गुरु नानक देव जी की जन्मस्थली ननकाना साहिब, गुरु गोबिंद सिंह जी की जन्मस्थली पटना साहिब, तख्त सचखंड श्री हज़ूर साहिब (नांदेड़) और ऊँचे पहाड़ों में स्थित श्री हेमकुंट साहिब — ये चारों पवित्र स्थान सिख श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़े तीर्थ हैं। हरियाणा सरकार इन चारों स्थानों की यात्रा पूरी करने वाले अपने राज्य के श्रद्धालुओं को ₹20,000 की आर्थिक सहायता देती है। अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस सहायता का वार्षिक कोटा 50 से बढ़ाकर 100 श्रद्धालु कर दिया है। इस गाइड में स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना 2016 की पूरी जानकारी है — कितनी सहायता मिलती है, कौन पात्र है, यात्रा के बाद दावा कैसे करें, कौन-से दस्तावेज़ चाहिए और किन बातों में अभी भी पुष्टि बाकी है।
पहले एक ज़रूरी बात समझ लें: यह योजना मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना जैसी मुफ्त यात्रा नहीं है, और न ही इसमें सरकार पहले से यात्रा कराती है। गुरु दर्शन यात्रा श्रद्धालु राज्य सरकार, केंद्र सरकार या किसी मान्यता प्राप्त संस्था (सोसाइटी) के माध्यम से करते हैं — जैसे हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के जत्थे — और यात्रा के बाद हरियाणा सरकार से आर्थिक सहायता का दावा करते हैं। दावा यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर करना होता है। जो इस बात को नहीं समझता, वह सहायता से चूक सकता है।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना 2016 (अधिसूचना संख्या TM/AP.I/2016/2621, दिनांक 12.07.2016) |
| विभाग | पर्यटन विभाग, हरियाणा सरकार (Haryana Tourism Department) |
| यात्रा | श्री हज़ूर साहिब (नांदेड़), श्री ननकाना साहिब (पाकिस्तान), श्री हेमकुंट साहिब (उत्तराखंड), श्री पटना साहिब (बिहार) |
| आर्थिक सहायता | ₹20,000 प्रति श्रद्धालु (अक्टूबर 2026 में पर्यटन विभाग के आयुक्त के अनुसार); 2016 की अधिसूचना में ₹6,000 या वास्तविक खर्च का 50%, जो कम हो |
| वार्षिक कोटा | 100 श्रद्धालु प्रति वर्ष (अक्टूबर 2026 से; पहले 50) |
| पात्रता | हरियाणा का स्थायी निवासी; यात्रा राज्य सरकार/केंद्र सरकार/सोसाइटी के माध्यम से पूरी की हो; यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र |
| सहायता की प्रकृति | यात्रा के बाद दावा (reimbursement) — पहले यात्रा, फिर सहायता |
| दावा करने की समय-सीमा | यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर |
| दावा कहाँ करें | पर्यटन विभाग के निदेशक (Director, Tourism Department, Haryana) को, निर्धारित प्रारूप Annexure A में |
| आवेदन शुल्क | योजना में कोई शुल्क दर्ज नहीं है (यात्रा का अपना खर्च अलग है) |
| ऑनलाइन पोर्टल | अक्टूबर 2026 में ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल बनाने के निर्देश; 8 नवंबर 2026 तक पोर्टल शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई |
| संपर्क | पर्यटन विभाग, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ — 0172-2702955 |
गुरु दर्शन यात्रा क्या है?
गुरु दर्शन यात्रा का मतलब है — सिख धर्म के गुरुओं से जुड़े चार प्रमुख पवित्र स्थानों के दर्शन। हरियाणा सरकार की यह योजना 2016 में राज्य की स्वर्ण जयंती (50 वर्ष पूरे होने) के मौके पर शुरू हुई थी — इसलिए इसका नाम “स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना” रखा गया। योजना के तहत चार स्थानों की यात्रा पर आर्थिक सहायता दी जाती है।
इन चारों स्थानों का अपना-अपना धार्मिक महत्व है — ननकाना साहिब गुरु नानक देव जी की जन्मस्थली है, पटना साहिब गुरु गोबिंद सिंह जी की जन्मस्थली है, हज़ूर साहिब (नांदेड़) वह स्थान है जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपना अंतिम समय बिताया, और हेमकुंट साहिब ऊँचे हिमालय में स्थित वह पवित्र स्थान है जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी ने तपस्या की थी।
| स्थान | कहाँ है | महत्व |
|---|---|---|
| श्री हज़ूर साहिब (तख्त सचखंड श्री हज़ूर साहिब) | नांदेड़, महाराष्ट्र | गुरु गोबिंद सिंह जी का अंतिम निवास स्थान; पाँच तख्तों में से एक |
| श्री ननकाना साहिब | ननकाना साहिब, पाकिस्तान (लाहौर के पास) | गुरु नानक देव जी की जन्मस्थली; यात्रा पाकिस्तान जाने वाले जत्थे से होती है |
| श्री हेमकुंट साहिब | चमोली ज़िला, उत्तराखंड (लगभग 4,632 मीटर की ऊँचाई पर) | हिमालय में स्थित पवित्र गुरुद्वारा; गुरु गोबिंद सिंह जी की तपस्या स्थली |
| श्री पटना साहिब (तख्त श्री हरमंदिर जी) | पटना, बिहार | गुरु गोबिंद सिंह जी की जन्मस्थली; पाँच तख्तों में से एक |
कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
इस सवाल का जवाब दो हिस्सों में है — क्योंकि 2016 की अधिसूचना और अक्टूबर 2026 की घोषणा में अलग-अलग राशियाँ कही गई हैं। अक्टूबर 2026 में पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने 22 अक्टूबर 2026 की समीक्षा बैठक (अध्यक्षता: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी) में कहा कि गुरु दर्शन यात्रा के लिए सहायता ₹20,000 प्रति श्रद्धालु है — और उसी बैठक में वार्षिक कोटा 50 से बढ़ाकर 100 श्रद्धालु कर दिया गया।
लेकिन 2016 की मूल अधिसूचना में सहायता ₹6,000 या वास्तविक खर्च का 50%, जो कम हो, लिखी थी। और मई 2026 में मुख्यमंत्री के एक बयान में भी इन चारों स्थानों की यात्रा के लिए ₹6,000 प्रति श्रद्धालु की ही बात कही गई थी। यानी ₹6,000 से ₹20,000 तक राशि कब और किस आदेश से बढ़ी — इसकी पुष्टि किसी सार्वजनिक दस्तावेज़ से नहीं हो सकी है। इसलिए दावा करने से पहले पर्यटन विभाग से वर्तमान राशि की पुष्टि ज़रूर करें — इस गाइड में अक्टूबर 2026 की घोषणा के आधार पर ₹20,000 लिखा जा रहा है, जो उस समय विभाग द्वारा बताई गई वर्तमान दर है।
ध्यान दें: 2016 की अधिसूचना में सहायता “₹6,000 या वास्तविक खर्च का 50%, जो कम हो” थी। अक्टूबर 2026 की घोषणा में सिर्फ “₹20,000 प्रति श्रद्धालु” कहा गया है — 50% की पुरानी शर्त अब भी लागू है या नहीं, इसकी पुष्टि घोषणा में नहीं हुई है। दावा करने से पहले विभाग से 50% की शर्त की पुष्टि ज़रूर करें।
सहायता राशि का इतिहास — ₹6,000 से ₹20,000 तक
इस योजना की राशि और कोटा समय के साथ इस प्रकार बदले हैं:
| समय | सहायता | वार्षिक कोटा | स्रोत |
|---|---|---|---|
| 1 अप्रैल 2016 | ₹6,000 या वास्तविक खर्च का 50% (जो कम हो) | 50 श्रद्धालु | योजना लागू — “Swarn Jayanti Guru Darshan Yatra Scheme, 2016” |
| 12 जुलाई 2016 | वही नियम | 50 श्रद्धालु | अधिसूचना संख्या TM/AP.I/2016/2621 जारी |
| 9 अगस्त 2016 | ₹6,000 या 50% (जो कम हो) | 50 श्रद्धालु | पर्यटन मंत्री राम बिलास शर्मा का बयान (The Tribune) |
| मई 2026 | ₹6,000 प्रति श्रद्धालु बताया गया | 50 श्रद्धालु | मुख्यमंत्री का बयान — सिरसा से हज़ूर साहिब विशेष ट्रेन के मौके पर |
