हरियाणा: चना-मसूर के प्रमाणित बीज पर 50 से 100% अनुदान, 20 नवंबर तक पंजीकरण — जानें पूरी प्रक्रिया
हरियाणा के किसानों के लिए रबी सीजन की तैयारी के बीच खुशखबरी है। कृषि विभाग ने चना और मसूर के प्रमाणित बीज पर 50 से 100 प्रतिशत तक अनुदान की घोषणा की है। योजना के तहत पंजीकरण 15 अक्टूबर से शुरू होकर 20 नवंबर 2026 तक चलेगा, और किसान agriharyana.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। प्रति किसान अधिकतम ढाई एकड़ तक अनुदान मिलेगा।
अनुदान की दर बीज की किस्म की आयु के अनुसार तय की गई है। पांच वर्ष से कम पुरानी किस्मों के लिए चना के बीज पर 75 प्रतिशत या अधिकतम ₹6,000 प्रति क्विंटल, और मसूर के बीज पर 100 प्रतिशत या अधिकतम ₹12,000 प्रति क्विंटल अनुदान मिलेगा। वहीं पांच वर्ष से अधिक पुरानी किस्मों पर चना के लिए 50 प्रतिशत (अधिकतम ₹4,000 प्रति क्विंटल) और मसूर के लिए 75 प्रतिशत (अधिकतम ₹9,000 प्रति क्विंटल) अनुदान दिया जाएगा।
प्रमाणित बीज का उपयोग फसल की पैदावार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। खेतों में पुराने और अप्रमाणित बीज से उपज घटती है, जबकि प्रमाणित किस्मों से किसान को बेहतर उत्पादन और आय मिलती है। सैनी सरकार की यह पहल छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि बीज की लागत पर मिलने वाली छूट से बुवाई का खर्च काफी कम हो जाएगा।
योजना पूरे हरियाणा राज्य के किसानों के लिए खुली है। इच्छुक किसान समय पर पोर्टल पर पंजीकरण कराएं और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। रबी की बुवाई से पहले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना कृषि विभाग की प्राथमिकता है, ताकि इस सीजन चना-मसूर की पैदावार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो सके।
