अमित शाह की दिल्ली पुलिस को सख्त हिदायत: 1 नवंबर से पहले कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटें, 250 से ज्यादा CAPF कंपनियां तैनात
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो (IB) के प्रमुख महेश दीक्षित, दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और गृह मंत्रालय व दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक करीब तीन घंटे तक चली।
बैठक में गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की कोशिश करने वाले किसी भी तत्व से सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि किसी को भी राजधानी की शांति भंग करने का अधिकार नहीं है। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अधिक इस्तेमाल के निर्देश दिए गए। राजधानी के सभी प्रवेश बिंदुओं पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है ताकि असामाजिक तत्व दिल्ली में प्रवेश न कर सकें।
दिल्ली में पहले से ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 250 से अधिक कंपनियां तैनात हैं, जिनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ और रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां शामिल हैं। महिला कर्मियों वाली टुकड़ियां भी इस तैनाती का हिस्सा हैं। यह तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है और सुरक्षा आकलन के आधार पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
बैठक में नशे के खिलाफ अभियान, विदेश में बैठकर गैंग चलाने वाले अपराधियों पर कार्रवाई और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर भी चर्चा हुई। गृह मंत्री ने हाल के प्रदर्शनों और मार्चों को बिना हालात बिगड़े संभालने के लिए दिल्ली पुलिस की सराहना की। अधिकारियों के अनुसार, बैठक में पिछले पांच महीनों के दौरान हुए प्रदर्शनों, पुलिस की प्रतिक्रिया और सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों को दोहराने से रोकने के उपायों पर भी विचार किया गया।
यह समीक्षा 1 नवंबर को होने वाले विपक्षी दलों के प्रस्तावित मार्च से पहले की गई है, जिसके लिए दिल्ली पुलिस ने नए निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर अनुमति दी है। गृह मंत्रालय का संदेश साफ है — शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक गतिविधि का सम्मान होगा, लेकिन कानून हाथ में लेने की किसी भी कोशिश पर प्रशासन पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा।