| 22 अक्टूबर 2026 | ₹20,000 प्रति श्रद्धालु (राशि विभाग के अनुसार वर्तमान दर) | 100 श्रद्धालु | पर्यटन विभाग के आयुक्त का बयान; CM ने कोटा दोगुना किया (22 अक्टूबर 2026) |
ऊपर की तालिका से साफ है कि ₹6,000 से ₹20,000 तक की बढ़ोतरी किस तारीख को हुई, यह सार्वजनिक स्रोतों से सत्यापित नहीं हो सका है — मई 2026 में ₹6,000 कहा गया था और अक्टूबर 2026 में ₹20,000 कहा गया। हो सकता है कि बढ़ोतरी इन्हीं पाँच महीनों के बीच हुई हो, लेकिन इस बारे में गाइड में कोई अनुमान नहीं दिया जा रहा है।
पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
योजना की अधिसूचना के अनुसार आर्थिक सहायता के लिए ये शर्तें पूरी होनी चाहिए:
- हरियाणा का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है — हरियाणा का स्थायी निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल) देना होगा। दूसरे राज्य के निवासी इस योजना से सहायता नहीं पा सकते।
- यात्रा राज्य सरकार, केंद्र सरकार या किसी मान्यता प्राप्त सोसाइटी के माध्यम से पूरी की हो — जैसे हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) या किसी पंजीकृत संस्था के जत्थे से। अकेले अपनी मर्ज़ी से की गई निजी यात्रा इस योजना में नहीं आती।
- यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र देना होगा — यह प्रमाण पत्र उसी राज्य सरकार/केंद्र सरकार/सोसाइटी से मिलता है जिसके माध्यम से यात्रा की गई हो। बिना इसके दावा स्वीकार नहीं होगा।
- आर्थिक सहायता एक श्रद्धालु को जीवन में सिर्फ एक बार मिलती है — जिसने एक बार यह सहायता ले ली, वह दोबारा इसका दावा नहीं कर सकता।
आय सीमा: योजना की अधिसूचना में कोई आय सीमा दर्ज नहीं है — न न्यूनतम आय, न अधिकतम आय। आयु सीमा: अधिसूचना में कोई आयु सीमा भी दर्ज नहीं है — यह योजना किसी भी आयु के हरियाणा निवासी के लिए है, बशर्ते वह बाकी शर्तें पूरी करता हो। यह बात इसलिए लिखी जा रही है क्योंकि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में 60+ की आयु शर्त है — वह शर्त इस योजना पर लागू नहीं होती।
कौन पात्र नहीं है?
- जो हरियाणा का स्थायी निवासी नहीं है — दूसरे राज्य के निवासी हरियाणा सरकार की इस योजना से दावा नहीं कर सकते।
- जिसने यात्रा राज्य सरकार/केंद्र सरकार/सोसाइटी के माध्यम से नहीं, बल्कि पूरी तरह निजी तौर पर की हो — योजना में अधिकृत माध्यम से यात्रा अनिवार्य है।
- जिसके पास यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं है — बिना प्रमाण पत्र के दावा स्वीकार नहीं होगा।
- जिसने पहले ही इस योजना की आर्थिक सहायता एक बार ले ली हो — जीवन में एक बार का नियम लागू होता है।
- जिसने यात्रा ही नहीं की हो — बिना यात्रा किए सहायता का दावा नहीं किया जा सकता; यह योजना यात्रा से पहले की अग्रिम सहायता नहीं है।
- जिसने यात्रा के 2 महीने बाद दावा किया हो — दावा करने की समय-सीमा बीत जाने पर दावा स्वीकार नहीं होगा।
चारों स्थानों की यात्रा — कैसे होती है?
गुरु दर्शन यात्रा कोई एक तय तारीखों वाला कार्यक्रम नहीं है — चारों स्थानों की यात्रा अलग-अलग समय पर, अलग-अलग माध्यमों से होती है। आमतौर पर यात्रा इस प्रकार होती है:
| स्थान | यात्रा कैसे होती है | खास बात |
|---|---|---|
| श्री हज़ूर साहिब, नांदेड़ | ट्रेन/सड़क मार्ग से; विशेष ट्रेनें भी चलती हैं (जैसे 15 मई 2026 को सिरसा से विशेष ट्रेन) | महाराष्ट्र में; साल भर यात्रा हो सकती है |
| श्री ननकाना साहिब, पाकिस्तान | HSGMC/SGPC के जत्थे से, केंद्रीय गृह मंत्रालय के कोटे के तहत; पासपोर्ट + वीज़ा अनिवार्य | साल में खास मौकों पर जत्थे जाते हैं (जैसे गुरु नानक जयंती, बैसाखी) |
| श्री हेमकुंट साहिब, उत्तराखंड | सड़क + पैदल मार्ग (गोविंदघाट से लगभग 19 किमी पैदल/घोड़ा/पालकी) | ऊँचाई लगभग 4,632 मीटर; यात्रा सीज़न आमतौर पर मई–अक्टूबर |
| श्री पटना साहिब, बिहार | ट्रेन/सड़क मार्ग से; साल भर यात्रा हो सकती है | गुरु गोबिंद सिंह जी की जन्मस्थली; प्रकाश पर्व पर बड़ी संगत |
