HPSC अध्यक्ष पद खाली: आलोक वर्मा का 6 साल का कार्यकाल पूरा, सरकार नए अध्यक्ष की तलाश में
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के अध्यक्ष पद पर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आयोग के मौजूदा अध्यक्ष आलोक वर्मा का छह साल का कार्यकाल 22 अक्टूबर को पूरा हो रहा है। इसके साथ ही राज्य की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती संस्था के शीर्ष पद के लिए नए नाम की तलाश तेज हो गई है और प्रशासनिक व राजनीतिक हलकों में अटकलें जोरों पर हैं।
आलोक वर्मा 1989 बैच के भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने 23 अक्टूबर 2020 को 56 साल की उम्र में HPSC अध्यक्ष का कार्यभार संभाला था। संविधान के अनुच्छेद 316(2) के तहत राज्य लोक सेवा आयोग का कोई सदस्य या अध्यक्ष पद पर छह साल तक या 62 साल की उम्र पूरी होने तक (जो भी पहले हो) रह सकता है।
सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक HPSC अध्यक्ष की नियुक्ति को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि भर्तियों की प्रक्रिया लगातार चल रही है और यह नियुक्ति बेहद संवेदनशील मानी जाती है। गौरतलब है कि HPSC के अलावा हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC), राइट टू सर्विस कमीशन और हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद भी फिलहाल खाली हैं, हालांकि कुछ आयोगों का प्रभार इस समय IAS अधिकारियों के पास है।
अध्यक्ष पद के लिए हाल में सेवानिवृत्त हुए या जल्द सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। इनमें इस साल सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ IAS अधिकारी राजा शेखर वुंद्रू और अरुण कुमार गुप्ता शामिल हैं। वहीं विस्तार पर चल रहे IAS अधिकारी अनुराग रस्तोगी और इस साल सेवानिवृत्त होने वाले सुधीर राजपाल के नाम भी सामने आ रहे हैं। 1990 बैच के IPS अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जबकि 1990 बैच की IAS अधिकारी सुमिता मिश्रा अगले साल जनवरी में सेवानिवृत्त होंगी।
आयोग में अध्यक्ष के अलावा एक सदस्य का पद भी अप्रैल 2026 से खाली पड़ा है। सदस्य राजेंद्र कुमार का कार्यकाल 16 अप्रैल 2026 को 62 साल की उम्र पूरी होने पर समाप्त हो गया था। वर्तमान में आयोग में चार सदस्य कार्यरत हैं — आनंद कुमार शर्मा (कार्यकाल जुलाई 2027 तक), ज्योति बैंदा (सितंबर 2028 तक), ममता यादव (अप्रैल 2029 तक) और डॉ. सोनिया त्रिखा (दिसंबर 2029 तक)।
HPSC राज्य सरकार के विभागों में ग्रुप-A अधिकारियों की भर्ती के लिए जिम्मेदार संवैधानिक संस्था है, जिसमें प्रतिष्ठित हरियाणा सिविल सेवा (HCS) भी शामिल है। यही वजह है कि सरकार इस नियुक्ति में देरी नहीं करना चाहती और जल्द ही नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान संभव है।
