एशियन पैरा गेम्स: हरियाणा के देवेंद्र कुमार ने डिस्कस थ्रो में जीता गोल्ड, भारत ने पोडियम पर किया 1-2-3 क्लीन स्वीप
नागोया। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीटों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के डिस्कस थ्रो (F43/F44/F62/F64) इवेंट में पोडियम पर 1-2-3 क्लीन स्वीप किया। हरियाणा के चरखी दादरी जिले के किशकंदा गांव के देवेंद्र कुमार ने 49.71 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राकेश को सिल्वर और प्रदीप कुमार को ब्रॉन्ज मिला।
मीज़ूहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में सोमवार की शाम आयोजित इस फाइनल में देवेंद्र कुमार (F44 कैटेगरी) ने अपने दूसरे प्रयास में 49.71 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और रज़ा स्कोरिंग में 781 अंक हासिल कर स्वर्ण पर कब्जा जमाया। राकेश (F44) ने 49.45 मीटर के थ्रो और 771 रज़ा अंकों के साथ रजत पदक जीता। प्रदीप कुमार (F64) ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 51.15 मीटर का थ्रो किया — यह इवेंट का सबसे लंबा थ्रो था — लेकिन संयुक्त वर्गीकरण की रज़ा प्रणाली में 669 अंकों के साथ उन्हें कांस्य मिला।
देवेंद्र कुमार के लिए यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला स्वर्ण पदक है। वह 2023 के हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स में भी इसी इवेंट के चैंपियन रह चुके हैं, यानी उन्होंने अपना खिताब बरकरार रखा है। यह 2026 संस्करण में भारत का पहला पोडियम स्वीप है और एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में किसी भारतीय तिकड़ी का छठा क्लीन स्वीप है।
एथलेटिक्स के दूसरे दिन के अंत तक भारत 9 स्वर्ण, 11 रजत और 15 कांस्य सहित कुल 35 पदकों के साथ पदक तालिका में छठे स्थान पर रहा। हरियाणा के खिलाड़ियों का इस बार के खेलों में शानदार प्रदर्शन जारी है — राज्य के पैरा एथलीट लगातार देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
गौरतलब है कि डिस्कस थ्रो में एक ही देश के तीन एथलीटों का पोडियम पर कब्जा जमाना बेहद दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ और हरियाणा खेल विभाग ने तीनों खिलाड़ियों को बधाई दी है। देशवासियों को अब बाकी इवेंटों में भी भारतीय दल से पदकों की उम्मीद है।