यात्रा का माध्यम वही मान्य है जो अधिसूचना में लिखा है — राज्य सरकार, केंद्र सरकार या पंजीकृत सोसाइटी। इसलिए यात्रा करने से पहले यह ज़रूर जाँच लें कि आपका जत्था या आयोजक इनमें से किसी एक श्रेणी में आता है या नहीं — नहीं तो दावा नहीं मिलेगा।
ननकाना साहिब (पाकिस्तान) — खास बातें
चारों स्थानों में ननकाना साहिब सबसे अलग है, क्योंकि यह पाकिस्तान में है। इसकी यात्रा के लिए कुछ खास बातें जानना ज़रूरी है:
- जत्थे से यात्रा: ननकाना साहिब की यात्रा हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) या शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के जत्थे के साथ होती है — केंद्रीय गृह मंत्रालय हर जत्थे के लिए कोटा तय करता है। HSGMC को अधिकतम 200 श्रद्धालुओं का कोटा मिला हुआ है, और कमेटी ने इसे 700 करने की माँग की है।
- पासपोर्ट और वीज़ा अनिवार्य: पाकिस्तान जाने के लिए वैध पासपोर्ट और वीज़ा चाहिए — अधिसूचना में भी वीज़ा और पासपोर्ट की सत्यापित प्रति दस्तावेज़ों में माँगी गई है।
- 2026 का जत्था: गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व (24 नवंबर 2026) पर जत्था 22 नवंबर 2026 को पाकिस्तान जाएगा और 1 दिसंबर 2026 को लौटेगा — इस जत्थे के लिए 600 से ज़्यादा आवेदन पहले ही आ चुके हैं।
- जून 2026 की घटना: जून 2026 में हरियाणा के 94 श्रद्धालुओं को वीज़ा मिलने के बावजूद सीमा पर रोक दिया गया था — पहली बार ऐसा हुआ था। HSGMC ने इसकी जाँच के लिए पाँच सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसलिए जत्थे से जुड़ी ताज़ा जानकारी यात्रा से पहले HSGMC से ज़रूर लें।
2026 की स्थिति — क्या हुआ?
2026 में इस योजना से जुड़ी दो बड़ी बातें हुईं:
| तारीख | घटना | स्थिति (8 नवंबर 2026 तक) |
|---|---|---|
| 15 मई 2026 | मुख्यमंत्री ने सिरसा से हज़ूर साहिब (नांदेड़) के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाई — 800 से ज़्यादा श्रद्धालु गए | हो चुका — यह मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत थी, गुरु दर्शन योजना से अलग |
| जून 2026 | पाकिस्तान जाने वाले हरियाणा के 94 श्रद्धालुओं को सीमा पर रोका गया | हो चुका — HSGMC जाँच कमेटी बनाई गई |
| 22 अक्टूबर 2026 | मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक — गुरु दर्शन, कैलाश मानसरोवर और सिंधु दर्शन तीनों का कोटा 50 से 100 किया गया; ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल बनाने के निर्देश | घोषणा हो चुकी — पोर्टल अभी शुरू नहीं हुआ है |
| 22 नवंबर – 1 दिसंबर 2026 | गुरु नानक जयंती पर ननकाना साहिब (पाकिस्तान) जाने वाला HSGMC जत्था | आने वाला है — 600+ आवेदन मिले हैं |
ध्यान दें: 15 मई 2026 की विशेष ट्रेन मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत चली थी — वह 60+ वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त यात्रा की योजना है। गुरु दर्शन योजना उससे अलग है — इसमें यात्रा के बाद ₹20,000 की सहायता का दावा किया जाता है। दोनों योजनाओं को आपस में न मिलाएँ।
दावा प्रक्रिया — चरण-दर-चरण
इस योजना में सबसे ज़रूरी बात यह है कि सहायता यात्रा से पहले नहीं, यात्रा के बाद मिलती है। पहले अधिकृत माध्यम से यात्रा पूरी करें, उसके बाद दावा करें। दावा यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर पर्यटन विभाग के निदेशक को निर्धारित प्रारूप (Annexure A) में करना होता है।
SARAL पोर्टल को लेकर सावधानी: कुछ वेबसाइटों पर “अंत्योदय-SARAL पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन करें” लिखा है, लेकिन SARAL पर इस योजना की कोई सेवा सत्यापित नहीं हो सकी है। उल्टा, अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री ने इन तीनों तीर्थ योजनाओं (गुरु दर्शन, कैलाश मानसरोवर, सिंधु दर्शन) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल बनाने के निर्देश ही दिए हैं — जिसका मतलब है कि अभी तक ऐसा कोई पोर्टल शुरू नहीं हुआ है। इसलिए इस गाइड में SARAL से आवेदन की प्रक्रिया नहीं दी जा रही है — सत्यापित तरीका ऑफलाइन दावा ही है। पोर्टल शुरू होते ही गाइड अपडेट की जाएगी।
