर मिलती है। दिशा-निर्देशों में 10 अस्पतालों के नाम लिखे हैं, और इसके अलावा पूरी श्रेणियाँ भी मान्य हैं।

क्रम अस्पताल
1 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली व अन्य राज्यों के AIIMS
2 संजय गांधी स्नातकोत्तर संस्थान (SGPGI), लखनऊ, उत्तर प्रदेश
3 पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पटना, बिहार
4 जबलपुर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, जबलपुर, मध्य प्रदेश
5 बी. बरुआ कैंसर संस्थान, गुवाहाटी, असम
6 बिड़ला हार्ट फाउंडेशन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
7 कलिंगा अस्पताल लिमिटेड, भुवनेश्वर, ओडिशा
8 टाटा कैंसर अनुसंधान संस्थान, मुंबई, महाराष्ट्र
9 निज़ाम चिकित्सा विज्ञान संस्थान (NIMS), हैदराबाद, तेलंगाना
10 वॉलंटरी हेल्थ सर्विसेज़, चेन्नई, तमिलनाडु

इनके अलावा ये श्रेणियाँ भी मान्य हैं — CGHS से मान्यता प्राप्त अस्पताल; सभी राज्य सरकारी मेडिकल कॉलेज व उनसे जुड़े अस्पताल; राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त अस्पताल; केंद्र या राज्य सरकार से पूरी तरह वित्तपोषित अस्पताल; और जिला मुख्यालय/बड़े शहरों के सरकारी अस्पताल, जहाँ इन बीमारियों के इलाज की सुविधा हो। हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जैसे PGIMS, रोहतक) और जिला अस्पताल इसी श्रेणी में आते हैं। एक अपवाद भी है — अगर अध्यक्ष को किसी मामले में पक्का यकीन हो कि सूची से बाहर के अस्पताल में इलाज ज़रूरी है, तो उस अस्पताल के लिए भी मंज़ूरी दी जा सकती है।

ज़रूरी दस्तावेज़

आवेदन के साथ ये दस्तावेज़ देने होते हैं — कोई एक कागज़ छूटा तो मामला अटक जाएगा।

क्रम दस्तावेज़ टिप्पणी
1 आवेदन पत्र (निर्धारित प्रारूप) या सादे कागज़ पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन मरीज़ की फोटो सहित
2 मरीज़ की हाल की पासपोर्ट साइज़ फोटो आवेदन के साथ लगाएँ
3 इलाज की अनुमानित लागत का मूल प्रमाण पत्र संबंधित अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के हस्ताक्षर सहित; इसमें सर्जरी की तय तारीख लिखी हो
4 आय प्रमाण पत्र (ताज़ा) स्व-सत्यापित प्रति; DC कार्यालय से जारी
5 जाति प्रमाण पत्र (SC/ST) स्व-सत्यापित प्रति
6 राशन कार्ड / आधार कार्ड मरीज़ का; स्व-सत्यापित प्रति
7 किडनी प्रत्यारोपण के दस्तावेज़ दाता का विवरण (नाम, उम्र, पता, ब्लड ग्रुप, आधार) + मरीज़ से संबंध का प्रमाण (प्राधिकरण समिति का प्रमाण पत्र, फॉर्म 14)
8 कुल सहायता का प्रमाण पत्र फाउंडेशन + अन्य स्रोतों से मिली कुल सहायता अनुमानित लागत से ज़्यादा नहीं — इसका प्रमाण
9 अस्पताल के बैंक खाते का विवरण स्वीकृत राशि सीधे अस्पताल को भेजने के लिए

आवेदन कैसे करें?

इस योजना का आवेदन ऑफलाइन है — कोई ऑनलाइन पोर्टल या सरल (SARAL) सेवा इस योजना के लिए सत्यापित नहीं हुई है। नीचे दिए गए चरणों से आवेदन करें।

