हर घर हरियाली और पौधगिरी योजना क्या है?
हर घर हरियाली पौधगिरी योजना हरियाणा के बारे में इस गाइड में पौधे की कीमत, छात्रों को मिलने वाले ₹300 प्रोत्साहन, पात्रता और आवेदन की पूरी प्रक्रिया दी गई है।
हरियाणा का हरित आवरण बढ़ाने के लिए वन विभाग की दो जुड़ी हुई पहलें चलती हैं — हर घर हरियाली और पौधगिरी (Paudhagiri)। दोनों का मकसद एक ही है: हर घर, हर गाँव और हर स्कूल तक पौधे पहुँचें और लोग उन्हें लगाकर सँभालें।
हर घर हरियाली अभियान जुलाई 2015 में शुरू हुआ था। इसके तहत राज्य के सभी 48.57 लाख परिवारों को वन विभाग की नर्सरी से मात्र ₹1 प्रति पौधा की नाममात्र कीमत पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे दिए जाते हैं। लक्ष्य था कि राज्य का हरित आवरण बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाया जाए। इसमें देशी प्रजातियों के पौधों और झाड़ियों पर खास जोर दिया गया था — ताकि पौधे हरियाणा की मिट्टी और मौसम में आसानी से पनपें।
पौधगिरी अभियान जुलाई 2018 में शुरू हुआ था। इसके तहत कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 22 लाख छात्रों को मानसून के तीन महीनों (जुलाई, अगस्त, सितंबर) में एक-एक पौधा लगाने का लक्ष्य दिया गया था। छात्र पौधे को अपने घर के आँगन, खेत, पार्क या स्कूल के पास किसी भी खाली जगह पर लगा सकते हैं और उसका नाम भी रख सकते हैं — किसी महापुरुष, स्वतंत्रता सेनानी या परिवार के किसी सदस्य के नाम पर।
दोनों पहलें एक-दूसरे से जुड़ी हैं — पौधगिरी के पौधे भी वन विभाग की नर्सरियों से ही दिए जाते हैं, और 2021 में शुरू हुई ई-पौधशाला (e-Paudhshala) मोबाइल ऐप से सरकारी नर्सरियों से मुफ्त पौधों का वितरण किया जाता है।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | हर घर हरियाली अभियान + पौधगिरी अभियान |
| विभाग | वन विभाग, हरियाणा (Forest Department, Haryana) |
| हर घर हरियाली शुरू | जुलाई 2015 |
| पौधगिरी शुरू | जुलाई 2018 |
| पौधे की कीमत (हर घर हरियाली) | ₹1 प्रति पौधा |
| लक्ष्य परिवार | 48.57 लाख परिवार |
| पौधगिरी के छात्र | कक्षा 6 से 12 तक, लगभग 22 लाख छात्र |
| छात्र प्रोत्साहन | ₹50 हर 6 महीने, 3 साल तक — कुल ₹300 |
| पौधा माँगने का तरीका | वन विभाग की नर्सरी से सीधे, या ई-पौधशाला ऐप से |
| ई-पौधशाला ऐप शुरू | 25 जुलाई 2021 (72वाँ वन महोत्सव) |
| हरित आवरण का लक्ष्य | राज्य का 20 प्रतिशत क्षेत्र हरियाली के अंतर्गत |
इस योजना का लाभ क्या-क्या है?
