हरियाणा अग्निवीर भर्ती नीति: पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण, लिखित परीक्षा और शारीरिक टेस्ट से छूट
हरियाणा सरकार ने सशस्त्र बलों में चार साल की सेवा के बाद घर लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में बड़ी राहत की घोषणा की है। मानव संसाधन विभाग ने 16 अक्टूबर को इस संबंध में समेकित निर्देश जारी किए, जो मुख्य सचिव की वेबसाइट पर 17 अक्टूबर को प्रकाशित हुए। ये आदेश 1 सितंबर 2026 से पिछली तारीख से लागू माने जाएंगे, और इससे पहले 18 अगस्त को जारी निर्देश वापस ले लिए गए हैं।
नए नियमों के तहत हरियाणा के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों को पुलिस कॉन्स्टेबल, आईआरबी कॉन्स्टेबल, एसडीआरएफ कॉन्स्टेबल, वन रक्षक, वन्यजीव रक्षक, खनन रक्षक, जेल वार्डर और फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर जैसे वर्दी वाले पदों पर 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा। इसके अलावा ग्रुप-सी के अन्य चिह्नित पदों पर 5 प्रतिशत और विशेष कौशल से जुड़े ग्रुप-बी पदों पर 1 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
सबसे बड़ी राहत यह है कि पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-सी के पदों पर सीधी भर्ती के लिए सभी प्रकार की लिखित परीक्षाओं से पूरी छूट मिलेगी। पुलिस कॉन्स्टेबल, वन रक्षक, वन्यजीव रक्षक, जेल वार्डर, खनन रक्षक और फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर जैसे पदों पर भर्ती के लिए उन्हें शारीरिक स्क्रीनिंग टेस्ट से भी छूट दी जाएगी। हाल ही में विज्ञापित वन्यजीव रक्षक, आईआरबी कॉन्स्टेबल, एसडीआरएफ कॉन्स्टेबल और फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर पदों के लिए शारीरिक माप परीक्षा से भी छूट का प्रावधान है।
आरक्षण के भीतर वर्गवार रोस्टर भी तय किया गया है। 20 प्रतिशत वर्दी-पद आरक्षण में वंचित अनुसूचित जाति और अन्य अनुसूचित जाति को 2-2 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग-ए को 3 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग-बी और ईडब्ल्यूएस को 2-2 प्रतिशत तथा अनारक्षित वर्ग को 9 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। यदि किसी पद के लिए उपयुक्त पूर्व अग्निवीर उपलब्ध न हो, तो वह पद संबंधित ऊर्ध्वाधर आरक्षण श्रेणी के योग्य उम्मीदवार से भरा जाएगा।
विभागों को निर्देश दिया गया है कि भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित छूट मिले, जबकि नियुक्ति के बाद सेवा नियमों की अन्य शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी। आवश्यक होने पर विभागीय सेवा नियमों में तत्काल संशोधन भी किए जाएंगे।
