हरियाणा सरकार की बौना भत्ता योजना के तहत पात्र वयस्कों को हर महीने ₹3200 की आर्थिक सहायता दी जाती है, यानी एक वर्ष में यह राशि ₹38400 हो जाती है। राज्य सरकार की 27 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के हवाले से इस योजना की जानकारी सामने आई है। यह योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तहत चलाई जाती है और इसका उद्देश्य बौनेपन से जीवन-यापन कर रहे पात्र लोगों को नियमित मासिक सहयोग देना है। यह एकमुश्त भुगतान नहीं है, बल्कि हर महीने मिलने वाली सहायता है, इसलिए आवेदकों को इसे मासिक भत्ते के रूप में ही समझना चाहिए।
यह योजना कोई नई शुरुआत नहीं है। सरकारी जानकारी के अनुसार बौना भत्ता 1 जून 2006 से लागू है। शुरुआत में यह राशि हर महीने केवल ₹300 थी, जिसे समय-समय पर बढ़ाया गया। विभाग की दर-सूची के अनुसार यह राशि 1 जनवरी 2024 से ₹3000 प्रति माह थी और 1 नवंबर 2025 से बढ़कर ₹3200 प्रति माह हो गई है। इसी क्रम में हरियाणा की कई सामाजिक सुरक्षा पेंशन और भत्ता योजनाओं की दर भी नवंबर 2025 से ₹3200 प्रति माह की गई थी, जिससे बौना भत्ता भी उसी बढ़ी हुई दर पर दिया जा रहा है। लंबे समय से चल रही इस योजना का लाभ उन परिवारों तक पहुँचाना सरकार का उद्देश्य है, जिन्हें दैनिक जीवन में अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता होती है।
पात्रता के लिए विभाग ने स्पष्ट मापदंड तय किए हैं। पुरुष आवेदक की लंबाई 3 फुट 8 इंच या उससे कम होनी चाहिए, जबकि महिला आवेदक की लंबाई 3 फुट 3 इंच या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही आवेदक हरियाणा का मूल निवासी हो और आवेदन के समय पिछले एक वर्ष से हरियाणा में रह रहा हो। सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज सिविल सर्जन द्वारा जारी प्रमाणपत्र है, जिसमें बौनेपन की पुष्टि की गई हो। बिना इस चिकित्सा प्रमाणपत्र के आवेदन पूरा नहीं माना जाता, इसलिए आवेदकों को पहले यह प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेना चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। पात्र व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन भरकर उसके बाद सत्यापित दस्तावेज संबंधित कार्यालय में जमा करते हैं। आवेदन पत्र सामाजिक न्याय विभाग के पेंशन पोर्टल pension.socialjusticehry.gov.in पर उपलब्ध है और विभाग की वेबसाइट socialjusticehry.gov.in पर भी बौना भत्ता आवेदन पत्र का पृष्ठ दिया गया है। आवेदन करते समय मूल निवास और निवास अवधि से जुड़े दस्तावेज, आयु का प्रमाण और सिविल सर्जन का प्रमाणपत्र तैयार रखना चाहिए, ताकि सत्यापन में देरी न हो। किसी भी शुल्क या बिचौलिए के झांसे में आने से बचें और केवल आधिकारिक पोर्टल व जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय से ही जानकारी लें।
इस योजना का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह सहायता हर महीने नियमित रूप से मिलती है, जिससे पात्र व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की जरूरतों की योजना बना सकते हैं। सरकार की ओर से जारी ताजा जानकारी के बाद अब यह स्पष्ट है कि पात्रता पूरी करने वाले आवेदक ₹3200 प्रति माह की दर से सहायता पा सकते हैं। आवेदन से पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पात्रता और दस्तावेजों की सूची एक बार फिर अवश्य जांच लें, क्योंकि वही जानकारी अंतिम मानी जाती है। सही दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन करने पर पात्र लोगों को इस कल्याणकारी योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के मिल सकता है।

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