एशियन पैरा गेम्स 2026: मंजीत व्यास को भाला फेंक में सिल्वर (61.03 मीटर, व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ); कस्थुरी राजामणि को पावरलिफ्टिंग 67kg में रजत
एशियन पैरा गेम्स 2026 में बुधवार को भारत के खाते में दो और रजत पदक जुड़े। पैरा-एथलीट मंजीत व्यास ने पुरुषों की भाला फेंक F12/F13 स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि कस्थुरी राजामणि ने महिलाओं की 67 किलोग्राम पैरा-पावरलिफ्टिंग में सिल्वर अपने नाम किया।
मंजीत ने संयुक्त F12/F13 स्पर्धा में अपने दूसरे प्रयास में 61.03 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर पोडियम पर जगह बनाई और F13 वर्ग में रजत पदक हासिल किया। जापान के युता वाकोह ने 914 रजा अंकों के साथ स्वर्ण जीता। मंजीत का यह सीजन शानदार रहा है — वह दिल्ली में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 और बेंगलुरु में इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण जीत चुके हैं।
पावरलिफ्टिंग में कस्थुरी राजामणि ने तीन में से दो लिफ्ट सफल कीं — पहली में 103 किलो, दूसरी में 106 किलो पर असफलता और तीसरी व अंतिम लिफ्ट में 108 किलो उठाकर रजत पदक पक्का किया। दक्षिण कोरिया की किम ह्योंगहुई 107 किलो के साथ कांस्य पर रहीं, जबकि उज्बेकिस्तान की रुखशोना उक्तामोवा ने 127 किलो के साथ स्वर्ण जीता। हांगझोउ में पांचवें स्थान पर रहने वाली कस्थुरी ने इस बार पदक जीतकर वापसी की।
इन पदकों के साथ भारत का कुल आंकड़ा 47 (12 स्वर्ण, 17 रजत, 18 कांस्य) पहुंच गया और टीम पदक तालिका में पांचवें स्थान पर मजबूती से बनी रही। भारत अब 50 पदकों के आंकड़े से सिर्फ तीन पदक दूर है।
गौरतलब है कि भाला फेंक की यह स्पर्धा F12 और F13 दोनों वर्गों की संयुक्त स्पर्धा थी, जिसमें रजा अंक प्रणाली के तहत विभिन्न दिव्यांगता वर्गों के प्रदर्शन की तुलना की जाती है। वहीं पावरलिफ्टिंग में कस्थुरी ने हांगझोउ खेलों में पांचवें स्थान पर रहने की निराशा को पीछे छोड़ते हुए इस बार पोडियम पर जगह बनाकर शानदार वापसी की है। भारतीय दल का यह प्रदर्शन पैरा-खेलों में देश के बढ़ते दबदबे को दर्शाता है।
