चिन्मय अमृत महोत्सव: PM मोदी 23 अक्टूबर को करेंगे ग्लोबल सम्मेलन का उद्घाटन, 9,000 से ज्यादा प्रतिभागी जुटेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर संबोधन भी देंगे। 23 से 25 अक्टूबर तक चलने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में साल भर से चल रहे जश्न का समापन होगा। सम्मेलन में भारत सहित विदेशों से 9,000 से ज्यादा प्रतिभागियों के जुटने की उम्मीद है।
चिन्मय मिशन की स्थापना 1951 में स्वामी चिन्मयानंद ने वेदांत और भगवद्गीता की शिक्षाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की थी। आज यह मिशन आध्यात्मिक शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण, युवा सशक्तिकरण और सामुदायिक सेवा के क्षेत्रों में काम कर रहा है। 75वीं वर्षगांठ के जश्न की शुरुआत पिछले वर्ष तब हुई थी, जब प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के गंगैकोंड चोलपुरम में चिन्मय मिशन द्वारा तैयार भगवद्गीता के तमिल पद्यानुवाद का लोकार्पण किया था, जिसका संगीत प्रसिद्ध संगीतकार इलैयाराजा ने दिया था।
वर्षगांठ वर्ष के दौरान कई बड़े आयोजन हुए। देश के कई स्थानों पर सामूहिक हवन आयोजित किए गए और त्रिपुरा में मां सौंदर्या चिन्मयी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई। ‘चिन्मय गीता समर्पणम’ के तहत दुनिया भर के एक लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन जुड़कर भगवद्गीता के 15वें अध्याय का पाठ किया। ‘गीता पंचामृत’ पहल में गीता के चुने हुए पांच श्लोकों पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि चिन्मय युवा केंद्र के 15 युवा सदस्यों ने ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ के तहत 40,000 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा कर गीता के संदेश को देश भर में पहुंचाया।
प्रधानमंत्री मोदी का इस वैश्विक आध्यात्मिक सम्मेलन का उद्घाटन करना भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत मंडपम में होने वाला यह आयोजन दुनिया भर के आध्यात्मिक अनुयायियों और विद्वानों को एक मंच पर लाएगा।
