दशहरे पर PM मोदी का बड़ा संदेश: सदियों से लूटी गई विरासत वापस ला रहा भारत, 12 साल में 650 मूर्तियाँ लौटीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (20 अक्टूबर 2026) को दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित उत्सव ग्राउंड में विजयादशमी समारोह में शिरकत की। यहाँ उन्होंने रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया और रामलीला के कलाकारों की आरती उतारी। समारोह में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारतीय विरासत को लेकर एक बड़ा संदेश दिया — उन्होंने कहा कि सदियों तक भारत की विरासत को लूटा गया और विदेश ले जाया गया, लेकिन अब देश अपनी विरासत को वापस ला रहा है। मोदी ने बताया कि बीते 12 वर्षों में 650 से अधिक प्राचीन मूर्तियाँ और धरोहर स्वदेश लाई जा चुकी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्ता का उद्देश्य शासन करना नहीं, लोक कल्याण है। उन्होंने कहा कि राम राज्य ही सुशासन का आदर्श है और यही भावना सरकार के कामकाज की नींव है। मोदी ने देश के हित में सभी संस्थाओं, राजनीतिक दलों और समाज के वर्गों की एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि देश के खिलाफ काम करने वाली ताकतों की पहचान कर उन्हें पराजित करना होगा।
आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अपनी ताकत पर खड़ा हो रहा है और विकास के साथ-साथ गरीबों की सेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ‘नागरिक देवो भव’ की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया — यानी नागरिकों को देवता के समान मानकर उनकी सेवा करना। मोदी ने कहा कि बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व विजयादशमी हमें यही सीख देता है कि सच्चाई और धैर्य से बड़ी से बड़ी चुनौती को हराया जा सकता है।
कार्यक्रम का आयोजन श्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ ने किया था। इस बार के समारोह में नकली दवाओं के कारोबार के पुतले का दहन भी खास संदेश बना, जिसके जरिए नकली दवा माफिया के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। समारोह स्थल पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
