हरियाणा: बिजली विवाद पर सरकार का बड़ा कदम — धारा 108 लागू कर HERC आदेश में हस्तक्षेप, अनिल विज बोले ‘समाधान लगभग हो चुका’
हरियाणा के बिजली विवाद में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने 23 अक्टूबर को पंचकूला में घोषणा की कि राज्य सरकार बिजली अधिनियम 2003 की धारा 108 का इस्तेमाल करेगी और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के उस आदेश में हस्तक्षेप करेगी, जिसमें एलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम-नूंह क्षेत्र के लिए 25 साल का पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस दिया गया है।
मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार सार्वजनिक बिजली वितरण प्रणाली की रक्षा के लिए खड़ी है। धारा 108 के तहत सरकार को नीतिगत मामलों में नियामक आयोग को निर्देश देने का अधिकार है। इस कदम से बिजली क्षेत्र में निजीकरण की आशंका को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान होगा।
अनिल विज ने बिजली कर्मचारियों से 21 से 23 अक्टूबर तक चल रही 3-दिवसीय हड़ताल वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बातचीत हो चुकी है और समाधान लगभग हो चुका है। उन्होंने बताया कि आज दोपहर 3 बजे कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक होगी, जिसमें अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बिजली कर्मचारी निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। सरकार का स्टैंड स्पष्ट है कि सार्वजनिक वितरण व्यवस्था बनी रहेगी और कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाएगी। मंत्री ने कहा कि बातचीत से हर समस्या का हल निकलता है और सरकार कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है।
वहीं हड़ताल के दौरान आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए पंचकूला में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। सरकार का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और समाधान की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि धारा 108 लागू करने का फैसला सरकार के मजबूत इरादों को दिखाता है। दोपहर 3 बजे की बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। सरकार ने दोहराया है कि जनता को सस्ती और निर्बाध बिजली मिलती रहे, यही उसकी प्राथमिकता है।
