CM सैनी की बिजली कर्मचारियों से अपील: 22-24 अक्टूबर की हड़ताल टालें, APTEL में कर्मचारियों के पसंदीदा वकीलों से लड़ेगी सरकार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के बिजली कर्मचारियों से 22 से 24 अक्टूबर तक की प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल पर पुनर्विचार करने की अपील की है। बुधवार को चंडीगढ़ में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति में बाधा से अस्पताल, कृषि, उद्योग और आवश्यक जनसेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए जनहित को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी हड़ताल टालें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार बिजली कर्मचारियों के साथ दृढ़ता से खड़ी है। हरियाणा बिजली नियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा गुरुग्राम और नूंह में प्राइवेट कंपनी एलेवन पावर को 25 वर्षीय समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले को सरकार विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एप्टेल) में चुनौती देगी। सैनी ने कहा कि अगर कर्मचारी संगठन चाहें तो सरकार उनके पसंदीदा और भरोसेमंद वकीलों के माध्यम से यह केस लड़ेगी, और संवाद के द्वार हमेशा खुले हैं।
बैठक में ऊर्जा मंत्री अनिल विज, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और डीजीपी अजय सिंघल भी मौजूद रहे, जबकि सभी जिलों के उपायुक्त ऑनलाइन जुड़े। अनिल विज ने कहा कि एचईआरसी केंद्र सरकार के अधीन एक स्वतंत्र नियामक है और राज्य सरकार ने शुरुआत से ही प्राइवेट कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध किया है।
हड़ताल के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि तीन दिन की हड़ताल के दौरान जनता को किसी तरह की परेशानी न हो। संवेदनशील प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए जाएंगे और जिला स्तर पर समितियां गठित कर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति को नियमित रिपोर्ट भेजी जाएगी। डीजीपी ने बताया कि सभी जिलों में 1,015 स्थानों पर 6,230 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पड़ोसी राज्यों के बिजली कर्मियों की सेवाएं लेने की तैयारी भी है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी भी दी कि हड़ताल की आड़ में उपद्रव किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बिजली घरों या ग्रिड को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
