धान खरीद में किसानों को राहत: निर्धारित सीमा से अधिक उपज पर भी होगी खरीद, 48 घंटे में होगा शिकायतों का निपटारा
हरियाणा सरकार ने धान खरीद में किसानों को बड़ी राहत दी है। अब निर्धारित औसत उपज से अधिक धान की पैदावार होने पर भी किसानों की अतिरिक्त उपज खरीदी जाएगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने इस संबंध में सभी उपायुक्तों को ताजा निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार, खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए जिलावार धान उपज की सीमा 21.39 से 29.26 क्विंटल प्रति एकड़ तय की गई है। यह सीमा केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार पिछले तीन वर्षों की औसत उपज के आधार पर निर्धारित हुई है। जिन किसानों की वास्तविक उपज इस सीमा से अधिक है, वे हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के संबंधित सचिव को लिखित अनुरोध दे सकते हैं।
इन दावों का सत्यापन राजस्व या कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा 48 घंटे के अंदर पूरा किया जाएगा। सत्यापन किसानों के पिछले उत्पादन और बिक्री रिकॉर्ड के आधार पर होगा। यदि दावा सही पाया गया, तो अतिरिक्त उपज की भी सरकारी खरीद होगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अनाज मंडियों में किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो।
इस बीच कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने रविवार को डबवाली, कालांवाली, रानिया और सिरसा की अनाज मंडियों का दौरा कर खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने किसानों, आढ़तियों, मंडी समिति प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ खरीद, उठान, भुगतान, बारदाने की उपलब्धता, उर्वरक आपूर्ति और मंडी सुविधाओं की समीक्षा की।
राणा ने कहा कि नियमानुसार 17 प्रतिशत तक नमी वाले धान की खरीद की जा रही है और जे-फॉर्म जारी होने के बाद भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने खरीद के बाद उठान में तेजी लाने और भंडारण की दिक्कत वाली मंडियों में अतिरिक्त जगह की व्यवस्था के निर्देश भी दिए।
किसानों का कहना है कि इस फैसले से उन्हें अपनी पूरी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने में मदद मिलेगी और निजी व्यापारियों को कम दाम पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी।
