उड़ान योजना के 10 साल: 1.72 करोड़ यात्रियों को मिला सस्ता हवाई सफर, देश में 687 रीजनल रूट शुरू
क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) ने 10 साल पूरे कर लिए हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इन 10 वर्षों में इस योजना के तहत 1.72 करोड़ यात्री सस्ते हवाई टिकटों से सफर कर चुके हैं। देशभर में 687 रीजनल हवाई रूट शुरू किए गए हैं और 95 एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और वॉटर एयरोड्रोम चालू किए गए हैं। उड़ान योजना अक्टूबर 2016 में मोदी सरकार ने शुरू की थी, ताकि आम नागरिक के लिए हवाई सफर सस्ता और सुलभ हो।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पीआईबी बैकग्राउंडर के मुताबिक योजना के तहत अब तक 3.68 लाख से ज्यादा उड़ानें संचालित की गईं। सरकार ने वायबिलिटी गैप फंडिंग के रूप में एयरलाइन कंपनियों को 5,091.23 करोड़ रुपये दिए, ताकि छोटे शहरों के लिए उड़ानें आर्थिक रूप से चलाई जा सकें। हवाई टिकटों पर कीमत की सीमा और रियायतों की व्यवस्था ने आम यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचाया।
सरकार ने अगले 10 साल के लिए ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना को मंजूरी दी है, जिसका कुल बजट 28,840 करोड़ रुपये रखा गया है। इसका क्रियान्वयन वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक होगा। इसके तहत मौजूदा बंद हवाई पट्टियों से 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे और पहाड़ी, दूरदराज व आकांक्षी जिलों में 200 आधुनिक हेलीपैड बनाए जाएंगे। लगभग 441 एयरपोर्टों के संचालन-रखरखाव के लिए भी सहायता दी जाएगी।
आत्मनिर्भर भारत के तहत पवन हंस के लिए एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के लिए एचएएल डोर्नियर विमान खरीदे जाएंगे। रीजनल रूटों पर एयरलाइनों को वायबिलिटी गैप फंडिंग के लिए 10,043 करोड़ रुपये रखे गए हैं, ताकि छोटे शहरों की उड़ानें टिकाऊ बनी रहें।
देशभर के 21 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश पहले ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। नई योजना का लक्ष्य 120 नए गंतव्य जोड़ना और करीब 4 करोड़ यात्रियों को जोड़ना है। पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी इससे बढ़ावा मिलेगा, खासकर धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
