हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026: अधिकारियों-कर्मचारियों के आवेदन 1 नवंबर से शुरू, 25 दिसंबर को मिलेंगे पुरस्कार
हरियाणा सरकार ने सुशासन पुरस्कार योजना-2026 के तहत असाधारण और नवाचारपूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और कर्मचारी समूहों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये पुरस्कार सुशासन दिवस के अवसर पर 25 दिसंबर, 2026 को प्रदान किए जाएंगे। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की अवधि 1 नवंबर से 25 नवंबर, 2026 तक निर्धारित की गई है। तय तिथि के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा।
यह योजना राज्य सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों, वैधानिक प्राधिकरणों, मिशन सोसायटियों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों तथा सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत ग्रुप-ए, बी, सी और डी के कर्मचारियों पर लागू होगी। इसके अतिरिक्त हरियाणा कौशल रोजगार निगम, हारट्रोन, जिला सूचना प्रौद्योगिकी सोसायटी अथवा आउटसोर्स नीति के तहत कार्यरत अनुबंध कर्मी भी इसके पात्र होंगे। हालांकि प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष और अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
योजना के तहत आवेदन करने के इच्छुक अधिकारी और कर्मचारी अपने आवेदन संबंधित विभागाध्यक्ष, कार्यालय प्रमुख या संगठन प्रमुख को प्रस्तुत करेंगे। प्राप्त आवेदनों की जांच और समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारी अपनी सिफारिशों सहित इन्हें पोर्टल haryanagoodgovernanceawards.haryana.gov.in पर अपलोड करेंगे।
आवेदन के साथ उम्मीदवारों को 200 शब्दों से अधिक की एक परियोजना विवरणी प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें पहल, क्रियान्वयन रणनीति, अवधि, उपलब्धियां, परिणाम, सकारात्मक प्रभाव, स्केलेबिलिटी और स्थिरता का उल्लेख हो। इसके साथ अधिकतम 10 स्लाइड की पावरपॉइंट प्रस्तुति, एनआईसी द्वारा आवंटित एचआरएमएस पेयी कोड, नाम, पदनाम और तैनाती का स्थान भी देना होगा। पुरस्कार के लिए विचार किए जाने वाले प्रदर्शन की अवधि 1 जनवरी, 2025 से 30 अक्टूबर, 2026 तक है।
योजना के अंतर्गत राज्य फ्लैगशिप पुरस्कारों के लिए आवेदन संबंधित प्रशासनिक सचिवों द्वारा अपलोड किए जाएंगे। राज्य स्तरीय पुरस्कार सभी पात्र कर्मचारियों के लिए खुले होंगे, जबकि प्रत्येक जिले के लिए जिला स्तरीय पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। जिला स्तरीय पुरस्कार संबंधित जिले के उपायुक्त द्वारा प्रदान किए जाएंगे। निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त नामांकनों को संबंधित इम्पावर्ड कमेटी द्वारा शॉर्टलिस्ट करने के साथ-साथ उनकी जांच और मूल्यांकन किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना और नागरिकों के लिए सकारात्मक परिणाम देने वाली पहलों को सम्मानित करना है। यह योजना सुशासन दिवस से जुड़ी है, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की स्मृति में 25 दिसंबर को मनाया जाता है।
