गांधीनगर। गुजरात सरकार ने टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए ₹10 करोड़ का ग्रोथ फंड शुरू किया है। इस फंड की शुरुआत 4 नवंबर 2026 को गांधीनगर में आयोजित गुजरात इनोवेशन एंड टेक्नोप्रेन्योरशिप (जीइनटेक) कॉन्क्लेव 2026 में हुई। राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने इस फंड का शुभारंभ किया। यह कॉन्क्लेव सावली टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस इनक्यूबेटर (एसटीबीआई) की ओर से आयोजित किया गया। इस फंड का मकसद शुरुआती दौर के स्टार्टअप को आर्थिक सहारा देना और एडवांस स्टेज के स्टार्टअप को बाजार तक पहुंचने में मदद करना है।
इस ग्रोथ फंड के तहत दो तरह की मदद दी जाएगी। पहले चरण के स्टार्टअप, जिनका टेक्नोलॉजी रेडिनेस लेवल यानी टीआरएल चार तक है, उन्हें ₹30 लाख तक का अनुदान मिलेगा। यह अनुदान प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, टेक्नोलॉजी वैलिडेशन, ट्रायल और इससे जुड़े विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। यानी जो युवा अपनी तकनीकी सोच को अभी प्रयोग और परीक्षण के दौर में आगे बढ़ा रहे हैं, उन्हें इस रकम से अपने आइडिया को ठोस रूप देने में मदद मिलेगी। दूसरे चरण में टीआरएल पांच और उससे ऊपर के स्टार्टअप को इक्विटी से जुड़ी कन्वर्टिबल फंडिंग के रूप में प्रति स्टार्टअप ₹2 करोड़ तक की मदद मिलेगी। यह मदद पायलट मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी प्रदर्शन, बिजनेस मॉडल में बदलाव यानी पिवोटिंग और बाजार की जरूरत के हिसाब से उत्पाद विकसित करने जैसे कामों में काम आएगी।
कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि देशभर में करीब 2.6 लाख स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें से गुजरात में अनुमानित 18,000 से 20,000 सक्रिय स्टार्टअप काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिनसे युवा उद्यमी अपने आइडिया को शुरुआती सोच से उत्पादन के चरण तक ले जा सकें। उन्होंने कहा कि अब युवा सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं रहते, बल्कि खुद का व्यवसाय शुरू करके दूसरों के लिए भी रोजगार पैदा करना चाहते हैं। मंत्री के मुताबिक यह नया फंड टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप को प्रयोगशाला से बाजार तक का सफर तय करने में वित्तीय सहारा देगा। उन्होंने गुजरात के राष्ट्रीय स्टार्टअप मंच पर प्रदर्शन और वैश्विक जरूरतों के अनुरूप नवाचार विकसित करने के राज्य के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
जीइनटेक कॉन्क्लेव 2026 में ग्रोथ फंड के साथ-साथ स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कई और घोषणाएं भी हुईं। इसमें गुजरात के छह जोन में एसटीबीआई के आठ क्षेत्रीय इनोवेशन सेल की घोषणा शामिल है। इसके अलावा कोहॉर्ट आधारित एक्सेलेरेशन प्लेटफॉर्म, आत्मनिर्भर गुजरात फेलोज कार्यक्रम और शैडो इंटर्नशिप को बढ़ावा देने के उपायों की जानकारी दी गई। एसटीबीआई ने राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त एक्सेलेरेटर एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए, ताकि राज्य के स्टार्टअप को मजबूत सहयोग नेटवर्क मिल सके। कॉन्क्लेव में एसटीबीआई के निदेशक डॉ. आनंद भदलकर के साथ स्टार्टअप इकोसिस्टम, उद्योग, निवेश कंपनियों, इनक्यूबेटरों, एक्सेलेरेटरों और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
इस फंड से खास तौर पर उन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप को लाभ होगा, जो गुजरात में काम कर रहे हैं और अपनी तकनीक को बाजार में उतारने की तैयारी में हैं। शुरुआती स्टार्टअप के लिए ₹30 लाख तक का अनुदान इसलिए अहम है, क्योंकि इस दौर में प्रोटोटाइप बनाना, परीक्षण करना और तकनीक की पुष्टि करना सबसे खर्चीला और जोखिम भरा होता है। वहीं एडवांस स्टार्टअप के लिए ₹2 करोड़ तक की फंडिंग उत्पादन बढ़ाने और बाजार में जगह बनाने में मदद करेगी। इच्छुक स्टार्टअप आवेदन की शर्तों और पात्रता के लिए एसटीबीआई व गुजरात सरकार की आधिकारिक अधिसूचना देखें, क्योंकि राशि तभी मिलेगी जब निर्धारित मानदंड पूरे होंगे।

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