मेरी फसल मेरा ब्योरा क्या है?
सबसे पहली और सबसे ज़रूरी बात — मेरी फसल मेरा ब्योरा (MFMB) कोई नकद लाभ वाली योजना नहीं है। यह हरियाणा सरकार का ऑनलाइन पोर्टल है, जहाँ किसान हर मौसम में अपनी बोई हुई फसल का ब्योरा दर्ज कराते हैं। इस पोर्टल को 5 जुलाई 2019 को शुरू किया गया था, और तब से यह हरियाणा के किसानों के लिए सरकारी खरीद, फसल बीमा, सब्सिडी और मुआवज़े की पहली सीढ़ी बन गया है।
सीधे शब्दों में — मेरी फसल मेरा ब्योरा किसान की फसल का सरकारी रिकॉर्ड है। आपने किस खेत में, कितने एकड़ में, कौन सी फसल बोई है — यह जानकारी एक बार पोर्टल पर दर्ज हो जाए, तो उसी रिकॉर्ड के आधार पर सरकार आपकी फसल MSP पर खरीदती है, फसल बीमा करती है, सब्सिडी देती है और फसल खराब होने पर मुआवज़ा देती है।
पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है। इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होता — न ऑनलाइन, न CSC केंद्र पर। अगर कोई व्यक्ति पंजीकरण के नाम पर पैसे माँगे, तो समझ जाएँ कि वह गलत है।
पोर्टल एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पोर्टल का नाम | मेरी फसल मेरा ब्योरा (Meri Fasal Mera Byora — MFMB) |
| राज्य | हरियाणा |
| शुरुआत | 5 जुलाई 2019 |
| विभाग | कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा |
| आधिकारिक पोर्टल | fasal.haryana.gov.in |
| पंजीकरण शुल्क | निःशुल्क |
| पंजीकरण का तरीका | ऑनलाइन (पोर्टल) या नज़दीकी CSC / अटल सेवा केंद्र / VLE के माध्यम से |
| पंजीकरण का प्रकार | मौसमी (हर सीज़न के लिए अलग पंजीकरण) |
| किन कामों के लिए ज़रूरी | MSP पर सरकारी खरीद (e-Kharid), फसल बीमा (PMFBY), कृषि सब्सिडी, भावांतर भरपाई, ई-क्षतिपूर्ति मुआवज़ा |
| रबी 2026-27 | पंजीकरण खुला है |
| खरीफ 2026 | पंजीकरण बंद |
पंजीकरण क्यों ज़रूरी है? — बिना इसके क्या-क्या नहीं मिलेगा
मेरी फसल मेरा ब्योरा का पंजीकरण आज हरियाणा में व्यावहारिक रूप से अनिवार्य हो गया है। वजह साफ है — सरकार की लगभग हर किसान-हितैषी सुविधा इसी पंजीकरण से जुड़ी हुई है। अगर आपकी फसल का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज नहीं है, तो:
- MSP पर सरकारी खरीद नहीं होगी — धान, गेहूँ, बाजरा, सरसों जैसी फसलों की सरकारी खरीद (e-Kharid) मेरी फसल मेरा ब्योरा के रिकॉर्ड पर ही होती है। उदाहरण के लिए, धान की MSP 2026-27 में सामान्य धान ₹2,441 और ग्रेड-A धान ₹2,461 प्रति क्विंटल तय है — लेकिन यह भाव उसी किसान को मिलेगा, जिसका पंजीकरण पूरा है।
- फसल बीमा (PMFBY) नहीं मिलेगा — बीमित ज़मीन और फसल का ब्योरा मेरी फसल मेरा ब्योरा से ही जुड़ता है। बिना पंजीकरण के बीमा का दावा अटक सकता है।
- कृषि सब्सिडी नहीं मिलेगी — कृषि यंत्र अनुदान, बागवानी सब्सिडी, चारा-बिजाई सहायता — इन सबके लिए फसल का पंजीकृत ब्योरा माँगा जाता है।
- भावांतर भरपाई नहीं मिलेगी — बाजरे पर ₹600 प्रति क्विंटल तक की भरपाई और सब्जियों-फलों की भरपाई, दोनों का आधार मेरी फसल मेरा ब्योरा पंजीकरण और जे-फार्म पर हुई बिक्री है।
- ई-क्षतिपूर्ति मुआवज़ा नहीं मिलेगा — फसल खराब होने पर 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना देने की व्यवस्था भी इसी पोर्टल से जुड़ी है।
यानी एक पंजीकरण छूटा, तो उस सीज़न की सारी सरकारी सुविधाएँ छूट सकती हैं। इसीलिए बुवाई के साथ ही पंजीकरण कराना सबसे समझदारी भरा कदम है।
सीज़न की स्थिति — रबी 2026-27 और खरीफ 2026
मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण हर सीज़न के लिए अलग होता है। पिछला सीज़न का पंजीकरण अगले सीज़न में नहीं चलता — हर बार बुवाई के हिसाब से नया ब्योरा दर्ज कराना होता है।
| सीज़न | स्थिति | तारीखें |
|---|---|---|
| रबी 2026-27 | पंजीकरण खुला है | नवंबर 2026 की शुरुआत (लगभग 4 नवंबर 2026) से पंजीकरण खुला है |
| खरीफ 2026 | बंद | अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 थी; इसके बाद पंजीकरण 21–27 सितंबर 2026 तक दोबारा खुला था; अब बंद है |
ध्यान दें: रबी 2026-27 पंजीकरण की अंतिम तिथि इस गाइड के तैयार होने तक सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हुई है — विभाग से जाँच लें। अंतिम तिथि पोर्टल पर ही देखें और आखिरी दिनों का इंतज़ार न करें — आखिरी दिनों में पोर्टल धीमा हो जाता है और गलती सुधारने का समय नहीं मिलता।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें? — स्टेप बाय स्टेप
पंजीकरण की प्रक्रिया सीधी है और पूरी तरह ऑनलाइन होती है। नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
चरण 1: आधिकारिक पोर्टल खोलें
ब्राउज़र में fasal.haryana.gov.in खोलें। होमपेज पर "किसान पंजीकरण / Farmer Login" का विकल्प चुनें। सीधा लॉगिन पेज भी खुल सकता है — fasal.haryana.gov.in/Home/Login। ध्यान रखें कि आवेदन सिर्फ इसी आधिकारिक पोर्टल से करें — इसी नाम से मिलती-जुलती फर्ज़ी वेबसाइटों से सावधान रहें।
चरण 2: मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें
अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और उस पर आए OTP से सत्यापन करें। OTP उसी मोबाइल नंबर पर आएगा जो आपके आधार से जुड़ा हो — इसलिए वही नंबर इस्तेमाल करें।
चरण 3: परिवार पहचान पत्र या आधार नंबर डालें
इसके बाद पोर्टल पूछेगा कि क्या आप अपनी परिवार पहचान पत्र (PPP) आईडी जानते हैं — अगर हाँ, तो Family ID दर्ज करें; अगर नहीं, तो आधार नंबर दर्ज करें। इसके बाद आपके परिवार का विवरण स्क्रीन पर दिखेगा।
चरण 4: फसल और भूमि का विवरण भरें
रजिस्ट्रेशन फॉर्म में किसान का विवरण, ज़मीन का विवरण (खसरा-खतौनी के अनुसार), बोई गई फसल का नाम, क्षेत्रफल (एकड़ में) और बीज की किस्म भरें। ज़मीन का विवरण जमाबंदी से जुड़ा होता है — इसलिए वही जानकारी भरें जो आपके ज़मीन के कागज़ों में दर्ज है।
चरण 5: जानकारी जाँचकर सबमिट करें
सारी जानकारी दोबारा जाँच लें — खासकर फसल का नाम, क्षेत्रफल और खसरा नंबर — और फॉर्म सबमिट करें। सबमिट करने के बाद मिली पंजीकरण संख्या / रसीद संभालकर रखें — यही आगे स्टेटस देखने और योजनाओं का लाभ लेने के काम आएगी।
चरण 6 (ऑफलाइन विकल्प): CSC या VLE से मदद लें
अगर आप ऑनलाइन फॉर्म खुद नहीं भर पा रहे हैं, तो अपने नज़दीकी CSC केंद्र, अटल सेवा केंद्र या VLE पर जाकर मदद ले सकते हैं। वहाँ ऑपरेटर आपकी ओर से पंजीकरण में मदद करेगा। अपने साथ ऊपर बताए गए सभी दस्तावेज़ और OTP वाला मोबाइल फोन लेकर जाएँ। अपने ब्लॉक के कृषि विकास अधिकारी (ADO) या ज़िला कृषि कार्यालय से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
| क्रम | दस्तावेज़ / जानकारी | किस काम आता है |
|---|---|---|
| 1 | आधार कार्ड | पहचान और OTP सत्यापन के लिए |
| 2 | परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID) | परिवार का विवरण पोर्टल पर लाने के लिए |
| 3 | मोबाइल नंबर | OTP सत्यापन और SMS सूचना के लिए |