चरण क्या करें
1 मान्यता प्राप्त अस्पताल से इलाज की अनुमानित लागत का प्रमाण पत्र लें — मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के हस्ताक्षर सहित, सर्जरी की तारीख के साथ
2 आवेदन पत्र भरें — DAF की वेबसाइट (ambedkarfoundation.nic.in) से निर्धारित फॉर्म लें, या सादे कागज़ पर निर्धारित प्रारूप में लिखें; मरीज़ की फोटो लगाएँ
3 दस्तावेज़ जुटाएँ — आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड/आधार, अनुमानित लागत का प्रमाण पत्र (ऊपर दी गई सूची देखें)
4 सिफारिश/अग्रेषण — पुराने दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन की सिफारिश DAF की आम सभा के सदस्य / स्थानीय सांसद / संबंधित ज़िले के उपायुक्त (DC) / राज्य के स्वास्थ्य व समाज कल्याण सचिव से करवानी होती है; 2026 के पत्रों में यह शर्त दोहराई नहीं गई है — अपने जिला कल्याण अधिकारी (DSWO) से पूछकर ही आवेदन भेजें
5 आवेदन भेजें — निदेशक, डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन, 15 जनपथ, नई दिल्ली – 110001 को; इलाज की तारीख से कम से कम 15 दिन पहले आवेदन पहुँच जाना चाहिए (पते का विवाद नीचे देखें)
6 मंज़ूरी के बाद राशि सीधे अस्पताल को भेजी जाएगी; इलाज के बाद अस्पताल उपयोगिता प्रमाण पत्र व अंतिम बिल देगा; बची हुई राशि फाउंडेशन को लौटानी होगी

शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक

  • शुल्क: दिशा-निर्देशों में आवेदन का कोई शुल्क नहीं लिखा है।
  • समय-सीमा: दावे के निपटान की कोई समय-सीमा प्रकाशित नहीं है — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है। असली समय-सीमा यही है कि आवेदन इलाज की तय तारीख से कम से कम 15 दिन पहले फाउंडेशन तक पहुँच जाए।
  • स्टेटस चेक: ऑनलाइन स्टेटस देखने की कोई व्यवस्था प्रकाशित नहीं है — स्थिति DAF के फोन नंबरों (011-2335 7625, 011-2335 0576) पर या अपने जिला कल्याण अधिकारी से पूछें।
  • RTS: इस योजना के लिए सेवा का अधिकार (RTS) के तहत कोई समय-सीमा किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं मिली है — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है।
  • पते का विवाद: 2026 के पत्रों में पता “15 जनपथ, नई दिल्ली – 110001” लिखा है; दिशा-निर्देशों की PDF में पता “West Block-1, Wing-VII, Ground Floor, R.K. Puram, नई दिल्ली – 110066” लिखा है। डाक भेजने से पहले DAF से ताज़ा पता पूछ लें।

पैसा कैसे मिलेगा? — अस्पताल को सीधा भुगतान

मंज़ूरी के बाद राशि मरीज़ को नहीं मिलती — वह सीधे अस्पताल के बैंक खाते में NEFT/RTGS से भेजी जाती है, इलाज की अनुमानित लागत का 100%, बीमारी की तय सीमा तक। मरीज़ के खाते में पैसा नहीं आता, इसलिए इस योजना में “पैसा कब मिलेगा” का सवाल अस्पताल से जुड़ा है, मरीज़ से नहीं।

इलाज के बाद अस्पताल को उपयोगिता प्रमाण पत्र और अंतिम बिल फाउंडेशन को देने होते हैं। अगर स्वीकृत राशि में से कुछ बच जाए, तो वह तय समय में फाउंडेशन को लौटानी होती है।

  • फाउंडेशन + दूसरे स्रोतों से मिली कुल सहायता, इलाज की अनुमानित लागत से ज़्यादा नहीं हो सकती।
  • पहले से हो चुका इलाज (पुराना खर्च) इस योजना में नहीं मिलता — आवेदन इलाज से पहले ही करना होता है।
  • अगर इलाज की लागत तय सीमा से ज़्यादा हो, तो बाकी रकम मरीज़/परिवार को खुद उठानी होगी।

अंतर समझें — यह योजना बनाम दूसरी योजनाएँ

चिकित्सा सहायता की योजनाएँ एक-दूसरे से मिलती-जुलती लगती हैं, लेकिन हर योजना की शर्तें, रकम और देने वाला अलग है। गलत योजना में आवेदन करने से समय बर्बाद होगा।

  • यह योजना — डॉ. अंबेडकर मेडिकल एड (केंद्र) — गंभीर बीमारी की सर्जरी के लिए एकमुश्त सहायता, सीधे अस्पताल को; SC/ST, आय ₹5 लाख से कम; अधिकतम ₹3.5 लाख।
  • आयुष्मान भारत PM-JAY (केंद्र) — ₹5 लाख सालाना स्वास्थ्य बीमा; PM-JAY में कवर मरीज़ इस योजना में (किडनी प्रत्यारोपण को छोड़कर) पात्र नहीं।
  • चिरायु योजना (हरियाणा) — PM-JAY का हरियाणा विस्तार, ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज; क्या चिरायु-धारक भी इस योजना से बाहर हैं, यह 2026 के पत्र में अलग से साफ नहीं है — जिला कल्याण अधिकारी से पूछें।
  • दुर्लभ बीमारियों की आर्थिक सहायता (हरियाणा, SEWA) — दुर्लभ बीमारी के मरीज़ को ₹3,200 महीना; यह मासिक सहायता है, सर्जरी की एकमुश्त सहायता नहीं।
  • PMSBY (केंद्र) — ₹20 सालाना प्रीमियम पर ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा; यह बीमारी के इलाज की योजना नहीं, दुर्घटना का बीमा है।
  • CMHIS — नागालैंड की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना; हरियाणा से इसका कोई लेना-देना नहीं है — 2026 के शुरुआती पत्र में इसका ज़िक्र नागालैंड के संदर्भ में था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. इस योजना में कितनी सहायता मिलेगी?

