प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 3 नवंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महाराष्ट्र के पुणे शहर को शहरी परिवहन की बड़ी सौगात दी। प्रधानमंत्री ने करीब 21800 करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें पुणे मेट्रो लाइन-3 यानी पिंक लाइन का उद्घाटन शामिल है, साथ ही मेट्रो फेज-2 के तहत चार नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी गई। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए। यह कार्यक्रम दोपहर करीब 12 बजकर 30 मिनट पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित हुआ।
पिंक लाइन की सबसे बड़ी खासियत इसका रूट है। यह करीब 23 किलोमीटर लंबा पूरी तरह एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो मान-हिंजवड़ी को जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन और शिवाजीनगर से जोड़ता है। इस लाइन पर कुल 23 स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें से 17 स्टेशन 3 नवंबर से यात्रियों के लिए खोल दिए गए हैं। इस परियोजना पर 8300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया है। आधिकारिक यात्री सेवाएं 4 नवंबर 2026 की सुबह 6 बजे से शुरू होंगी। इस लाइन से हिंजवड़ी स्थित राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क में काम करने वाले लाखों लोगों की रोजाना की यात्रा आसान होगी। एक और खास बात यह है कि इस लाइन की सभी ट्रेनें लगभग 100 महिला चालकों द्वारा संचालित की जाएंगी, और लगभग आधे स्टेशन कर्मचारी भी महिलाएं होंगी।
पिंक लाइन के साथ ही पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की नींव भी रखी गई है। फेज-2 पर करीब 13500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसके तहत चार नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे। पिंक लाइन और फेज-2 को मिलाकर पुणे में मेट्रो ढांचे पर कुल करीब 21800 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। इन नए कॉरिडोर के बनने से शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवाजाही तेज होगी, सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को समय की बचत होगी। शहरी परिवहन के लिहाज से यह पुणे के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने शहरों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियां तब और बढ़ जाती हैं, जब जीवन में कोई नई सुविधा जुड़ती है, और आज पुणे के लोगों के लिए ऐसा ही सुखद अवसर है। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि करीब 10 साल पहले उन्हें पुणे में मेट्रो के पहले चरण के काम के शिलान्यास का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि देश में पहली मेट्रो 1984 में चली थी, उसके बाद के 30 साल में सिर्फ 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन बनी और 2014 तक देश में सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो चल रही थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में जब देश ने एनडीए को सेवा का मौका दिया, तो सरकार मिडिल क्लास की ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ ट्रांसपोर्टेशन के संकल्प के साथ चली, जिसका नतीजा आज दिख रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शहर सिर्फ रहने की जगह नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र भी हैं, इसलिए सैकड़ों छोटे शहरों को भी ग्रोथ हब में बदलना है। उन्होंने बताया कि इस साल फरवरी में मंजूर अर्बन चैलेंज फंड आने वाले कुछ सालों में शहरों में लाखों करोड़ रुपये का निवेश लाने के लिए केंद्र सरकार से एक लाख करोड़ रुपये की फंडिंग देगा। पुणे की यह सौगात इसी सोच का हिस्सा है, जिसमें आधुनिक परिवहन, रोजगार केंद्रों तक आसान पहुंच और महिलाओं की भागीदारी एक साथ दिखती है। पुणे के लोगों के लिए यह परियोजना रोजाना की यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

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