| 4 | बैंक खाते की जानकारी | DBT भुगतान के लिए — खाता आधार से लिंक्ड होना चाहिए |
| 5 | ज़मीन का विवरण — खसरा / खतौनी | जमाबंदी से जुड़ी ज़मीन पर बोई फसल दर्ज करने के लिए |
| 6 | बोई फसल का विवरण | फसल का नाम, क्षेत्रफल (एकड़ में), बीज की किस्म |
पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है — फॉर्म में जो दस्तावेज़ माँगा जाए, वही अपलोड करें। बैंक खाते की जानकारी भरते समय IFSC कोड एक-एक अक्षर मिलाकर भरें — गलत IFSC भुगतान अटकने की सबसे आम वजह है।
ई-क्षतिपूर्ति — फसल खराब होने पर 72 घंटे का नियम
मेरी फसल मेरा ब्योरा सिर्फ पंजीकरण का पोर्टल नहीं है — यह फसल खराब होने पर मुआवज़े का रास्ता भी खोलता है। ई-क्षतिपूर्ति (e-Kshatipurti) व्यवस्था के तहत, अगर ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश, बाढ़, सूखा या किसी अन्य प्राकृतिक कारण से आपकी फसल को नुकसान पहुँचता है, तो आप नुकसान की सूचना देकर मुआवज़े का दावा कर सकते हैं।
सबसे अहम नियम है — 72 घंटे का। फसल को नुकसान पहुँचने के 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना देनी होती है। देर से सूचना देना दावे के खारिज होने की सबसे आम वजह मानी जाती है। इसलिए नुकसान होते ही इंतज़ार न करें — तुरंत सूचना दें।
- नुकसान की सूचना मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर ई-क्षतिपूर्ति के माध्यम से दी जाती है; ऑनलाइन दिक्कत हो तो CSC केंद्र से भी मदद ली जा सकती है।
- सूचना देते समय खेत की फोटो उसी दिन ले लें — हो सके तो लोकेशन के साथ। विभागीय सत्यापन से पहले खेत को साफ न करें, ताकि नुकसान का सही आकलन हो सके।
- सूचना के बाद विभागीय सत्यापन होता है और उसी के आधार पर मुआवज़े का फैसला लिया जाता है।
सावधानी: ई-क्षतिपूर्ति के दावे की विस्तृत प्रक्रिया (फॉर्म, सर्वे और भुगतान की समय-सीमा) इस गाइड के तैयार होने तक पोर्टल पर अलग से सत्यापित नहीं हुई है — विभाग से जाँच लें। दावा करने से पहले पोर्टल पर दिख रही ताज़ा प्रक्रिया ही अंतिम मानी जाए।
पंजीकरण की स्थिति (Status) कैसे देखें?
पंजीकरण करने के बाद उसकी स्थिति पोर्टल पर ही देखी जा सकती है:
- मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल (fasal.haryana.gov.in) पर लॉगिन करें और "किसान विवरण / Kisan Details" जैसे विकल्प से अपना पंजीकरण देखें — वहाँ किसान संख्या, मोबाइल नंबर या आधार नंबर डालकर पंजीकरण का विवरण देखा जा सकता है।
- पंजीकरण के हर चरण पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS भी भेजा जाता है।
- अगर पंजीकरण में कोई गलती रह गई हो या सत्यापन अटका हो, तो अपने ब्लॉक के कृषि विकास अधिकारी या ज़िला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
ध्यान दें — पोर्टल का मेन्यू समय-समय पर बदल सकता है; पोर्टल पर दिख रहा मौजूदा विकल्प ही अंतिम माना जाए।
हेल्पलाइन और संपर्क
- मेरी फसल मेरा ब्योरा हेल्पलाइन (टोल-फ्री): 1800-180-2117 और 1800-180-2060 — ये नंबर प्रकाशित स्रोतों से लिए गए हैं और आधिकारिक पोर्टल पर सत्यापित नहीं हुए हैं — विभाग से जाँच लें। इन नंबरों पर कॉल करने से पहले पोर्टल पर दिया गया हेल्पलाइन नंबर ज़रूर मिलाकर देखें।
- ज़िला स्तर पर: अपने ज़िले के ज़िला कृषि कार्यालय या अपने ब्लॉक के कृषि विकास अधिकारी (ADO) से संपर्क करें।
- ऑफलाइन मदद: नज़दीकी CSC केंद्र या अटल सेवा केंद्र पर पंजीकरण और स्टेटस जाँच में मदद मिल सकती है।
