UP मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना: किसान छात्रों के लिए सीटें दोगुनी, अब ₹60,000 सालाना सहायता
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के बच्चों के लिए बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति सीटें दोगुनी कर दी गई हैं — अब 1,410 की जगह 2,820 मेधावी छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। साथ ही सालाना आर्थिक सहायता भी ₹36,000 से बढ़ाकर ₹60,000 कर दी गई है। यह घोषणा 18-19 अक्टूबर 2026 के आसपास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार और राज्य मंडी परिषद की ओर से की गई।
यह योजना किसानों और खेतिहर मजदूरों के उन मेधावी बच्चों के लिए है, जो कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। सरकार का मकसद है कि ग्रामीण इलाकों की प्रतिभा पैसों की कमी के कारण कृषि विज्ञान की पढ़ाई से वंचित न रहे। कृषि शिक्षा में पढ़ने वाले युवा ही आगे चलकर किसानों के लिए नई तकनीक, बेहतर बीज और वैज्ञानिक खेती के तरीके लेकर आएंगे।
योजना के तहत चयनित छात्रों को सालाना ₹60,000 की सहायता मिलेगी, जिससे फीस, किताबें और रहने-खाने का खर्च पूरा करने में मदद मिलेगी। सीटें दोगुनी होने से अब दोगुने छात्रों को अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा कृषि प्रधान राज्य है, ऐसे में कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने वाला यह कदम राज्य के किसान परिवारों के लिए सीधी राहत लेकर आया है।
योगी सरकार किसान कल्याण को अपनी प्राथमिकता बताती रही है और यह फैसला उसी दिशा में एक और कदम है। पात्र छात्र-छात्राएं मंडी परिषद और कृषि विभाग के माध्यम से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि से पहले अपने दस्तावेज तैयार रखें, ताकि लाभ से कोई पात्र छात्र वंचित न रह जाए।
