म्हारा गाँव जगमग गाँव योजना क्या है?
म्हारा गाँव जगमग गाँव योजना हरियाणा सरकार की वह योजना है, जिसके तहत गाँवों को शहरों की तरह 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जाती है। यह योजना 1 जुलाई 2015 को कुरुक्षेत्र जिले के दयालपुर गाँव से शुरू हुई थी। उस समय गाँवों को सिर्फ 12 घंटे बिजली मिलती थी — योजना का मकसद था कि बिल समय पर चुकाने और बिजली चोरी रोकने वाले गाँवों को धीरे-धीरे 24 घंटे बिजली दी जाए।
योजना स्वैच्छिक है और गाँव/फीडर के स्तर पर लागू होती है — यानी इसमें कोई व्यक्ति अकेले ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपने घर के लिए 24 घंटे बिजली नहीं ले सकता। पूरा गाँव (या पूरा फीडर) एक साथ शर्तें पूरी करता है, तो पूरे गाँव की बिजली बढ़ती है। इसलिए इस गाइड में आपको योजना की सीढ़ी-दर-सीढ़ी शर्तें और यह बताया गया है कि आपका गाँव इसमें कैसे शामिल हो सकता है।
ताज़ा स्थिति उत्साहजनक है — सितंबर 2026 में विधानसभा में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया था कि राज्य के 7,250 गाँवों में से 6,105 गाँवों (84.2%) में 24 घंटे बिजली मिल रही है। इनमें DHBVN के 2,686 और UHBVN के 3,419 गाँव हैं। बाकी 1,145 गाँवों को 16 घंटे बिजली मिल रही है। राज्य के सभी 95 शहरी क्षेत्रों में भी 24 घंटे बिजली दी जा रही है।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | म्हारा गाँव जगमग गाँव (Mhara Gaon Jagmag Gaon — MGJG) |
| शुरुआत | 1 जुलाई 2015, दयालपुर गाँव (कुरुक्षेत्र) से |
| विभाग | ऊर्जा विभाग, हरियाणा; क्रियान्वयन UHBVN/DHBVN |
| शुरुआत में बिजली | ग्रामीण उपभोक्ताओं को 12 घंटे प्रतिदिन |
| पहला चरण | 83 फीडर, 310 गाँव |
| ताज़ा स्थिति (सितंबर 2026) | 7,250 में से 6,105 गाँवों में 24 घंटे बिजली (84.2%) |
| 24 घंटे वाले गाँव | DHBVN — 2,686; UHBVN — 3,419 |
| बाकी गाँव | 1,145 गाँवों को 16 घंटे बिजली (DHBVN — 980; UHBVN — 165) |
| आवेदन का तरीका | व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन नहीं — गाँव/फीडर स्तर पर योजना |
24 घंटे बिजली कैसे मिलती है? — सीढ़ी-दर-सीढ़ी शर्तें
योजना में बिजली एक साथ 24 घंटे नहीं मिलती — गाँव सीढ़ी चढ़ता है, और हर सीढ़ी पर एक शर्त पूरी करनी होती है:
| चरण | बिजली | शर्त |
|---|---|---|
| शुरुआत | 12 घंटे | योजना से पहले की स्थिति |
| चरण 1 | 15 घंटे | फीडर का चयन — न्यूनतम लाइन लॉस और बिल भुगतान वाले फीडर |
| चरण 2 | 18 घंटे | मीटर घरों से बाहर लगवाना + पुरानी तारों की जगह इंसुलेटेड तार |
| चरण 3 | 21 घंटे | गाँव के 90% उपभोक्ताओं का नियमित बिल भुगतान |
| चरण 4 | 24 घंटे | बकाया बिल 5 बराबर किस्तों में चुकाना + सरचार्ज/ब्याज माफ + लाइन लॉस 20% से नीचे |
पहले चरण में 83 फीडर (310 गाँव) चुने गए थे — वे फीडर जिनके लाइन लॉस 25 से 70 प्रतिशत के बीच थे और जिनके उपभोक्ता बिल चुका रहे थे। उन गाँवों को पहले ही दिन से 12 की जगह 15 घंटे बिजली दी गई थी।
इसके बाद गाँव के लोगों से कहा गया कि वे अपने मीटर घरों से बाहर लगवाएँ और पुरानी तारें बदलवाकर इंसुलेटेड तार लगवाएँ — ऐसा होने पर बिजली 18 घंटे हो जाती है। जब गाँव के 90 प्रतिशत लोग नियमित बिल चुकाने लगते हैं, तो बिजली 21 घंटे हो जाती है। और जब बकाया बिल 5 बराबर किस्तों में चुका दिया जाता है, तो सरचार्ज और ब्याज माफ कर दिया जाता है और लाइन लॉस 20 प्रतिशत से नीचे आने पर गाँव को 24 घंटे बिजली मिलने लगती है।
इस दौरान गाँव में बिजली पंचायत भी आयोजित की जाती है — इसमें बिजली विभाग के अधिकारी गाँव आकर लोगों की शिकायतें सुनते हैं और उनका समाधान करते हैं।
इस योजना का लाभ क्या-क्या है?