हर घर हरियाली में ₹1 में पौधा: कोई भी नागरिक वन विभाग की नर्सरी से मात्र ₹1 प्रति पौधा की दर से पौधा ले सकता है। पौधे विभिन्न प्रजातियों के होते हैं — नीम, पापड़ी, चाँदनी, मौलसरी जैसे देशी पौधों पर जोर रहता है। पौधा अपने घर, खेत या फार्महाउस में लगाया जा सकता है।
पौधगिरी में छात्रों को ₹300 प्रोत्साहन: कक्षा 6 से 12 तक का छात्र जो पौधा लगाकर तीन साल तक उसकी देखभाल करता है, उसे हर 6 महीने पर ₹50 प्रोत्साहन राशि मिलती है — यानी तीन साल में कुल ₹300। इसके लिए छात्र को हर छह महीने में अपने पौधे के साथ सेल्फी लेकर पौधगिरी ऐप पर अपलोड करनी होती है।
ई-पौधशाला से मुफ्त पौधा: 25 जुलाई 2021 को शुरू हुई ई-पौधशाला ऐप से सरकारी नर्सरियों से मुफ्त पौधों का वितरण किया जाता है। ऐप पर अपनी पसंद के पौधे की उपलब्धता नज़दीकी नर्सरी में देखी जा सकती है, नर्सरी तक पहुँचने के लिए नेविगेशन की सुविधा है, और लगाए गए पौधे की फोटो वन विभाग के साथ साझा की जा सकती है। सभी नागरिक और सरकारी कार्यालय ऐप से अपनी माँग दर्ज करके नर्सरी से पौधे ले सकते हैं। पंचायतों को जल शक्ति अभियान के तहत और पौधगिरी योजना के तहत दिए जाने वाले पौधे भी इसी ऐप से वितरित किए जाते हैं।
गाँवों के लिए हर गाँव पेड़ों की छाँव: वन विभाग पंचायतों के साथ मिलकर मानसून में गाँवों में विशेष अभियान चलाता है — इसके तहत हर गाँव में 100 देशी पौधे लगाए जाते हैं। पहले चरण में तीनों रेंज के 70 गाँव चुने गए थे। पौधे गाँव की पंचायत भूमि सहित विभिन्न स्थानों पर लगाए जाते हैं।
बड़े लक्ष्य: वन महोत्सव 2021 में राज्य में 3 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, और 2017 में एक वित्तीय वर्ष में 2.5 करोड़ पेड़ लगाने का विशेष अभियान भी चलाया गया था।
नई पहल — हर घर छाँव, हर घर फल: 22 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हर घर छाँव – हर घर फल योजना शुरू की, जिसके तहत 22 जिलों के 110 गाँवों में 55,000 फलदार पौधे मुफ्त बाँटे जा रहे हैं। यह हर घर हरियाली की ही अगली कड़ी है — फलदार पौधों पर जोर।
पात्रता — कौन पौधा ले सकता है?
- हर घर हरियाली — हर नागरिक: हरियाणा का कोई भी नागरिक वन विभाग की नर्सरी से ₹1 प्रति पौधा ले सकता है। शहरी क्षेत्रों में हर परिवार को और ग्रामीण क्षेत्रों में हर व्यक्ति या परिवार को पौधे देने की व्यवस्था बताई गई थी।
- पौधगिरी — कक्षा 6 से 12 के छात्र: हरियाणा के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाले छात्र इस अभियान में शामिल होते हैं। छात्र को एक पौधा लगाकर तीन साल तक उसकी देखभाल करनी होती है।
- ई-पौधशाला — सभी नागरिक और सरकारी कार्यालय: कोई भी नागरिक या सरकारी कार्यालय ऐप पर माँग दर्ज करके नर्सरी से मुफ्त पौधे ले सकता है।
- पंचायतें और संस्थाएँ: ग्राम पंचायतें, RWA और अन्य संस्थाएँ भी अभियान के तहत पौधे ले सकती हैं — गुरुग्राम में एक साल में 56 RWA और 7 ग्राम पंचायतों को दो लाख पौधे दिए गए थे।
जरूरी दस्तावेज
पौधा लेने के लिए कोई लंबी दस्तावेज सूची नहीं है — यही इस योजना की खूबी है। फिर भी, ये चीज़ें साथ रखना अच्छा रहता है:
| क्रम | दस्तावेज/विवरण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | पहचान पत्र (आधार कार्ड) | नर्सरी या ऐप पर पंजीकरण के लिए माँगा जा सकता है |
| 2 | मोबाइल नंबर | ऐप पर माँग दर्ज करने और OTP के लिए |