मेरी फसल मेरा ब्योरा से जुड़ी योजनाओं की गाइड
मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण इन योजनाओं का लाभ लेने की पहली शर्त है। हर योजना की पूरी जानकारी हमारी अलग गाइड में पढ़ें:
- भावांतर भरपाई योजना — बाजरा पर ₹600 प्रति क्विंटल तक भरपाई; पंजीकरण और जे-फार्म पर हुई बिक्री के आधार पर लाभ। पूरी गाइड: https://www.viksitharyana.com/haryana-bhavantar-bharpai-yojana-bajra-600/
- कृषि यंत्र अनुदान — खेती के यंत्रों पर सब्सिडी; MFMB पंजीकरण के बिना आवेदन पूरा नहीं होता। पूरी गाइड: https://www.viksitharyana.com/haryana-krishi-yantra-anudan-subsidy/
- चारा-बिजाई योजना — गौशाला को चारा देने पर ₹10,000 प्रति एकड़; MFMB पर चारे की फसल का ब्योरा दर्ज होना ज़रूरी। पूरी गाइड: https://www.viksitharyana.com/chara-bijai-yojana-haryana-gaushala-10000-per-acre/
- बागवानी विकास योजना — बाग और सब्जी पर प्रति एकड़ अनुदान; Hortnet के साथ-साथ मेरी फसल मेरा ब्योरा पर भी पंजीकरण ज़रूरी। पूरी गाइड: https://www.viksitharyana.com/mukhyamantri-bagwani-vikas-yojana-haryana/
- PMFBY रबी 2026-27 (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) — रबी फसलों पर सिर्फ 1.5% प्रीमियम; बीमित ज़मीन और फसल का ब्योरा MFMB से जुड़ता है। पूरी गाइड: https://www.viksitharyana.com/pmfby-rabi-2026-haryana-fasal-bima/
ध्यान देने योग्य बातें — आम गलतियाँ
- MFMB से सीधे कोई पैसा नहीं मिलता — यह पंजीकरण का पोर्टल है; पैसा खरीद, बीमा, सब्सिडी या मुआवज़े के रूप में उन योजनाओं से मिलता है, जिनका आधार यही पंजीकरण है।
- हर सीज़न नया पंजीकरण — रबी का पंजीकरण खरीफ में नहीं चलेगा और खरीफ का रबी में नहीं। बुवाई के साथ ही नए सीज़न का ब्योरा दर्ज कराएँ।
- अंतिम तिथि का इंतज़ार न करें — पंजीकरण सिर्फ निर्धारित अवधि में होता है; आखिरी दिनों में पोर्टल धीमा हो जाता है और गलती सुधारने का समय नहीं मिलता।
- गलत जानकारी न भरें — फसल का नाम, क्षेत्रफल या खसरा नंबर गलत होने पर पंजीकरण अटक सकता है या लाभ खारिज हो सकता है। सबमिट करने से पहले हर फील्ड दोबारा जाँच लें।
- फर्ज़ी वेबसाइटों से सावधान — आवेदन सिर्फ fasal.haryana.gov.in से ही करें। इसी नाम से मिलती-जुलती किसी और वेबसाइट पर अपनी जानकारी न डालें।
- किसी एजेंट या दलाल को पैसे न दें — पंजीकरण निःशुल्क है; CSC केंद्र पर भी सिर्फ निर्धारित सेवा शुल्क ही लगता है, पंजीकरण का कोई शुल्क नहीं।
- पंजीकरण संख्या संभालकर रखें — यही संख्या आगे हर योजना के आवेदन और स्टेटस जाँच में काम आएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. मेरी फसल मेरा ब्योरा क्या है?
यह हरियाणा सरकार का ऑनलाइन पोर्टल (fasal.haryana.gov.in) है, जहाँ किसान हर मौसम में अपनी बोई हुई फसल का ब्योरा दर्ज कराते हैं। इसे 5 जुलाई 2019 को शुरू किया गया था।
2. क्या मेरी फसल मेरा ब्योरा से सीधे कोई पैसा मिलता है?
नहीं। यह कोई नकद लाभ वाली योजना नहीं है — यह पंजीकरण का पोर्टल है। पैसा MSP खरीद, फसल बीमा, सब्सिडी या मुआवज़े के रूप में उन योजनाओं से मिलता है, जिनके लिए यही पंजीकरण आधार बनता है।
3. पंजीकरण के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID), मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, ज़मीन का विवरण (खसरा/खतौनी) और बोई फसल का विवरण — फसल का नाम, क्षेत्रफल और बीज की किस्म।
4. पंजीकरण निःशुल्क है या शुल्क लगता है?
पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है। इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होता — न ऑनलाइन, न CSC केंद्र पर।
5. रबी 2026-27 का पंजीकरण कब खुला और कब तक चलेगा?
रबी 2026-27 का पंजीकरण नवंबर 2026 की शुरुआत (लगभग 4 नवंबर 2026) से खुला है। इसकी अंतिम तिथि इस गाइड के तैयार होने तक सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हुई है — विभाग से जाँच लें — इसलिए पोर्टल पर ताज़ा स्थिति देखकर जल्दी पंजीकरण कराएँ।
6. खरीफ 2026 का पंजीकरण अब हो सकता है?
नहीं। खरीफ 2026 पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 थी, और इसके बाद पंजीकरण 21–27 सितंबर 2026 तक दोबारा खुला था। अब वह खिड़की बंद है — अगला मौका अगले सीज़न का पंजीकरण होगा।
7. बिना पंजीकरण के मंडी में MSP पर फसल बेच सकते हैं?
व्यावहारिक रूप से नहीं। MSP पर सरकारी खरीद (e-Kharid) मेरी फसल मेरा ब्योरा के रिकॉर्ड पर ही होती है — बिना पंजीकरण के आपकी फसल का सरकारी खरीद में नाम ही नहीं आएगा।
8. फसल खराब होने पर 72 घंटे में क्या करना होता है?
फसल को नुकसान पहुँचने के 72 घंटे के भीतर मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर ई-क्षतिपूर्ति के माध्यम से नुकसान की सूचना देनी होती है। देर से सूचना देने पर दावा खारिज हो सकता है। सूचना देते समय खेत की फोटो उसी दिन ले लें और विभागीय सत्यापन से पहले खेत साफ न करें।
9. पंजीकरण की स्थिति (स्टेटस) कैसे देखें?
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर लॉगिन करके "किसान विवरण" जैसे विकल्प से किसान संख्या, मोबाइल नंबर या आधार नंबर डालकर पंजीकरण का विवरण देखा जा सकता है। पंजीकरण के हर चरण पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS भी आता है।
10. ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पा रहे तो क्या करें?
अपने नज़दीकी CSC केंद्र, अटल सेवा केंद्र या VLE पर जाकर मदद लें — वहाँ ऑपरेटर आपकी ओर से पंजीकरण कर देगा। अपने साथ सभी दस्तावेज़ और OTP वाला मोबाइल फोन लेकर जाएँ। अपने ब्लॉक के कृषि विकास अधिकारी (ADO) या ज़िला कृषि कार्यालय से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- मेरी फसल मेरा ब्योरा (ऑनलाइन पंजीकरण): https://fasal.haryana.gov.in/
- मेरी फसल मेरा ब्योरा लॉगिन पेज: https://fasal.haryana.gov.in/Home/Login
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा: https://agriharyana.gov.in/
- राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (PMFBY): https://pmfby.gov.in/
- भावांतर भरपाई योजना गाइड: https://www.viksitharyana.com/haryana-bhavantar-bharpai-yojana-bajra-600/
- कृषि यंत्र अनुदान गाइड: https://www.viksitharyana.com/haryana-krishi-yantra-anudan-subsidy/
- चारा-बिजाई योजना गाइड: https://www.viksitharyana.com/chara-bijai-yojana-haryana-gaushala-10000-per-acre/
- बागवानी विकास योजना गाइड: https://www.viksitharyana.com/mukhyamantri-bagwani-vikas-yojana-haryana/
- PMFBY रबी 2026-27 गाइड: https://www.viksitharyana.com/pmfby-rabi-2026-haryana-fasal-bima/
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल (fasal.haryana.gov.in) और इस साइट की पहले प्रकाशित योजनाओं की गाइडों पर आधारित है। पंजीकरण की तारीखें, हेल्पलाइन नंबर और ई-क्षतिपूर्ति की विस्तृत प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती है — आवेदन करने से पहले पोर्टल पर दिख रही ताज़ा जानकारी ही अंतिम मानी जाए। इस गाइड में जहाँ भी "सत्यापित नहीं हुआ है — विभाग से जाँच लें" लिखा है, वह जानकारी प्रकाशित स्रोतों पर आधारित है, आधिकारिक पोर्टल पर अलग से सत्यापित नहीं हुई है।

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