यात्रा के बाद दावा करने की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:
- अधिकृत माध्यम से यात्रा पूरी करें: राज्य सरकार, केंद्र सरकार या पंजीकृत सोसाइटी (जैसे HSGMC) के जत्थे/कार्यक्रम से चारों में से किसी भी स्थान की यात्रा करें। यात्रा के सभी खर्चों के बिल और रसीदें संभालकर रखें — दावा करते समय खर्च का प्रमाण चाहिए होगा।
- पूर्णता प्रमाण पत्र लें: यात्रा पूरी होने का प्रमाण पत्र उसी राज्य सरकार/केंद्र सरकार/सोसाइटी से लें जिसके माध्यम से यात्रा की थी। यह दस्तावेज़ दावे के लिए अनिवार्य है।
- Annexure A भरें: निर्धारित प्रारूप (Annexure A) में आवेदन भरें — आवेदक का नाम, पिता/पति का नाम, जन्म तिथि, पूरा वर्तमान पता, टेलीफोन/मोबाइल नंबर, यात्रा की तारीख (से–तक) और यात्रा पर हुआ खर्च (प्रमाण सहित)।
- दस्तावेज़ जोड़ें: नीचे दी गई सूची के सभी दस्तावेज़ संलग्न करें, साथ में यह घोषणा कि आपने पहले कभी यह आर्थिक सहायता नहीं ली है और आगे भी नहीं लेंगे।
- निदेशक को जमा करें: यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर आवेदन Director, Tourism Department, Haryana को जमा करें — कार्यालय: हरियाणा पर्यटन निगम, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ – 160017।
- मंज़ूरी और भुगतान: निदेशक दस्तावेज़ों की जाँच करके 15 दिन के भीतर मामला Administrative Secretary, Tourism Department, Haryana को भेजते हैं; मंज़ूरी के बाद आर्थिक सहायता जारी होती है।
ज़रूरी दस्तावेज़
दावे के साथ ये दस्तावेज़ लगाने होते हैं (अधिसूचना के Annexure A के अनुसार):
| दस्तावेज़ | क्यों चाहिए |
|---|---|
| हरियाणा स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile) की सत्यापित प्रति | हरियाणा का स्थायी निवासी होने का प्रमाण |
| यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति (राज्य सरकार/केंद्र सरकार/सोसाइटी से) | अधिकृत माध्यम से यात्रा पूरी होने का प्रमाण — अनिवार्य; बिना इसके दावा स्वीकार नहीं होगा |
| वीज़ा और पासपोर्ट की सत्यापित प्रति (यदि ज़रूरी हो) | यात्रा और पहचान का प्रमाण — ननकाना साहिब (पाकिस्तान) की यात्रा के लिए अनिवार्य |
| यात्रा पर हुए खर्च का प्रमाण | वास्तविक खर्च के बिल/रसीदें — 50% की शर्त लागू होने पर ज़रूरी |
| घोषणा पत्र | यह घोषणा कि आपने पहले कभी यह आर्थिक सहायता नहीं ली है और आगे भी नहीं लेंगे |
| पासपोर्ट साइज़ फोटो | आवेदन पत्र (Annexure A) पर लगाने के लिए |
| बैंक विवरण | भुगतान के लिए खाता विवरण — 2016 के प्रारूप में भुगतान Demand Draft से होता था; वर्तमान भुगतान माध्यम सत्यापित नहीं है, विभाग से पूछें |
नोट: पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम होता है — दावा करते समय विभाग जो अतिरिक्त दस्तावेज़ माँगे, वह भी देना होगा।
दावा मंज़ूरी की प्रक्रिया
दावा जमा होने के बाद मंज़ूरी की प्रक्रिया इस प्रकार चलती है:
| चरण | क्या होता है | समय |
|---|---|---|
| 1. जाँच | पर्यटन विभाग के निदेशक (Director, Tourism Department, Haryana) आवेदन और दस्तावेज़ों की जाँच करते हैं | आवेदन मिलने पर |
| 2. अग्रेषण | निदेशक मामला Administrative Secretary, Government of Haryana, Tourism Department को भेजते हैं | 15 दिन के भीतर |
| 3. मंज़ूरी | Administrative Secretary की मंज़ूरी के बाद आर्थिक सहायता जारी होती है | मंज़ूरी के बाद |
| 4. भुगतान | 2016 के योजना-पाठ के अनुसार सहायता Demand Draft से जारी होती थी | मंज़ूरी के बाद |
