मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट 2026: ₹15,800 करोड़ के निवेश का रास्ता साफ, 10,000 से ज्यादा नौकरियों की उम्मीद
इंदौर। मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने की राज्य सरकार की मुहिम को शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली। इंदौर में आयोजित दो दिवसीय ‘मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट 2026’ में इस क्षेत्र में ₹15,800 करोड़ के निवेश का रास्ता साफ हो गया। सम्मेलन में जापान और ताइवान समेत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की पांच कंपनियों को करीब ₹10,000 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाली परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटित की है। इसके अलावा सम्मेलन के दौरान पांच कंपनियों से ₹5,800 करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं के शुरू होने पर 10,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात और असम की तरह मध्य प्रदेश भी भारत के सेमीकंडक्टर केंद्रों में शामिल हो गया है, और राज्य की आकर्षक सेमीकंडक्टर नीति के जरिए निवेशकों को हरसंभव मदद दी जाएगी। सम्मेलन में राज्य की अनुकूल भौगोलिक स्थिति, उद्योग-अनुकूल नीतियों, बेहतर औद्योगिक माहौल और युवा प्रतिभाओं को निवेशकों के सामने रखा गया।
ताइवान के प्रतिनिधिमंडल ने पेशकश की कि ताइवान मध्य प्रदेश के युवाओं को सेमीकंडक्टर तकनीक में प्रशिक्षित करने में मदद कर सकता है, ताकि प्रशिक्षण के बाद लौटने वाले युवा राज्य में तकनीकी विशेषज्ञता विकसित करें और दोनों पक्षों के बीच दीर्घकालिक सहयोग मजबूत हो। इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चांडक ने कहा कि राज्य सरकार की लगातार पहलों से मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग की प्रगति के काफी अवसर हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर नीतियों में बेहतर तालमेल की जरूरत भी बताई।
