अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) ने प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट (PM ECRG) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के तहत शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं को अपने स्वतंत्र शोध कार्य शुरू करने के लिए अधिकतम 60 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी, इसके अलावा संस्थान को ओवरहेड शुल्क भी मिलेगा। परियोजना की अवधि तीन वर्ष होगी और इसे बढ़ाया नहीं जा सकेगा। हर वर्ष सभी विषय क्षेत्रों में अधिकतम 700 ग्रांट दिए जाने की योजना है। आवेदन प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 2 दिसंबर 2026 को शाम 5 बजे तक ANRF के आधिकारिक पोर्टल anrfonline.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ANRF की स्थापना संसद से पारित अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन अधिनियम 2023 के तहत देश में शोध और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए की गई थी, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके शासी निकाय के अध्यक्ष हैं।
इस ग्रांट का उद्देश्य युवा शोधकर्ताओं को आर्थिक सहयोग देकर नए विचारों, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे अपने संस्थान में स्वतंत्र रूप से उच्च गुणवत्ता वाला शोध कार्य कर सकें। मिलने वाली राशि का उपयोग उपकरण खरीदने, शोध कर्मियों की नियुक्ति, उपभोग्य सामग्री, यात्रा और आकस्मिक खर्चों के लिए किया जा सकेगा। यात्रा खर्च के लिए तीन वर्षों में अधिकतम तीन लाख रुपये की सीमा तय की गई है, हालांकि फील्डवर्क जैसे विशेष कार्यों के लिए अधिक राशि की स्पष्ट स्वीकृति मिलने पर इससे अधिक खर्च भी संभव है। यह लचीला ढांचा शोधकर्ताओं को अपनी परियोजना की जरूरत के अनुसार बजट का उपयोग करने की सुविधा देता है, जो शुरुआती करियर के शोध के लिए खास तौर पर मददगार है।
आवेदन के लिए अभ्यर्थी का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। उसके पास विज्ञान या इंजीनियरिंग में पीएचडी अथवा एमडी, एमएस, एमडीएस या एमवीएससी की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही अभ्यर्थी को किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान, राष्ट्रीय प्रयोगशाला या मान्यता प्राप्त शोध एवं विकास संस्थान में नियमित शैक्षणिक या शोध पद पर कार्यरत होना चाहिए। सामान्य नियम के अनुसार संस्थान में कार्यभार ग्रहण करने के दो वर्ष के भीतर आवेदन करना होता है, लेकिन इस चक्र के लिए एक बार की छूट दी गई है, जिसके तहत 1 फरवरी 2023 या उसके बाद संस्थान से जुड़े अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष है, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन और महिलाओं को तीन वर्ष की छूट मिलेगी। जो अभ्यर्थी पहले यंग साइंटिस्ट योजना, अर्ली करियर रिसर्च, स्टार्टअप रिसर्च ग्रांट, कोर रिसर्च ग्रांट या किसी अन्य एसईआरबी या ANRF परियोजना ग्रांट से लाभ ले चुके हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी ANRF के ऑनलाइन पोर्टल anrfonline.in पर जाकर पंजीकरण करें और अपना प्रोफाइल पूरा करें। इसके बाद परियोजना का नाम, सारांश, कीवर्ड, उद्देश्य, कार्यप्रणाली, अपेक्षित परिणाम और विस्तृत बजट सहित प्रस्ताव ऑनलाइन जमा करना होगा। आवेदन जमा करने से पहले आधिकारिक कॉल नोटिस और दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है, क्योंकि अंतिम तिथि, पात्रता की शर्तों और बजट की सीमाओं से जुड़ी अंतिम जानकारी उसी में दी गई है। प्रस्ताव में शोध की नवीनता, सामाजिक और वैज्ञानिक उपयोगिता तथा कार्ययोजना की स्पष्टता पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि चयन इन्हीं बिंदुओं के आधार पर किया जाता है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे, इसलिए अंतिम तिथि से पहले फॉर्म पूरा कर लें।
हरियाणा के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में कार्यरत युवा शोधकर्ताओं के लिए भी यह योजना एक बड़ा अवसर है, क्योंकि राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों में शुरुआती करियर के कई शिक्षक और वैज्ञानिक स्वतंत्र शोध परियोजनाएं शुरू करना चाहते हैं। 60 लाख रुपये तक की सहायता से वे आधुनिक उपकरण खरीद सकते हैं, शोध सहायकों की नियुक्ति कर सकते हैं और अपने विषय में गहन अध्ययन कर सकते हैं। केंद्र सरकार की यह पहल देश में शोध पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पात्र युवा शोधकर्ता 2 दिसंबर 2026 की अंतिम तिथि से पहले ANRF पोर्टल पर अपना आवेदन जरूर जमा करें और आधिकारिक सूचना के अनुसार सभी शर्तों की पुष्टि कर लें।
प्रातिक्रिया दे