भुगतान के माध्यम को लेकर सावधानी: 2016 के योजना-पाठ में भुगतान Demand Draft से होने की बात है, लेकिन वर्तमान में भुगतान DBT (बैंक खाते में सीधे) से होता है या अब भी Demand Draft से — यह सत्यापित नहीं हो सका है। दावा करते समय विभाग से भुगतान का माध्यम ज़रूर पूछ लें। इस योजना की कोई RTS समय-सीमा प्रकाशित नहीं है, इसलिए मंज़ूरी में कितना समय लगेगा, इसका कोई आधिकारिक आँकड़ा गाइड में नहीं दिया जा रहा है।
शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक
| विषय | स्थिति |
|---|---|
| आवेदन शुल्क (हरियाणा योजना) | योजना में कोई शुल्क दर्ज नहीं है — दावा निःशुल्क है |
| यात्रा का खर्च | यात्रा का अपना खर्च श्रद्धालु खुद उठाता है; सहायता यात्रा के बाद मिलती है |
| दावा करने की समय-सीमा | यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर — यही इस योजना की असली “अंतिम तिथि” है |
| मंज़ूरी की प्रक्रिया | निदेशक → 15 दिन में Administrative Secretary को → मंज़ूरी → भुगतान |
| भुगतान | 2016 के पाठ में Demand Draft; वर्तमान माध्यम सत्यापित नहीं — विभाग से पूछें |
| स्टेटस चेक (ऑनलाइन) | कोई ऑनलाइन स्टेटस पोर्टल सत्यापित नहीं है — विभाग से ही संपर्क करें |
| स्टेटस चेक (ऑफलाइन) | पर्यटन विभाग, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ — फोन 0172-2702955 |
| अंतिम तिथि (last date) | कोई स्थायी अंतिम तिथि नहीं है — हर यात्रा के बाद 2 महीने की दावा-खिड़की होती है; 2026 के लिए कोई तय तारीख नहीं है |
| लाभ की आवृत्ति | एक श्रद्धालु को जीवन में सिर्फ एक बार |
ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल — नया निर्देश
22 अक्टूबर 2026 की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को तीनों तीर्थ योजनाओं — स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा और सिंधु दर्शन यात्रा — के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। घोषणा के अनुसार आर्थिक सहायता सिर्फ पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही मिलेगी, ताकि आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी हो और योग्य श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिले।
लेकिन 8 नवंबर 2026 तक पोर्टल का नाम, लिंक या शुरू होने की तारीख घोषित नहीं हुई है — इसलिए इस गाइड में कोई पोर्टल लिंक नहीं दिया जा रहा है। पोर्टल शुरू होते ही इस गाइड को अपडेट किया जाएगा। तब तक दावा ऑफलाइन ही करना होगा — पोर्टल के नाम पर किसी अनौपचारिक लिंक या व्यक्ति को पैसे न दें।
अंतर समझें — गुरु दर्शन vs सिंधु vs कैलाश vs तीर्थ यात्रा
हरियाणा सरकार की तीनों तीर्थ सहायता योजनाएँ एक जैसी लगती हैं — लेकिन राशि और यात्रा अलग-अलग हैं। अक्टूबर 2026 की घोषणा के बाद तीनों का कोटा 100-100 श्रद्धालु हो गया है:
| योजना | सहायता | वार्षिक कोटा | यात्रा |
|---|---|---|---|
| स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना 2016 | ₹20,000 प्रति श्रद्धालु (2016 में ₹6,000 या 50%, जो कम हो) | 100 | हज़ूर साहिब, ननकाना साहिब, हेमकुंट साहिब, पटना साहिब — राज्य/केंद्र सरकार/सोसाइटी के माध्यम से |
| सिंधु दर्शन यात्रा योजना 2016 | ₹20,000 प्रति श्रद्धालु | 100 | सिंधु नदी, लेह-लद्दाख (जून, गुरु पूर्णिमा) |
| कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना 2016 | ₹50,000 या वास्तविक खर्च का 50% (जो कम हो) | 100 | कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील, तिब्बत — MEA के माध्यम से (जून–अगस्त) |
| मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना | मुफ्त यात्रा (3rd AC ट्रेन, खाना, ठहरना) | बैच अनुसार | 60+ वरिष्ठ नागरिकों के लिए; SARAL से आवेदन (पूरी गाइड वेबसाइट पर है) |
