शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026 • हरियाणा 📱 WhatsApp Channel  |  मौसम  |  संपर्क
राजनीति

करनाल में अमित शाह की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, कांग्रेस की राजनीति पर तीखा हमला

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: करनाल में अमित शाह की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, कांग्रेस की राजनीति पर तीखा हमला
  • तारीख़: 5 नवम्बर 2026, 1:20 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: राजनीति
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को हरियाणा के करनाल में भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व किया। सेक्टर-12 से शुरू हुई यह पदयात्रा महात्मा गांधी चौक (कर्ण कैनाल) की ओर बढ़ी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल भी पदयात्रा में शामिल रहे। करनाल की सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी और कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया।

पदयात्रा के दौरान अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस की ‘अराजकता और तुष्टिकरण’ की राजनीति पूरी तरह उजागर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब जनता के बीच जाकर दिया जा रहा है। शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोकतंत्र की रक्षा का यह अभियान हर जिले तक पहुंचेगा और पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता इस संदेश को घर-घर पहुंचाएगा।

अमित शाह की करनाल पदयात्रा क्यों अहम है

यह पदयात्रा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित की गई। इससे पहले पार्टी ने राज्य के विभिन्न जिलों में जनसंपर्क और मार्च निकाले थे, और आयोजकों के अनुसार यह अभियान आगे हरियाणा के अन्य जिलों में भी पहुंचेगा। पदयात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, भारी वाहनों के लिए यातायात मार्ग में बदलाव किया गया था और तैयारियों की समीक्षा पहले ही की जा चुकी थी।

भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि यह अभियान केवल एक रैली नहीं है, बल्कि मतदाता सूची को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों के खिलाफ जनजागरण है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पारदर्शी है और इस पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर करता है। इसी संदेश के साथ अमित शाह ने करनाल में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और उन्हें बूथ स्तर तक इस बात को पहुंचाने का आह्वान किया। अभियान के आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम आगे हरियाणा के अन्य जिलों में भी आयोजित किए जा सकते हैं।

पदयात्रा के बाद क्या: अंबाला में 1857 शहीद स्मारक का उद्घाटन

करनाल पदयात्रा के बाद अमित शाह अंबाला जाएंगे, जहां दोपहर करीब 2 बजे 1857 के शहीद स्मारक का उद्घाटन निर्धारित है। यह स्मारक 1857 की क्रांति के शहीदों को समर्पित है और इसका निर्माण करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। अंबाला के कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ रहने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि करनाल की पदयात्रा और अंबाला का स्मारक उद्घाटन दोनों ही हरियाणा के लिए ऐतिहासिक दिन को दर्शाते हैं।

कुल मिलाकर, 5 नवंबर का दिन हरियाणा की राजनीति के लिहाज से अहम रहा। एक ओर करनाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पदयात्रा ने भारतीय जनता पार्टी के अभियान को नई ऊर्जा दी, तो दूसरी ओर अंबाला में शहीद स्मारक का उद्घाटन इतिहास के प्रति सम्मान का संदेश लेकर आएगा। आगे यह देखना होगा कि इस अभियान का असर आने वाले दिनों में हरियाणा के अन्य जिलों में किस रूप में दिखता है।


प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *