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भारत में मेट्रो का विस्तार: 2014 में 5 शहरों में 248 किमी, अब 26 शहरों में 1200 किमी, पीएम मोदी ने बताया

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  • खबर: भारत में मेट्रो का विस्तार: 2014 में 5 शहरों में 248 किमी, अब 26 शहरों में 1200 किमी, पीएम मोदी ने बताया
  • तारीख़: 5 नवम्बर 2026, 2:45 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: विकास
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश में मेट्रो रेल के विस्तार की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 2014 में देश के सिर्फ पांच शहरों में 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन थी, जबकि आज 26 शहरों में करीब 1,200 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क फैल चुका है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि आज हर दिन एक करोड़ से ज्यादा लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं। उन्होंने कहा कि तेज गति से हुए इस विस्तार ने शहरी यातायात को बदल दिया है और लाखों यात्रियों की जिंदगी आसान हुई है।

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे मेट्रो की लाइन-3 (पिंक लाइन) का उद्घाटन किया था। यह 23.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर मान और हिंजेवाड़ी आईटी हब को शिवाजीनगर (जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन) से जोड़ता है और इस पर 8,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आई है। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने करीब 13,500 करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी रखी। पुणे से जुड़ी इन परियोजनाओं का कुल मूल्य करीब 21,800 करोड़ रुपये है।

प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि 2014 में भारत के पास सिर्फ पांच शहरों में 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन थी, जबकि आज 26 शहरों में करीब 1,200 किलोमीटर मेट्रो है और हर दिन एक करोड़ से ज्यादा लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं। मेट्रो का यह विस्तार सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा — अब छोटे और मझोले शहरों में भी मेट्रो परियोजनाएं चल रही हैं। पुणे के अलावा बेंगलुरु में भी नम्मा मेट्रो की पिंक लाइन का उद्घाटन 13 नवंबर को होने वाला है, जिससे शहर के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

2014 के बाद मेट्रो नेटवर्क में करीब पांच गुना विस्तार हुआ है। पहले मेट्रो सिर्फ कुछ बड़े शहरों तक सीमित थी, अब यह 26 शहरों में पहुंच चुकी है। सरकार का कहना है कि मेट्रो से शहरों में जाम कम होता है, प्रदूषण घटता है और लोगों का रोजाना का सफर तेज व सस्ता होता है। मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यापार और रोजगार के मौके भी बढ़ते हैं, जिससे शहरों की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।

एक करोड़ से ज्यादा दैनिक यात्रियों का आंकड़ा बताता है कि मेट्रो अब देश के शहरों की जीवनरेखा बन चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विस्तार विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा है, जिसमें आधुनिक और सुविधाजनक शहरी परिवहन की बड़ी भूमिका है। आने वाले समय में और शहरों में मेट्रो विस्तार की परियोजनाएं चल रही हैं, जिससे लाखों और यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।


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