हरियाणा: प्रदूषण पर सरकार का प्रहार — 19,000 पुराने वाहन जब्त, पराली जलाने पर 52 FIR और 21 गिरफ्तार
हरियाणा सरकार ने वायु प्रदूषण के खिलाफ कड़ा अभियान चलाते हुए इस सीजन में अब तक 19,000 पुराने वाहनों को जब्त किया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा और मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था की गहन समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जारी है।
समीक्षा बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, इस सीजन में पराली जलाने के 52 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और 21 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 10,000 रुपये की वसूली की गई और उल्लंघनकर्ताओं के राजस्व रिकॉर्ड में लाल प्रविष्टि भी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढील नहीं बरती जाएगी।
पराली प्रबंधन के लिए सरकार ने किसानों को मशीनें उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है। फसल अवशेष प्रबंधन की 9,000 मशीनों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 13,200 मशीनें वितरित की जा चुकी हैं, जो लक्ष्य से 47 प्रतिशत अधिक है। रेड जोन वाले गांवों में 79 पीएम2.5 सेंसर लगाए गए हैं ताकि प्रदूषण की निगरानी वास्तविक समय में हो सके।
शहरी क्षेत्रों में धूल नियंत्रण के लिए नगर निगमों को सख्त निर्देश दिए गए हैं — वीडियो निगरानी, पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। CAQM अध्यक्ष राजेश वर्मा ने हरियाणा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्दियों के मौसम से पहले प्रदूषण नियंत्रण के सभी प्रबंध पूरी तरह तैयार रखें। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष हरियाणा को स्वच्छ वायु वाला राज्य बनाना है।