24 घंटे बिजली: सबसे बड़ा लाभ — शहरों जैसी निर्बाध बिजली। इससे पढ़ाई, खेती, छोटे उद्योग, पंखा-कूलर, फ्रिज और मोबाइल चार्जिंग — सब कुछ बिना रुकावट चलता है।
बकाया बिल पर राहत: योजना के तहत बकाया बिल 5 बराबर किस्तों में चुकाया जा सकता है, और पूरा भुगतान होने पर सरचार्ज और ब्याज माफ कर दिया जाता है। यह उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जिन पर पुराना बकाया जमा हो गया था।
बिजली की व्यवस्था में सुधार: योजना के तहत गाँवों में पुराने और खराब मीटर बदलकर नए मीटर लगाए जाते हैं, पुरानी तारों की जगह एरियल बंच्ड केबल (ABC) लगाई जाती है और जरूरत पड़ने पर ट्रांसफार्मर भी बदले जाते हैं। इससे बिजली की गुणवत्ता सुधरती है और फॉल्ट कम होते हैं।
बिल भुगतान में आसानी: 2026 तक राज्य के 81.92 लाख बिजली उपभोक्ताओं में से 49.15 लाख उपभोक्ता डिजिटल माध्यम से बिल चुका रहे हैं — ऑनलाइन भुगतान, UPI, नेट बैंकिंग सब उपलब्ध हैं।
पात्रता — कौन से गाँव शामिल हो सकते हैं?
- हरियाणा का हर ग्रामीण फीडर: योजना मूल रूप से सभी ग्रामीण घरेलू फीडरों के लिए है — लेकिन शुरुआत उन फीडरों से की गई जहाँ बिजली चोरी न्यूनतम हो और लाइन लॉस तय सीमा में हो।
- बिल भुगतान का रिकॉर्ड: फीडर का चयन इस आधार पर होता है कि उसके उपभोक्ता बिल चुका रहे हैं या नहीं। 90 प्रतिशत भुगतान वाली शर्त 21 घंटे बिजली के लिए जरूरी है।
- मीटर बाहर लगवाना: 18 घंटे बिजली के लिए गाँव के उपभोक्ताओं को अपने मीटर घरों से बाहर लगवाने होते हैं।
- बकाया चुकाना: 24 घंटे बिजली के लिए बकाया बिल 5 किस्तों में चुकाना और लाइन लॉस 20 प्रतिशत से नीचे लाना जरूरी है।
- पाँच जिले पहले ही पूरे: पंचकूला, गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद और सिरसा जिलों के पूरे ग्रामीण क्षेत्रों को योजना के तहत 24 घंटे बिजली दी जा रही है।
जरूरी दस्तावेज
इस योजना में नागरिकों के लिए कोई आवेदन फॉर्म नहीं है, इसलिए कोई दस्तावेज सूची नहीं है। लेकिन बिल भुगतान और मीटर से जुड़े कामों के लिए ये चीज़ें काम आती हैं:
| क्रम | दस्तावेज/विवरण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | बिजली बिल / उपभोक्ता (अकाउंट) नंबर | बिल भुगतान और शिकायत के लिए |
| 2 | आधार कार्ड | नए कनेक्शन या नाम बदलने के काम में माँगा जा सकता है |
| 3 | मोबाइल नंबर | OTP और SMS सूचना के लिए |
| 4 | बकाया बिल की रसीदें | किस्तों में भुगतान का रिकॉर्ड रखने के लिए |
आपका गाँव योजना में कैसे शामिल हो? — स्टेप बाय स्टेप
