PM मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला: ‘श्रीहरिकोटा से ज्यादा बार कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की नाकाम कोशिश करती है’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित NDTV वर्ल्ड समिट 2026 के कीनोट संबोधन में कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि जब पूरी दुनिया एक नई विश्व व्यवस्था की तलाश में है, तब भारत में कुछ लोग देश में अव्यवस्था का सपना देख रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस को देश की छवि खराब करने वाला परजीवी तक करार दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया में इतनी उथल-पुथल है, तो विश्व के सामने एक मजबूत भारत की तस्वीर जानी चाहिए, लेकिन ये लोग देश की प्रतिष्ठा को मिट्टी में मिलाने पर तुले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग विदेश जाकर भारत को बदनाम करते हैं और विदेशियों से दखल की गुहार लगाते हैं।
पीएम मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि पता नहीं कांग्रेस अपने ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च करने के लिए कब तक देश को दांव पर लगाती रहेगी। उन्होंने कहा कि साल भर में श्रीहरिकोटा से उतनी रॉकेट लॉन्चिंग नहीं होतीं, जितनी नाकाम कोशिशें कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने में करती है। पीएम ने कहा कि कांग्रेस चाहे अपनी जितनी दुर्दशा करे, इससे उन्हें कोई समस्या नहीं है, लेकिन एक परिवार को नाकामी के दाग से बचाने के लिए कांग्रेस अब भारत की उपलब्धियों, अच्छाइयों और प्रगति को कटघरे में खड़ा कर रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि सत्ता जाने के बाद कांग्रेस के मुंह में इतना खट्टा अंगूर लग गया है कि वह अब बेल को ही काटने पर तुली है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह परिवार कांग्रेस पर बोझ बन चुका है और पार्टी के वरिष्ठ नेता इसे निजी बातचीत में स्वीकार भी करते हैं।
पीएम ने कांग्रेस को ‘परजीवी’ बताते हुए कहा कि यह पार्टी किसी और को आगे बढ़ने नहीं देना चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘दिमागी नक्सलों’ ने कांग्रेस की सोच पर इस कदर कब्जा कर लिया है कि वह खुद से सोच भी नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि जंगलों में उत्पात मचाने वाले लोग अब कांग्रेस में आ गए हैं और देश को तबाह करने पर तुले हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के इस रवैये के कारण सरकार के ईमानदार आलोचकों की आवाज भी दब जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में कांग्रेस की कार्यवाही रोकने की रणनीति के कारण युवा और प्रतिभाशाली विपक्षी सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिलता।
दो दिवसीय इस सम्मेलन की थीम ‘ए वर्ल्ड बिटवीन ऑर्डर्स’ रखी गई है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व व्यवस्था बदल रही है, इसलिए बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार और ग्लोबल साउथ की आवाज को उचित स्थान देना आवश्यक है। सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर, कूटनीतिज्ञ, व्यवसायिक जगत के दिग्गज और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ भी शामिल हुए।
