हरियाणा सरकार की चिरायु योजना राज्य के परिवारों के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। 1 नवंबर 2026 से इस योजना का विस्तार लागू हो गया है, जिससे अब ज्यादा आय वाले परिवार भी इसमें शामिल हो सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के बाद नई आय सीमा और अंशदान की दरें लागू हुई हैं। इस गाइड में आप चिरायु योजना की नई आय सीमा, अंशदान, कवर, पात्रता और आवेदन की पूरी जानकारी सरल भाषा में पढ़ सकते हैं।
चिरायु योजना क्या है?
चिरायु योजना हरियाणा की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के ढांचे के तहत चलाई जाती है। इसका उद्देश्य राज्य के पात्र परिवारों को महंगे इलाज के खर्च से बचाना है, ताकि बीमारी के समय परिवार को इलाज के लिए अपनी बचत खर्च न करनी पड़े। इस योजना में परिवार को एक फ्लोटर कवर मिलता है, जिसका मतलब है कि 5 लाख रुपये की राशि पूरे परिवार के लिए एक साल में उपलब्ध रहती है, किसी एक सदस्य के लिए अलग से नहीं। योजना के तहत कुल 2,694 पैकेज शामिल हैं।
1 नवंबर 2026 से क्या बदला: नई आय सीमा और अंशदान
स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना 13 अक्टूबर 2026 के अनुसार, चिरायु योजना का विस्तार 1 नवंबर 2026 से लागू हुआ है। अब परिवार की आय के अनुसार अंशदान की तीन श्रेणियाँ तय की गई हैं। आय की जाँच परिवार पहचान पत्र (PPP) से सत्यापित वार्षिक पारिवारिक आय के आधार पर होती है। नई दरें इस प्रकार हैं:
| PPP से सत्यापित वार्षिक पारिवारिक आय | वार्षिक अंशदान |
|---|---|
| ₹1.80 लाख से ₹3 लाख तक | ₹1,500 |
| ₹3 लाख से ₹6 लाख तक | ₹4,000 |
| ₹6 लाख से अधिक | ₹5,000 |
पहली श्रेणी में अंशदान पहले की तरह ही 1,500 रुपये प्रति वर्ष रखा गया है, इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। दूसरी और तीसरी श्रेणी के परिवारों के लिए अब क्रमशः 4,000 रुपये और 5,000 रुपये प्रति वर्ष का अंशदान तय किया गया है। इस बदलाव से 3 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार भी अब योजना से जुड़ सकेंगे।
₹5 लाख का कवर: क्या मिलता है?
इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। यह राशि पूरे परिवार के लिए एक फ्लोटर कवर के रूप में होती है, इसलिए परिवार का कोई भी सदस्य जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग कर सकता है। इलाज सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस तरीके से कराया जा सकता है, और यह सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध है। योजना में कुल 2,694 पैकेज शामिल हैं।
पात्रता: PPP से आय कैसे तय होती है?
चिरायु योजना की पात्रता परिवार पहचान पत्र (PPP) में दर्ज और सत्यापित वार्षिक पारिवारिक आय के आधार पर तय होती है। इसलिए परिवार की आय का PPP में सही होना बहुत जरूरी है। PPP से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए आप हमारा हरियाणा PPP फैमिली आईडी गाइड पढ़ सकते हैं।
PPP की तरह राशन कार्ड भी परिवार की पहचान और पात्रता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी के लिए हमारा हरियाणा राशन कार्ड गाइड देखें।
आवेदन और नामांकन कैसे करें?
चिरायु योजना में नामांकन के लिए आधिकारिक पोर्टल chirayuayushmanharyana.in का उपयोग किया जाता है। नए कार्ड 1 नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक मान्य रहेंगे। नामांकन सार्वजनिक अस्पतालों, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से कराया जा सकता है। नामांकन के समय PPP से सत्यापित आय के आधार पर अंशदान की श्रेणी तय की जाती है।
कौन इस योजना से बाहर है?
कुछ श्रेणियों के लोग इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं। इनमें CGHS, ECHS, रेलवे स्वास्थ्य सेवाएँ, सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों की चिकित्सा सुविधाएँ शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इस योजना में शामिल नहीं हैं। यदि परिवार इनमें से किसी सुविधा का लाभ ले रहा है, तो वह चिरायु योजना के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चिरायु योजना में एक परिवार को कितना कवर मिलता है?
हर पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। यह कवर फ्लोटर के रूप में पूरे परिवार के लिए होता है, किसी एक सदस्य के लिए अलग से नहीं।
नई आय सीमा और अंशदान क्या है?
1 नवंबर 2026 से लागू नई व्यवस्था में PPP से सत्यापित वार्षिक पारिवारिक आय 1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक होने पर अंशदान 1,500 रुपये प्रति वर्ष है। 3 लाख से 6 लाख रुपये तक की आय पर 4,000 रुपये और 6 लाख रुपये से अधिक आय पर 5,000 रुपये प्रति वर्ष अंशदान देना होता है।
चिरायु कार्ड कब तक मान्य रहता है और नामांकन कहाँ होगा?
नए कार्ड 1 नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक मान्य रहेंगे। नामांकन आधिकारिक पोर्टल chirayuayushmanharyana.in के माध्यम से, सार्वजनिक अस्पतालों, CSC और आशा कार्यकर्ताओं के जरिए कराया जा सकता है।
कौन इस योजना से बाहर है?
CGHS, ECHS, रेलवे स्वास्थ्य सेवाएँ, सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों की चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लेने वाले परिवार, तथा केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी इस योजना के दायरे से बाहर हैं।
चिरायु योजना से जुड़ी यह जानकारी 5 नवंबर 2026 को सत्यापित तथ्यों पर आधारित है। इस योजना की घोषणा स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने की थी। हरियाणा से जुड़े अन्य उपयोगी उपकरण और गाइड के लिए हमारा हरियाणा यूटिलिटी टूल्स हब देखें।