Viksit Haryana

हरियाणा की ताज़ा खबरें, सरकारी योजनाएँ और विकास की हर अपडेट

राजनीति

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पीएम मोदी की विदेश यात्राओं का रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं होगा, सुरक्षा का हवाला

Spread the love

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं से जुड़े रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस अमित महाजन ने 15 अक्टूबर को दिए फैसले में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के 8 जुलाई 2020 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें भारतीय वायुसेना (IAF) को प्रधानमंत्री मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की IAF विमानों से की गई विदेश यात्राओं का ‘स्पेशल फ्लाइट रिटर्न’ (SFR-II) रिकॉर्ड देने का निर्देश दिया गया था।

अदालत ने कहा कि इस जानकारी के खुलासे से राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रधानमंत्री के जीवन व शारीरिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है। वायुसेना ने सूचना के अधिकार (RTI) कानून की धारा 8(1)(a) और 8(1)(g) के तहत जानकारी देने से इनकार किया था, जिसे अदालत ने सही ठहराया। कोर्ट का कहना था कि सुरक्षा कर्मियों के नाम और पहचान छिपाकर भी रिकॉर्ड देने से प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के संवेदनशील पहलुओं का पुनर्निर्माण सार्वजनिक सूचनाओं से जोड़ा जा सकता है।

फैसले में जस्टिस महाजन ने कहा, “यह अदालत या CIC सुरक्षा एजेंसियों के इस आकलन पर अपील नहीं सुन सकती कि किसी जानकारी के खुलासे से राष्ट्रीय सुरक्षा या प्रधानमंत्री के जीवन को खतरा हो सकता है या नहीं।” अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसा आकलन मुख्य रूप से प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी वाली एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र में आता है और अदालत उनका आकलन अपने आकलन से नहीं बदल सकती।

यह मामला जून 2018 में सेवानिवृत्त कमोडोर लोकेश के. बत्रा द्वारा दायर RTI आवेदन से जुड़ा है। उन्होंने अप्रैल 2013 से IAF विमानों से प्रधानमंत्रियों द्वारा की गई हर विदेश यात्रा की जानकारी मांगी थी। CIC ने 2020 में IAF को SFR-II रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां देने का निर्देश दिया था, जिसे वायुसेना ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

यह फैसला प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों के संरक्षण के पक्ष में एक महत्वपूर्ण नजीर माना जा रहा है।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *