केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज यानी 5 नवंबर को हरियाणा के अंबाला छावनी में आजादी की पहली लड़ाई के वीर बलिदानियों को समर्पित भव्य शहीद स्मारक का लोकार्पण करेंगे। अंबाला के नन्हेड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के पास करीब 22 एकड़ क्षेत्र में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से यह स्मारक बनकर तैयार हुआ है। इसे एशिया के सबसे बड़े शहीद स्मारकों में से एक बताया जा रहा है। लोकार्पण के बाद अमित शाह अंबाला छावनी के गांधी ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
शहीद स्मारक 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान को समर्पित है। परिसर में बनी गैलरियों में आधुनिक तकनीक के जरिए उस दौर की लड़ाइयों, घटनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है। स्मारक में 63 मीटर ऊंचा कमल के फूल का प्रतीकात्मक ढांचा भी लगाया गया है। परिसर में लगभग 700 शहीदों के नाम सुनहरे अक्षरों में अंकित किए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां उन गुमनाम नायकों के बलिदान को जान सकें। हरियाणा की वीरभूमि पर बना यह स्मारक प्रदेश के गौरव में वृद्धि करने वाला माना जा रहा है।
कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने में प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 30 अक्टूबर को स्वयं अंबाला छावनी के गांधी ग्राउंड का दौरा कर रैली स्थल की तैयारियों का जायजा लिया था और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने भी अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर मुख्य मंच, बैठने की व्यवस्था, मीडिया गैलरी, वीआईपी मूवमेंट, बिजली, पेयजल और पार्किंग सुविधाओं की गहन समीक्षा की। अनिल विज ने कहा है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और गृह मंत्री को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग अंबाला छावनी पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 4 नवंबर को इस स्मारक को लेकर भावुक संदेश भी साझा किया। उन्होंने कहा कि 1857 में क्रांतिकारियों द्वारा प्रज्वलित स्वतंत्रता की लौ आज भी हमारे हृदय में देशप्रेम का भाव जगाती है और यह स्मारक उन वीरों के प्रति विनम्र नमन है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि अमित शाह का अंबाला आगमन प्रदेश के लिए गौरव और उत्साह का बड़ा अवसर है और हरियाणा की धरती पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के मार्गदर्शन में भी कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।
अंबाला का यह शहीद स्मारक देश का ऐसा पहला स्मारक माना जा रहा है जो विशेष रूप से 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को समर्पित है। यहां आने वाले पर्यटक और विद्यार्थी 1857 की क्रांति के इतिहास को करीब से समझ सकेंगे। प्रदेश सरकार का मानना है कि यह स्मारक न केवल शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है, बल्कि हरियाणा की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। आज का दिन अंबाला के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में जुड़ने जा रहा है।
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