मजबूत बुनियाद पर टिकी भारतीय अर्थव्यवस्था: RBI के अक्टूबर बुलेटिन में भरोसा, IMF ने 2026-27 की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया
वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर एक और मुहर लगी है। भारतीय रिजर्व बैंक के अक्टूबर 2026 के बुलेटिन के मुताबिक देश की अर्थव्यवस्था ठोस समष्टिगत बुनियाद और नीतिगत हस्तक्षेपों के दम पर स्थिर बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 60 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 7.0 प्रतिशत कर दिया है, जो जुलाई के अनुमान से ऊपर है। IMF के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की ताकत इस वृद्धि की मुख्य वजह है। इस अनुमान के साथ भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
बुलेटिन में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में दोहरे अंक की निर्यात वृद्धि हुई, जिससे सितंबर में व्यापार घाटा घटा। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ECB) और प्रवासी भारतीयों के प्रेषण (रेमिटेंस) का प्रवाह मजबूत बना हुआ है, जबकि FCNR(B) विंडो से विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है।
कमजोर और असमान मानसून के बावजूद खरीफ की बुवाई सामान्य से ऊपर रही, और शुरुआती दबाव के बाद रुपया स्थिर हुआ है। हां, सितंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई व्यापक रूप से बढ़ी है, जिस पर RBI ने नीतिगत रुख में बदलाव का संकेत दिया है।
मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों — बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार और विनिर्माण को बढ़ावा — का नतीजा है कि वैश्विक सुस्ती के दौर में भी भारत की ग्रोथ कहानी बरकरार है। IMF का अनुमान बढ़ना इस भरोसे की अंतरराष्ट्रीय पुष्टि है।
