हरियाणा में 6,443 पुराने बिजली खंभे हटाने का अभियान तेज, 31 दिसंबर तक डेडलाइन
हरियाणा में पुराने और अनुपयोगी बिजली खंभों को हटाने का विशेष अभियान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद शुरू किए गए इस अभियान के तहत प्रदेश भर में चिन्हित किए गए 6,443 खंभों में से अब तक 4,222 खंभे हटाए जा चुके हैं — यानी लगभग 65.5 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बचे हुए 2,221 खंभों को 31 दिसंबर 2026 तक हटाने का लक्ष्य तय किया गया है।
बिजली निगमों के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक, दोनों वितरण कंपनियों को इसके लिए स्पष्ट समय-सीमा दी गई है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने अपने हिस्से के 3,651 खंभों में से 3,333 खंभे हटा दिए हैं — यानी 91.3 फीसदी काम पूरा। वहीं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने 2,792 में से अब तक सिर्फ 889 खंभे हटाए हैं, जो महज 31.8 फीसदी है।
आंकड़ों से साफ है कि शेष काम का करीब 86 फीसदी हिस्सा दक्षिण हरियाणा में है, जहां अभियान को और गति देने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड अधिकारियों को रोजाना की प्रगति रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि डेडलाइन से पहले सारा काम निपट सके।
दरअसल, शहरों और कस्बों में जगह-जगह खड़े अनुपयोगी खंभे न सिर्फ हादसों का कारण बन रहे थे, बल्कि सड़कों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण में भी बाधा थे। कई जगह जर्जर खंभे आंधी-तूफान में गिरने का खतरा बने हुए थे। इन्हें हटाने के बाद सड़कों के किनारे जगह खाली होगी और बिजली का बुनियादी ढांचा भी सुरक्षित होगा।
सरकार का दावा है कि यह अभियान प्रदेश के बिजली बुनियादी ढांचे को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अधिकारियों का कहना है कि जिन इलाकों में काम धीमा है, वहां विशेष टीमें लगाकर दिसंबर की डेडलाइन हर हाल में पूरी की जाएगी।