चरण 1: अपने गाँव की बिजली की स्थिति जाँचें — आपके गाँव को कितने घंटे बिजली मिल रही है, यह आपके फीडर पर निर्भर करता है। यह जानकारी उप-मंडल कार्यालय (SDO) या जूनियर इंजीनियर (JE) से मिल सकती है।
चरण 2: गाँव के सभी उपभोक्ता अपने बिजली बिल समय पर चुकाएँ — 90 प्रतिशत भुगतान 21 घंटे बिजली की पहली बड़ी शर्त है। बकाया बिल हो तो 5 किस्तों में चुकाने की सुविधा माँगें — पूरा भुगतान होने पर सरचार्ज माफ होता है।
चरण 3: अपने मीटर घर से बाहर लगवाएँ और पुरानी तारें बदलवाकर इंसुलेटेड तार/ABC लगवाने में सहयोग करें — यह 18 घंटे बिजली की शर्त है।
चरण 4: गाँव में बिजली पंचायत आयोजित करवाएँ — इसमें विभाग के अधिकारी आकर शिकायतें सुनते हैं और फीडर की स्थिति बताते हैं। सरपंच या पंचायत के माध्यम से बिजली पंचायत की माँग की जा सकती है।
चरण 5: जब गाँव की शर्तें पूरी हो जाएँ — 90 प्रतिशत भुगतान, मीटर बाहर, बकाया किस्तों में चुकता, लाइन लॉस 20 प्रतिशत से नीचे — तो DISCOM गाँव के फीडर को 24 घंटे बिजली वाले फीडरों में शामिल कर देता है।
चरण 6: अगर आपका गाँव पहले से 24 घंटे बिजली वाले गाँवों में है, तो बिजली से जुड़ी कोई भी शिकायत टोल-फ्री नंबर 1912 पर या DISCOM पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है।
ऑफलाइन विकल्प
बिजली से जुड़े सभी काम ऑफलाइन भी हो सकते हैं — अपने नज़दीकी बिजली निगम के उप-मंडल कार्यालय पर जाकर बिल भुगतान, किस्तों की सुविधा, मीटर बदलवाना या शिकायत दर्ज की जा सकती है। CSC केंद्रों पर भी बिल भुगतान की सुविधा मिलती है। नए कनेक्शन, लोड बढ़ाना/घटाना, नाम बदलना और शिकायत — ये सभी सेवाएँ अब DISCOM के ऑनलाइन पोर्टल पर भी उपलब्ध हैं।
शुल्क और समय-सीमा
शुल्क: योजना में शामिल होने के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं है। बकाया बिल की किस्तों पर सरचार्ज माफ किया जाता है, लेकिन मूल बकाया राशि चुकानी ही होती है। मीटर बाहर लगवाने या तार बदलने का खर्च नियमों के अनुसार हो सकता है — इस बारे में उप-मंडल कार्यालय से ही पूछें, क्योंकि इसकी कोई एक तय राशि सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हुई है।
समय-सीमा: यह एक चल रही योजना है — गाँव शर्तें पूरी करते जाते हैं और 24 घंटे बिजली वाले गाँवों में जुड़ते जाते हैं। कोई एक अंतिम तिथि नहीं है। सितंबर 2026 तक 6,105 गाँव 24 घंटे बिजली पा चुके हैं; बाकी 1,145 गाँवों को 16 घंटे बिजली मिल रही है।
बिजली की स्थिति और शिकायत कैसे दर्ज करें?