तीनों सहायता योजनाओं में एक समान बात यह है कि सहायता यात्रा के बाद दावा करके मिलती है, जबकि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में सरकार खुद यात्रा कराती है। गुरु दर्शन योजना में एक और खास बात है — यात्रा राज्य सरकार, केंद्र सरकार या पंजीकृत सोसाइटी के माध्यम से ही मान्य है, जबकि कैलाश योजना में यात्रा सिर्फ MEA के माध्यम से मान्य है।
यात्रा की तैयारी — जाने से पहले
गुरु दर्शन यात्रा पर जाने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
- माध्यम पहले से तय करें: यात्रा राज्य सरकार, केंद्र सरकार या पंजीकृत सोसाइटी के जत्थे से ही करें — निजी तौर पर की गई यात्रा पर दावा नहीं मिलेगा। जत्थे की जानकारी HSGMC या पर्यटन विभाग से लें।
- पासपोर्ट और वीज़ा तैयार रखें: ननकाना साहिब (पाकिस्तान) जाने के लिए वैध पासपोर्ट और वीज़ा अनिवार्य है — जत्थे के साथ भी वीज़ा की प्रक्रिया समय पर पूरी करें।
- ऊँचाई का ध्यान रखें: हेमकुंट साहिब लगभग 4,632 मीटर की ऊँचाई पर है — ऊँचाई की बीमारी से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह लें और फिटनेस पर ध्यान दें।
- सभी बिल और रसीदें संभालें: यात्रा के टिकट, होटल और परिवहन के सभी बिल संभालकर रखें — दावा करते समय खर्च का प्रमाण चाहिए होगा।
- पूर्णता प्रमाण पत्र यात्रा के दौरान ही लें: यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र जत्थे/आयोजक से यात्रा के अंत में मिलता है — इसे संभालकर रखें, क्योंकि दावे के लिए यह अनिवार्य है।
- दावे की समय-सीमा याद रखें: लौटने के बाद 2 महीने के भीतर दावा करना है — देर न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. गुरु दर्शन यात्रा योजना में कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
अक्टूबर 2026 में पर्यटन विभाग के आयुक्त ने कहा कि सहायता ₹20,000 प्रति श्रद्धालु है और वार्षिक कोटा 50 से बढ़ाकर 100 कर दिया गया है। लेकिन 2016 की मूल अधिसूचना में सहायता ₹6,000 या वास्तविक खर्च का 50%, जो कम हो, लिखी थी — और मई 2026 में भी ₹6,000 की ही बात कही गई थी। राशि कब ₹6,000 से ₹20,000 हुई, यह सत्यापित नहीं हो सका है — इसलिए दावा करने से पहले विभाग से वर्तमान राशि की पुष्टि ज़रूर कर लें।
2. क्या यात्रा से पहले आवेदन करना होता है?
हरियाणा की सहायता के लिए नहीं — पहले अधिकृत माध्यम से यात्रा पूरी करनी होती है, फिर यात्रा के 2 महीने के भीतर दावा करना होता है। लेकिन यात्रा के लिए जत्थे/कार्यक्रम में शामिल होने की प्रक्रिया अलग से होती है — जैसे HSGMC के जत्थे के लिए पहले से पंजीकरण करना पड़ता है। जो पहले आवेदन करने की बात कहे, वह इस योजना को मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से मिला रहा है।
3. कौन आवेदन कर सकता है?
हरियाणा का स्थायी निवासी, जिसने राज्य सरकार, केंद्र सरकार या पंजीकृत सोसाइटी के माध्यम से गुरु दर्शन यात्रा (चारों स्थानों में से कोई भी) पूरी की हो और जिसके पास यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र हो। सहायता एक श्रद्धालु को जीवन में सिर्फ एक बार मिलती है। योजना में कोई आय सीमा या आयु सीमा दर्ज नहीं है।
4. क्या अकेले अपनी मर्ज़ी से की गई यात्रा पर सहायता मिलेगी?
नहीं। योजना में यात्रा राज्य सरकार, केंद्र सरकार या पंजीकृत सोसाइटी के माध्यम से पूरी करना अनिवार्य है — पूरी तरह निजी तौर पर की गई यात्रा पर हरियाणा की यह सहायता नहीं मिलती, चाहे यात्रा पूरी भी हो गई हो।
5. क्या SARAL पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन हो सकता है?
सत्यापित नहीं। कुछ वेबसाइटों पर SARAL से ऑनलाइन आवेदन की बात लिखी है, लेकिन SARAL पर इस योजना की कोई सेवा सत्यापित नहीं हो सकी है — और अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल बनाने के निर्देश ही दिए हैं, जिसका मतलब है कि पोर्टल अभी शुरू नहीं हुआ है। सत्यापित तरीका ऑफलाइन दावा ही है।
6. क्या चारों स्थानों की यात्रा एक साथ करनी ज़रूरी है?