| 3 | स्कूल का विवरण | पौधगिरी में छात्र के लिए — स्कूल का नाम, कक्षा |
| 4 | पौधे लगाने की जगह का विवरण | घर, खेत या स्कूल — कहाँ लगाया जाएगा |
| 5 | फोटो/सेल्फी | पौधगिरी में हर 6 महीने पर पौधे के साथ सेल्फी अपलोड करनी होती है |
पोर्टल/ऐप का लाइव फॉर्म ही अंतिम है — ऐप पर जो माँगा जाए, वही भरें।
पौधा कैसे लें? — स्टेप बाय स्टेप
तरीका 1 — नर्सरी से सीधे (हर घर हरियाली):
चरण 1: अपने नज़दीकी वन विभाग की नर्सरी का पता करें — जिला वन कार्यालय या वन विभाग की वेबसाइट haryanaforest.gov.in से नर्सरी की सूची मिल सकती है।
चरण 2: नर्सरी पर जाकर अपनी पसंद की प्रजाति का पौधा चुनें — देशी प्रजातियाँ (नीम, पापड़ी, मौलसरी, चाँदनी) हरियाणा के मौसम में बेहतर पनपती हैं।
चरण 3: ₹1 प्रति पौधा की दर से भुगतान करके पौधा ले जाएँ और उसे अपने घर, खेत या फार्महाउस में लगाएँ।
तरीका 2 — ई-पौधशाला ऐप से (मुफ्त पौधा):
चरण 1: अपने मोबाइल में ई-पौधशाला ऐप डाउनलोड करें (Android और iPhone दोनों पर उपलब्ध बताई गई है)।
चरण 2: ऐप पर रजिस्टर करके अपनी माँग दर्ज करें — कौन सा पौधा चाहिए, कितने चाहिए।
चरण 3: ऐप पर नज़दीकी नर्सरी में उस पौधे की उपलब्धता देखें और नेविगेशन की मदद से नर्सरी तक पहुँचें।
चरण 4: नर्सरी से मुफ्त पौधा लेकर लगाएँ, और लगाए गए पौधे की फोटो ऐप पर वन विभाग के साथ साझा करें।
तरीका 3 — पौधगिरी (छात्रों के लिए):
चरण 1: मानसून (जुलाई–सितंबर) में स्कूल के माध्यम से वन विभाग से पौधा लें।
चरण 2: पौधा अपने घर के आँगन, खेत, पार्क या स्कूल के पास लगाएँ और उसका नाम रखें।
चरण 3: तीन साल तक पौधे की देखभाल करें — हर 6 महीने में पौधे के साथ सेल्फी लेकर पौधगिरी ऐप पर अपलोड करें।
चरण 4: हर सफल अपलोड पर ₹50 प्रोत्साहन राशि मिलेगी — तीन साल में कुल ₹300।
ऑफलाइन आवेदन का विकल्प
पौधा लेना मुख्य रूप से ऑफलाइन ही होता है — नर्सरी पर जाकर। अगर ऐप इस्तेमाल करने में दिक्कत हो, तो सीधे नर्सरी या जिला वन कार्यालय जाएँ — वहाँ से पौधे की उपलब्धता और प्रजाति की जानकारी मिल जाएगी। स्कूलों में पौधगिरी का काम स्कूल प्रशासन और वन विभाग के समन्वय से होता है, इसलिए छात्र अपने शिक्षक से भी पूछ सकते हैं।
शुल्क और समय-सीमा
शुल्क: हर घर हरियाली में ₹1 प्रति पौधा; ई-पौधशाला से पौधे मुफ्त बताए गए हैं; पौधगिरी में छात्र को पौधा मुफ्त मिलता है और ऊपर से प्रोत्साहन राशि मिलती है। कोई आवेदन शुल्क नहीं है।
समय-सीमा: पौधे लगाने का सबसे अच्छा समय मानसून (जुलाई–सितंबर) है — पौधगिरी अभियान भी इसी दौरान चलता है। नर्सरी से पौधे साल भर लिए जा सकते हैं, लेकिन उपलब्धता मौसम और स्टॉक पर निर्भर करती है। प्रोत्साहन राशि के लिए सेल्फी हर 6 महीने में अपलोड करनी होती है — समय पर अपलोड न करने पर उस अवधि की राशि रुक सकती है; ऐप पर दिख रही ताज़ा प्रक्रिया ही अंतिम मानी जाए।
पौधे और प्रोत्साहन की स्थिति कैसे चेक करें?
- ई-पौधशाला ऐप पर अपनी माँग और नर्सरी की उपलब्धता देखी जा सकती है।
- पौधगिरी में छात्र ऐप पर अपनी सेल्फी अपलोड की स्थिति देख सकते हैं।
- जिला वन कार्यालय से नर्सरी में पौधों की उपलब्धता पूछी जा सकती है।
- ध्यान दें — ई-पौधशाला ऐप 2021 में शुरू हुई थी; 2026 में उसकी लाइव उपलब्धता (Play Store/App Store पर) की पुष्टि आवेदन से पहले खुद कर लें। अगर ऐप न मिले, तो नर्सरी से सीधे पौधा लेना सबसे भरोसेमंद तरीका है।
पौधा लगाने के बाद क्या करें?