- बिजली न होने या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल करें — यह UHBVN और DHBVN दोनों के लिए है।
- अपने DISCOM के पोर्टल पर लॉगिन करके बिल देखें, भुगतान करें और शिकायत दर्ज करें — उत्तर हरियाणा के लिए uhbvn.org.in और दक्षिण हरियाणा के लिए dhbvn.org.in।
- UHBVN के उपभोक्ता रियल-टाइम मीटर रीडिंग और दैनिक खपत भी पोर्टल या UHBVN स्मार्ट मीटर ऐप पर देख सकते हैं।
- शिकायत के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (CGRF) की व्यवस्था भी है।
सौर ऊर्जा से बिजली का बिल घटाएँ
अगर आप बिजली का बिल और कम करना चाहते हैं, तो छत पर सोलर लगवाना अच्छा विकल्प है — राज्य सरकार की सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना में केंद्र की सब्सिडी के ऊपर ब्याज-मुक्त सहायता भी मिलती है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें: सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना हरियाणा। किसानों के लिए सोलर पंप की योजना अलग है: PM-KUSUM सोलर पंप योजना हरियाणा — 75% सब्सिडी। घर में सोलर होम सिस्टम के लिए देखें: मनोहर ज्योति योजना हरियाणा — सोलर होम सिस्टम सब्सिडी।
ध्यान देने योग्य बातें
- कोई व्यक्ति अकेले आवेदन नहीं कर सकता: यह गाँव/फीडर स्तर की योजना है — अगर कोई व्यक्ति 24 घंटे बिजली दिलाने के नाम पर पैसे माँगे, तो वह धोखाधड़ी है।
- बिल समय पर चुकाना ही असली शर्त है: 90 प्रतिशत भुगतान के बिना गाँव 21 घंटे की सीढ़ी नहीं चढ़ सकता — इसलिए गाँव के सभी लोग मिलकर बिल चुकाएँ।
- बिजली चोरी से गाँव का नुकसान: चोरी से लाइन लॉस बढ़ता है और गाँव 24 घंटे बिजली से दूर रहता है — मीटर बाहर लगवाने से चोरी रोकने में मदद मिलती है।
- किस्तों का फायदा उठाएँ: पुराना बकाया हो तो 5 किस्तों में चुकाकर सरचार्ज माफी का लाभ लें — एक साथ पूरा बकाया चुकाना जरूरी नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. म्हारा गाँव जगमग गाँव योजना क्या है?
यह हरियाणा सरकार की योजना है, जिसके तहत बिल समय पर चुकाने और बिजली चोरी रोकने वाले गाँवों को 12 घंटे से बढ़ाकर 24 घंटे बिजली दी जाती है। यह 1 जुलाई 2015 को कुरुक्षेत्र के दयालपुर गाँव से शुरू हुई थी।
2. अभी कितने गाँवों में 24 घंटे बिजली मिल रही है?
सितंबर 2026 में विधानसभा में बताया गया था कि 7,250 में से 6,105 गाँवों (84.2%) में 24 घंटे बिजली मिल रही है। बाकी 1,145 गाँवों को 16 घंटे बिजली मिल रही है।
3. मेरे गाँव को 24 घंटे बिजली कब मिलेगी?
जब गाँव 90 प्रतिशत बिल भुगतान, मीटर बाहर लगवाना, बकाया 5 किस्तों में चुकाना और लाइन लॉस 20 प्रतिशत से नीचे लाने की शर्तें पूरी कर लेगा, तब DISCOM गाँव के फीडर को 24 घंटे बिजली दे देगा।
4. क्या मैं इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता हूँ?
नहीं। यह व्यक्तिगत आवेदन वाली योजना नहीं है — यह गाँव/फीडर स्तर पर लागू होती है। गाँव के लोग मिलकर शर्तें पूरी करते हैं।
5. बकाया बिल पर सरचार्ज माफ कैसे होता है?
बकाया बिल 5 बराबर किस्तों में चुकाने पर पूरा भुगतान होने के बाद सरचार्ज और ब्याज माफ कर दिया जाता है — यह योजना की घोषित शर्त है।
6. बिजली की शिकायत कहाँ करें?
टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल करें, या अपने DISCOM के पोर्टल (uhbvn.org.in / dhbvn.org.in) पर शिकायत दर्ज करें।
7. बिजली पंचायत क्या होती है?
योजना के तहत गाँव में आयोजित बैठक, जिसमें बिजली विभाग के अधिकारी आकर लोगों की शिकायतें सुनते हैं और उनका समाधान करते हैं।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (DISCOM पोर्टल): uhbvn.org.in
- दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DISCOM पोर्टल): dhbvn.org.in
- बिजली शिकायत/नो-सप्लाई हेल्पलाइन: 1912
- विधानसभा में ऊर्जा मंत्री का उत्तर (सितंबर 2026): 7,250 में से 6,105 गाँवों में 24 घंटे बिजली; 1,145 गाँवों को 16 घंटे बिजली
- योजना की शुरुआत: 1 जुलाई 2015, दयालपुर गाँव (कुरुक्षेत्र); पहले चरण में 83 फीडर, 310 गाँव
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी हरियाणा सरकार की योजना घोषणाओं, विधानसभा में दिए गए ऊर्जा मंत्री के उत्तर और DISCOM की सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आपके गाँव के फीडर की ताज़ा स्थिति और शर्तों की पुष्टि के लिए अपने उप-मंडल कार्यालय (SDO) या DISCOM पोर्टल से ही संपर्क करें।

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