हरियाणा में भ्रष्टाचार पर शिकंजा: ACB के 171 ट्रैप केस, 10 साल का रिकॉर्ड टूटा
हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम ने इस साल नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 21 अक्टूबर तक रिश्वतखोरी के 171 ट्रैप केस दर्ज किए हैं, जो 2016 के बाद किसी एक साल में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2022 में 170 ट्रैप केस का रिकॉर्ड था, जो अब टूट गया है। पिछले साल की तुलना में ट्रैप केसों में 21.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ACB के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से सितंबर के बीच ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के कुल 191 आपराधिक मामले दर्ज किए। इस दौरान 172 भ्रष्टाचारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिनमें 16 राजपत्रित अधिकारी भी शामिल हैं। भ्रष्टाचार के मामलों में सजा का ग्राफ भी सुधरा है — 21 मामलों में 26 दोषियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
ACB प्रमुख डॉ. ए.एस. चावला ने रिश्वत लेने वालों को सख्त चेतावनी दी है कि भ्रष्टाचार में लिप्त कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। ब्यूरो ने शिकायत तंत्र को भी मजबूत किया है, ताकि आम आदमी बिना डरे रिश्वत मांगने वालों की शिकायत कर सके।
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में सभी विभागों में विजिलेंस नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश भी जारी किया था, जिसके तहत 48 घंटे में भ्रष्टाचार की सूचना ACB तक पहुंचानी होगी। ट्रैप केसों का रिकॉर्ड टूटना इसी जीरो-टॉलरेंस नीति का नतीजा माना जा रहा है।
भ्रष्टाचार पर इस सख्त कार्रवाई से प्रदेश में ईमानदार प्रशासन का संदेश गया है और आम जनता का सिस्टम पर भरोसा बढ़ा है।