पौधा लगाना ही काफी नहीं है — उसे सँभालना भी जरूरी है। पहले तीन साल में नियमित पानी दें, पौधे के आसपास की जगह साफ रखें, और तेज धूप या पशुओं से बचाव के लिए ट्री-गार्ड लगाएँ। पौधगिरी के छात्रों के लिए तीन साल तक देखभाल अनिवार्य है — तभी पूरी ₹300 प्रोत्साहन राशि मिलती है। फलदार पौधे लगाने पर कुछ सालों में घर को फल भी मिलने लगते हैं — यही हर घर छाँव, हर घर फल योजना का मकसद है।
ध्यान देने योग्य बातें
- देशी प्रजाति चुनें: नीम, पापड़ी, मौलसरी, जामुन, आम जैसे देशी पौधे हरियाणा के मौसम में बेहतर पनपते हैं और कम पानी में भी चलते हैं।
- सही जगह चुनें: पौधा ऐसी जगह लगाएँ जहाँ उसे धूप मिले और जड़ें फैलने की जगह हो — बिजली की लाइन या दीवार के बिल्कुल पास न लगाएँ।
- फर्ज़ी ऐप से सावधान: पौधा लेने के नाम पर कोई पैसे माँगे तो सावधान रहें — हर घर हरियाली में कीमत सिर्फ ₹1 प्रति पौधा है, और ई-पौधशाला से पौधे मुफ्त बताए गए हैं।
- किसान भाइयों के लिए: खेत में सोलर पंप लगवाने की योजना अलग है — देखें: PM-KUSUM सोलर पंप योजना हरियाणा — 75% सब्सिडी।
हरियाली और पर्यावरण से जुड़ी अन्य योजनाएँ
- PM-KUSUM सोलर पंप योजना हरियाणा — 75% सब्सिडी: किसानों के लिए सोलर पंप — खेत और हरियाली दोनों से जुड़ी योजना।
- मनोहर ज्योति योजना हरियाणा — सोलर होम सिस्टम सब्सिडी: घरों में सोलर सिस्टम पर सहायता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. हर घर हरियाली योजना में पौधा कितने का मिलता है?
वन विभाग की नर्सरी से मात्र ₹1 प्रति पौधा की दर से पौधा मिलता है। यह अभियान जुलाई 2015 में शुरू हुआ था।
2. ई-पौधशाला ऐप से पौधा मुफ्त कैसे लें?
ई-पौधशाला ऐप पर रजिस्टर करके अपनी माँग दर्ज करें, नज़दीकी नर्सरी में पौधे की उपलब्धता देखें और नर्सरी से मुफ्त पौधा ले जाएँ। ऐप 25 जुलाई 2021 को शुरू हुई थी — 2026 में उसकी लाइव उपलब्धता पहले जाँच लें।
3. पौधगिरी योजना में छात्रों को कितने पैसे मिलते हैं?
कक्षा 6 से 12 तक के छात्र को पौधा लगाकर तीन साल तक देखभाल करने पर हर 6 महीने में ₹50 मिलते हैं — कुल ₹300। इसके लिए हर छह महीने में पौधे के साथ सेल्फी ऐप पर अपलोड करनी होती है।
4. पौधगिरी में कौन से छात्र शामिल हो सकते हैं?
हरियाणा के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाले छात्र — लगभग 22 लाख छात्रों को शामिल करने का लक्ष्य था।
5. हर गाँव पेड़ों की छाँव योजना क्या है?
वन विभाग पंचायतों के साथ मिलकर मानसून में हर गाँव में 100 देशी पौधे लगाने का अभियान चलाता है। पहले चरण में 70 गाँव चुने गए थे।
6. हर घर छाँव, हर घर फल योजना क्या है?
22 सितंबर 2025 को शुरू हुई योजना, जिसके तहत 22 जिलों के 110 गाँवों में 55,000 फलदार पौधे मुफ्त बाँटे जा रहे हैं।
7. पौधा लेने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
आमतौर पर सिर्फ पहचान पत्र और मोबाइल नंबर काफी होता है। छात्रों के लिए स्कूल का विवरण माँगा जा सकता है। ऐप का लाइव फॉर्म ही अंतिम है।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- वन विभाग, हरियाणा (नर्सरी सूची और जानकारी): haryanaforest.gov.in
- ई-पौधशाला ऐप — 25 जुलाई 2021 को 72वें वन महोत्सव में लॉन्च; Android और iPhone पर उपलब्ध बताई गई
- हर घर हरियाली अभियान — जुलाई 2015 में शुरू; 48.57 लाख परिवारों को ₹1 प्रति पौधा
- पौधगिरी अभियान — जुलाई 2018 में शुरू; कक्षा 6–12 के छात्र; ₹50 हर 6 महीने, कुल ₹300
- हर घर छाँव, हर घर फल — 22 सितंबर 2025 को शुरू; 110 गाँवों में 55,000 फलदार पौधे मुफ्त
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी हरियाणा वन विभाग की सार्वजनिक जानकारी, योजना की शुरुआत के समय की सरकारी विज्ञप्तियों और समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। पौधों की उपलब्धता, प्रजातियाँ और ऐप की लाइव स्थिति समय के साथ बदल सकती है — पौधा लेने से पहले नज़दीकी नर्सरी या जिला वन कार्यालय से ताज़ा जानकारी ज़रूर ले लें।

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