नहीं। अधिसूचना के अनुसार सहायता उन श्रद्धालुओं को मिलती है जिन्होंने गुरु दर्शन यात्रा पूरी की हो — चारों स्थानों में से किसी भी स्थान की यात्रा मान्य है। एक ही दावे में चारों स्थानों की यात्रा ज़रूरी नहीं है।
7. सहायता कितनी बार मिल सकती है?
एक श्रद्धालु को जीवन में सिर्फ एक बार। जिसने एक बार यह आर्थिक सहायता ले ली, वह दोबारा इसका दावा नहीं कर सकता — दावा करते समय इस आशय की घोषणा भी देनी होती है।
8. भुगतान कैसे मिलता है?
2016 के योजना-पाठ के अनुसार सहायता Demand Draft से जारी होती थी। वर्तमान में भुगतान DBT से होता है या अब भी Demand Draft से — यह सत्यापित नहीं हो सका है; दावा करते समय विभाग से भुगतान का माध्यम ज़रूर पूछ लें।
9. अगली गुरु दर्शन यात्रा कब है?
इस योजना की कोई एक तय तारीख नहीं है — चारों स्थानों की यात्रा साल भर अलग-अलग समय पर होती है। ननकाना साहिब का अगला जत्था गुरु नानक जयंती पर 22 नवंबर 2026 को पाकिस्तान जाएगा और 1 दिसंबर 2026 को लौटेगा। हेमकुंट साहिब की यात्रा आमतौर पर मई–अक्टूबर के बीच होती है। ताज़ा जत्थों की जानकारी HSGMC या पर्यटन विभाग से लें।
आधिकारिक लिंक और संपर्क
| काम | लिंक / संपर्क |
|---|---|
| योजना अधिसूचना (प्रति, PDF) | statusin.in/uploads/21425-e_sawaran.pdf (अधिसूचना संख्या TM/AP.I/2016/2621, दिनांक 12.07.2016 की प्रति — सीधी जाँच में खुली) |
| हरियाणा पर्यटन विभाग (योजना पेज) | haryanatourism.gov.in/News/kailash-mansarovar-yatra-scheme-2016 (8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में साइट नहीं खुली — DNS/टाइमआउट; लिंक नोट सहित दिया गया है) |
| पर्यटन विभाग (कार्यालय) | हरियाणा पर्यटन निगम, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ – 160017 |
| फोन | 0172-2702955 / 2702956 |
| ईमेल | [email protected] | [email protected] |
| वेबसाइट | haryanatourism.gov.in (8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में नहीं खुली) |
| myScheme — हरियाणा योजनाएँ (सूची) | myscheme.gov.in/search/state/Haryana (विवरण पेज क्लाइंट-रेंडर होने के कारण सीधे पढ़ा नहीं जा सका; सूची पेज भी देखें) |
| SARAL हेल्पलाइन | 0172-3968400 | ईमेल: [email protected] (सिर्फ SARAL पोर्टल के सामान्य प्रश्नों के लिए) |
संबंधित गाइड — ये भी पढ़ें: मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना 2026: 60+ को मुफ्त तीर्थ यात्रा | हरियाणा सिंधु दर्शन यात्रा योजना 2026: ₹20,000 सहायता | हरियाणा कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना 2026: ₹50,000 सहायता | हरियाणा वाराणसी-अमृतसर यात्रा योजना 2026: बुजुर्गों को मुफ्त यात्रा | तीर्थ यात्रियों को बड़ी सौगात: गुरु दर्शन, कैलाश मानसरोवर और सिंधु दर्शन में कोटा दोगुना | हरियाणा वृद्धावस्था सम्मान भत्ता 2026: ₹3,200 महीना
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह गाइड 8 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है — हरियाणा सरकार की स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना 2016 की अधिसूचना (संख्या TM/AP.I/2016/2621, दिनांक 12.07.2016), पर्यटन विभाग की अक्टूबर 2026 की घोषणा (पर्यटन विभाग के आयुक्त का बयान, 22 अक्टूबर 2026), हरियाणा सरकार की 22 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति और myScheme पोर्टल की हरियाणा सूची। सहायता की राशि, कोटा और ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ी जानकारी समय के साथ बदल सकती है — दावा करने से पहले पर्यटन विभाग, हरियाणा (SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ — 0172-2702955) से वर्तमान जानकारी की पुष्टि ज़रूर करें। इस गाइड में जहाँ-जहाँ स्रोतों में अंतर या अपुष्ट जानकारी है, वहाँ उसे साफ-साफ बता दिया गया है। Viksit Haryana किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

प्रातिक्रिया दे