पानीपत के बबैल गांव के 16 वर्षीय धावक शौर्य ग्रोवर ने राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का नाम रोशन कर दिया है। चेन्नई में आयोजित 41वीं जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में शौर्य ने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उन्होंने अंडर-16 आयु वर्ग की 600 मीटर दौड़ में स्वर्ण जीता और हरियाणा की अंडर-16 लड़कों की 1000 मीटर मेडले रिले टीम के सदस्य के रूप में भी स्वर्ण पदक हासिल किया।
600 मीटर दौड़ में शौर्य का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। उन्होंने यह दूरी 1 मिनट 17.63 सेकंड में पूरी की और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 1 मिनट 18.48 सेकंड का था, जो उत्तर प्रदेश के मोहम्मद समीर खान के नाम था और 2025 में भुवनेश्वर में आयोजित 40वीं चैंपियनशिप में बना था। शौर्य ने करीब एक सेकंड से भी अधिक के अंतर से पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
मेडले रिले में भी हरियाणा की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। इस स्पर्धा में टीम ने स्वर्ण पदक के साथ पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा। शौर्य इस विजेता टीम का हिस्सा रहे। दो स्वर्ण और दो रिकॉर्ड एक ही चैंपियनशिप में किसी युवा धावक के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
चैंपियनशिप 23 से 27 अक्टूबर तक चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित हुई थी, जिसमें देशभर के युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। शौर्य के कोच रवि फोर हैं, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। सीमित संसाधनों के बावजूद गांव के इस बेटे ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है।
गांव लौटने पर शौर्य का ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस उपलब्धि पर एक दवा कंपनी की ओर से उन्हें 31 हजार रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित भी किया गया। ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने शौर्य की सफलता पर खुशी जताई है।
शौर्य का अगला लक्ष्य एशिया और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतना है। अगले वर्ष वह अंडर-18 आयु वर्ग में प्रवेश करेंगे, जहां उनसे और बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। हरियाणा लगातार एथलेटिक्स में युवा प्रतिभाएं दे रहा है और शौर्य की यह सफलता राज्य के खेल माहौल के लिए एक और सकारात्मक खबर है।
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