इलाज की अनुमानित लागत का 100%, बीमारी की तय सीमा तक — अधिकतम ₹3.5 लाख। किडनी सर्जरी/डायलिसिस और किडनी/अंग प्रत्यारोपण पर ₹3.5 लाख, कैंसर पर ₹2.5 लाख, ब्रेन सर्जरी और अन्य जानलेवा बीमारी पर ₹2 लाख, हार्ट और स्पाइनल सर्जरी पर ₹1.5 लाख। राशि सीधे अस्पताल को दी जाती है, मरीज़ को नहीं।

2. आय सीमा क्या है?

पारिवारिक सालाना आय ₹5 लाख से कम — यह Revised-2026 (DAF पत्र, 27 जुलाई 2026) की सीमा है। ध्यान दें — DAF की अपनी वेबसाइट पर अप्रैल 2026 तक पुरानी ₹3 लाख वाली सीमा ही दिख रही थी। आवेदन से पहले DAF या जिला कल्याण अधिकारी से ताज़ा सीमा पूछ लें।

3. PM-JAY या चिरायु कार्ड वाले आवेदन कर सकते हैं?

PM-JAY में कवर मरीज़ पात्र नहीं — सिवाय किडनी प्रत्यारोपण के, जो PM-JAY में कवर नहीं होता। चिरायु योजना (हरियाणा का PM-JAY विस्तार) के धारकों पर यही नियम लागू होगा या नहीं, यह 2026 के पत्र में अलग से साफ नहीं है — जिला कल्याण अधिकारी से पूछकर ही आवेदन करें।

4. आवेदन कहाँ भेजना है?

निदेशक, डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन, 15 जनपथ, नई दिल्ली – 110001 — 2026 के पत्रों के अनुसार। इलाज की तय तारीख से कम से कम 15 दिन पहले आवेदन पहुँच जाना चाहिए। एक विवाद भी है — दिशा-निर्देशों की PDF में पता R.K. Puram वाला लिखा है — डाक भेजने से पहले DAF से ताज़ा पता पूछ लें।

5. हरियाणा में ST (अनुसूचित जनजाति) के मरीज़ आवेदन कर सकते हैं?

योजना के नियमों में SC/ST दोनों का नाम है, पर हरियाणा में कोई ST समुदाय अधिसूचित नहीं है — राज्य की सूची में SC की 37 जातियाँ हैं, ST की कोई सूची नहीं है। इसलिए हरियाणा से व्यावहारिक रूप से SC आवेदक ही लाभ ले सकते हैं।

6. लीवर की सर्जरी पर कितनी सहायता मिलेगी?

अलग से पुष्ट नहीं है। लीवर का नाम बीमारियों की सूची में है, पर इसके लिए कोई अलग सहायता सीमा प्रकाशित नहीं है — न पुराने संस्करण में, न 2026 के संशोधन में। “अन्य जानलेवा बीमारी” वाली ₹2 लाख की सीमा ही सबसे नज़दीकी आँकड़ा है, पर लीवर सर्जरी पर यही दर लगेगी या नहीं, यह अलग से पुष्ट नहीं हुआ है — DAF या जिला कल्याण अधिकारी से पूछें।

7. इलाज हो चुका हो तो क्या पुराना खर्च मिलेगा?

नहीं। यह योजना पहले से तय इलाज के लिए है — आवेदन इलाज की तारीख से कम से कम 15 दिन पहले फाउंडेशन तक पहुँचना होता है। पहले से हो चुका खर्च इस योजना में नहीं मिलता।

8. क्या आवेदन ऑनलाइन होगा?

