पैरा गेम्स डे-3: जैवलिन F53/F54 में भारत का दूसरा डबल पोडियम — प्रदीप कुमार को सिल्वर, आयुष वर्मा को ब्रॉन्ज़; शूटिंग में श्रृष्टि को कांस्य
एशियन पैरा गेम्स 2026 के तीसरे दिन (20 अक्टूबर) भारतीय भाला फेंक खिलाड़ियों ने एक बार फिर कमाल दिखाया। पुरुषों के जैवलिन थ्रो F53/F54 वर्ग में प्रदीप कुमार ने सिल्वर और आयुष वर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। दोनों ने अपने-अपने निजी सर्वश्रेष्ठ (पर्सनल बेस्ट) प्रदर्शन के साथ यह उपलब्धि हासिल की।
यह इन खेलों में भारत का भाला फेंक में दूसरा डबल पोडियम है — इससे पहले सोमवार को F46 वर्ग में रिंकू हुड्डा और अजीत सिंह ने देश को डबल पोडियम दिलाया था।
प्रदीप कुमार ने 27.45 मीटर की थ्रो फेंकी, जिससे उन्हें 901 रजा अंक मिले और सिल्वर पक्का हुआ। आयुष वर्मा ने 17.88 मीटर की दूरी तक भाला फेंका और 793 रजा अंकों के साथ ब्रॉन्ज अपने नाम किया। इस वर्ग का गोल्ड ईरान के एरफान बोंदोरी को मिला, जिन्होंने 30.24 मीटर की थ्रो के साथ 986 रजा अंक हासिल किए।
भाला फेंक के अलावा निशानेबाजी में भी भारत को खुशखबरी मिली। महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 स्पर्धा में श्रृष्टि अरोड़ा ने 214.7 अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस स्पर्धा का गोल्ड और सिल्वर ईरान की फैजेह अहमदी (237.3) और सारेह जावनमर्दी (237.0) को मिला।
नगोया में चल रहे इन खेलों में भारत का प्रदर्शन लगातार निखर रहा है। भाला फेंक जैसे ताकत और तकनीक वाले खेल में दो अलग-अलग वर्गों में डबल पोडियम हासिल करना भारतीय पैरा-एथलेटिक्स की गहराई को दर्शाता है। खिलाड़ियों की यह सफलता केंद्र सरकार की टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) जैसी योजनाओं और खेल बुनियादी ढांचे में हुए निवेश का परिणाम मानी जा रही है।
तीसरे दिन के अंत तक भारत 24 पदकों (5 गोल्ड, 8 सिल्वर, 11 ब्रॉन्ज) के साथ पदक तालिका में मजबूत स्थिति में है। आने वाले दिनों में तीरंदाजी के फाइनलों में भारत को और गोल्ड की उम्मीद है।
