हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत: उपज सीमा से ज्यादा धान भी अब MSP पर खरीदेगी सरकार
हरियाणा की सैनी सरकार ने धान किसानों की बड़ी मांग मानते हुए खरीद नियमों में राहत दे दी है। खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए सरकार ने पहले जिलेवार प्रति-एकड़ धान उपज सीमा तय की थी — पिछले तीन वर्षों की औसत उपज के आधार पर यह सीमा 21.39 से 29.26 क्विंटल प्रति एकड़ के बीच रखी गई थी। किसानों का कहना था कि उनकी वास्तविक उपज इस सीमा से ज्यादा है, जिससे पूरी फसल MSP पर नहीं बिक पा रही थी।
किसानों की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने नए निर्देश जारी किए हैं। अब उपज सीमा से अधिक धान होने का दावा करने वाला किसान हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के सचिव को लिखित अनुरोध देगा। इसके बाद राजस्व और कृषि विभाग पुराने उत्पादन-बिक्री रिकॉर्ड के आधार पर 48 घंटे के भीतर सत्यापन करेंगे। सत्यापन होते ही अतिरिक्त मात्रा की भी MSP पर खरीद की जाएगी।
यह फैसला दिखाता है कि सरकार किसानों की बात सुन रही है और मंडी व्यवस्था को उनके हक में लचीला बना रही है। गौरतलब है कि इस सीजन में अब तक 24.93 लाख टन धान की खरीद हो चुकी है और 1.84 लाख किसानों को 3,447 करोड़ रुपये का MSP भुगतान किया जा चुका है। किसान भाइयों को सलाह है कि अधिक उपज के दावे के साथ अपने पिछले वर्षों के उत्पादन और बिक्री के रिकॉर्ड तैयार रखें, ताकि सत्यापन में देरी न हो। धान की कटाई के इस अहम समय में नियमों का सरलीकरण किसानों के लिए बड़ी राहत है।