नहीं — ऑफलाइन। इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन पोर्टल या सरल (SARAL) सेवा सत्यापित नहीं हुई है। निर्धारित फॉर्म DAF की वेबसाइट से मिलता है; हरियाणा में फॉर्म पहले haryanascbc.gov.in पर था, जो अब नहीं खुलता — विभाग अब SEWA विभाग है (sewa.haryana.gov.in)। फॉर्म अपने जिला कल्याण अधिकारी से भी मिल सकता है।

9. मंज़ूरी में कितना समय लगेगा?

दिशा-निर्देशों में दावे के निपटान की कोई समय-सीमा प्रकाशित नहीं है — कोई दिन गिनकर नहीं बताया जा सकता। इतना तय है कि आवेदन इलाज से 15 दिन पहले पहुँचना होता है, और राशि मंज़ूरी के बाद सीधे अस्पताल को भेजी जाती है। देरी हो तो DAF के फोन नंबरों (011-2335 7625, 011-2335 0576) पर पूछें।

10. ₹5 लाख वाली बात क्या है — क्या ₹5 लाख तक की सहायता मिलती है?

नहीं — ₹5 लाख आय की सीमा है, सहायता की सीमा नहीं। एक ज़िले के अधिकारी के बयान से यह गलतफहमी फैली थी। सहायता की सबसे बड़ी रकम ₹3.5 लाख है (किडनी सर्जरी/डायलिसिस और प्रत्यारोपण के लिए)।

आधिकारिक लिंक और संपर्क

नीचे दिए गए लिंक आधिकारिक स्रोतों के हैं। myScheme का विवरण पृष्ठ सत्यापित नहीं हुआ है, इसलिए myScheme को सूची के क्रमांक से बताया गया है, लिंक से नहीं।

  • DAF मेडिकल एड पेज: ambedkarfoundation.nic.in/medical.html — योजना की जानकारी, पात्रता, दस्तावेज़, अस्पताल, सहायता सीमा
  • DAF वेबसाइट: ambedkarfoundation.nic.in — फॉर्म व ताज़ा दिशा-निर्देश
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय: dosje.gov.in
  • myScheme — हरियाणा योजनाएँ: myScheme हरियाणा सूची, क्रमांक 147 — विवरण पृष्ठ का स्लग सत्यापित नहीं हुआ
  • DAF फोन: 011-2335 7625, 011-2335 0576 (DAF संपर्क पृष्ठ के अनुसार)
  • DAF पता: निदेशक, डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन, 15 जनपथ, नई दिल्ली – 110001 (2026 के पत्रों के अनुसार; PDF में R.K. Puram वाला पता भी लिखा है — ऊपर देखें)
  • हरियाणा में माध्यम: SEWA विभाग (sewa.haryana.gov.in) / अपने जिले के जिला कल्याण अधिकारी (DSWO) / उपायुक्त कार्यालय — पुरानी वेबसाइट haryanascbc.gov.in अब नहीं खुलती
  • संबंधित गाइड — आयुष्मान भारत PM-JAY: आयुष्मान भारत PM-JAY हरियाणा | दुर्लभ बीमारी सहायता ₹3,200: दुर्लभ बीमारियों की आर्थिक सहायता | PMSBY ₹2 लाख बीमा: प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

अस्वीकरण

यह गाइड 9 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों — डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन की वेबसाइट (ambedkarfoundation.nic.in/medical.html), “Dr. Ambedkar Medical Aid Scheme (Revised-2026)” पर राज्य सरकारों के पत्र (DAF का पत्र, 27 जुलाई 2026; नागालैंड DIPR पत्र, अगस्त–सितंबर 2026), लोकसभा उत्तर (22 नवंबर 2010) और PIB की वर्षांत उपलब्धि (वित्त वर्ष 2025-26 में ₹153.73 लाख, 64 लाभार्थी) — से तैयार की गई है। सबसे अहम बात: DAF की अपनी वेबसाइट पर अप्रैल 2026 तक पुराना (₹3 लाख आय सीमा वाला) संस्करण ही दिख रहा था, जबकि जुलाई 2026 के पत्र से संशोधित नियम लागू हो चुके हैं। सहायता राशि, पात्रता और प्रक्रिया बदल सकती है — आवेदन करने से पहले डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (011-2335 7625, 011-2335 0576) या अपने जिला कल्याण अधिकारी से ताज़ा जानकारी ज़रूर ले लें। जहाँ स्रोतों में अंतर है या जानकारी सत्यापित नहीं हुई है (खासकर मौजूदा आय सीमा व सहायता सीमा, लीवर सर्जरी की सीमा, PM-JAY/चिरायु का नियम, सिफारिश की शर्त, DAF का डाक पता, RTS समय-सीमा और ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था), वहाँ गाइड में साफ-साफ कहा गया है। विकसित हरियाणा किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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