हरियाणा में जैविक खाद पर 80% सब्सिडी: वर्मीकंपोस्ट खरीद पर किसानों को बड़ी राहत, 31 दिसंबर तक आवेदन
हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है — अब जैविक खाद (वर्मीकंपोस्ट) की खरीद पर 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी मिलेगी। किसान को खाद की कीमत का सिर्फ 20 प्रतिशत हिस्सा ही देना होगा, बाकी 80 प्रतिशत सरकार वहन करेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में की गई थी, जिस पर अब अमल शुरू हो गया है। रबी सीजन के लिए आवेदन करने और खाद खरीदने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 तय की गई है।
सरकार का कहना है कि यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक और असंतुलित इस्तेमाल से मिट्टी की प्राकृतिक संरचना, उसमें मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव और जलधारण क्षमता नष्ट हो रही है, जिससे जमीन धीरे-धीरे बंजर होने की कगार पर पहुंच रही है। इसी नुकसान को रोकने और मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने इस वर्ष एक लाख एकड़ क्षेत्र में जैविक खाद के जरिए खेती करवाने का लक्ष्य रखा है।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान का “मेरी फसल-मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। सरकारी नियमों के अनुसार एक किसान अधिकतम एक एकड़ भूमि के लिए ही इस सब्सिडी का लाभ उठा सकता है। किसानों को सरकार से स्वीकृत जैविक खाद ही खरीदनी होगी — इसके लिए वे अपने जिले के किसी भी लाइसेंस प्राप्त उर्वरक विक्रेता से खाद ले सकते हैं। विक्रेता के पास वही खाद होनी चाहिए जिसे बनाने वाली कंपनी को प्रदेश सरकार की अनुमति मिली हो।
करनाल के उप कृषि निदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह के अनुसार यह योजना मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाने और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए है। इससे किसान कम लागत में गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद खरीद सकेंगे। वहीं कुछ किसानों ने एक एकड़ की सीमा बढ़ाकर पांच एकड़ करने की मांग रखी है। इस पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा है कि बेहतर परिणाम आने के बाद भूमि के दायरे को बढ़ाया जा सकता है। पात्र किसान 31 दिसंबर 2026 से पहले पोर्टल पर आवेदन और खरीद की प्रक्रिया पूरी कर लें।
