हरियाणा की बेटी कोकिला को सिल्वर — एशियन पैरा गेम्स में जुडो फाइनल में दुनिया की नंबर-1 से हारीं
एशियन पैरा गेम्स 2026 में हरियाणा के जींद की बेटी कोकिला ने भारत को जुडो में सिल्वर मेडल दिलाया है। सोमवार को महिलाओं के J2 -52 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कोकिला का सामना विश्व की नंबर-1 खिलाड़ी किर्गिस्तान की ऐबाइके उलानबेक किज़ी से हुआ, जिन्होंने महज 21 सेकंड में इपोन के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया।
आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में खेले गए इस फाइनल में कोकिला को दुनिया की शीर्ष खिलाड़ी के सामने हार का सामना करना पड़ा, लेकिन सिल्वर मेडल के साथ उन्होंने देश का नाम रोशन किया। यह भारत का चौथा पदक है और जुडो से दूसरा पदक है — इससे पहले कपिल परमार ने कांस्य जीता था।
फाइनल तक का सफर कोकिला के लिए शानदार रहा। सेमीफाइनल में उन्होंने चीन की मौजूदा विश्व चैंपियन यी लियू को 1-0 से हराकर सबको चौंका दिया था। इस मुकाबले में कोकिला ने एक वाजा-अरी और एक युको स्कोर किया, जबकि उन्हें एक शिडो पेनल्टी भी मिली।
जींद जिले के कसून गांव की रहने वाली कोकिला दृष्टिबाधित वर्ग (J2) की खिलाड़ी हैं। वह पेरिस 2024 पैरालंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स 2023 में उन्होंने -48 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता था।
जुडो में J2 वर्गीकरण उन खिलाड़ियों के लिए है, जिन्हें दृष्टि संबंधी विभिन्न स्तरों की बाधा होती है। कोकिला ने अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि भारतीय पैरा जुडो विश्व स्तर पर लगातार मजबूत हो रहा है।
