हरियाणा अतिथि अध्यापक आज मुख्यमंत्री नायब सैनी से करेंगे मुलाकात, अनिल विज के आश्वासन पर रुकी थी न्याय यात्रा
चंडीगढ़। हरियाणा के अतिथि अध्यापकों का एक प्रतिनिधिमंडल आज 2 नवंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करेगा। यह बैठक सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय में तय की गई है। इसमें अतिथि अध्यापकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और उनके स्थायी समाधान पर चर्चा होने की उम्मीद है।
इस बैठक का रास्ता कैबिनेट मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप से खुला था। अतिथि अध्यापक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षक न्याय यात्रा निकाल रहे थे। यह यात्रा 21 अक्टूबर को सिरसा से शुरू हुई थी और अंबाला छावनी पहुंचने पर मंत्री विज के आवास के पास रुकी थी। वहां शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात की और सरकार के साथ बातचीत कराने का अनुरोध किया।
मंत्री विज ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुना और मौके पर ही मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव से फोन पर बातचीत की। इसी बातचीत के बाद 2 नवंबर को मुख्यमंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक का समय तय हुआ। इसके बाद शिक्षकों ने अपनी पैदल यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया। मंत्री ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनका मामला सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाएगा।
अतिथि अध्यापकों की मुख्य मांग पिछले करीब 21 वर्षों से राज्य के शिक्षा विभाग में सेवा दे रहे 10,757 अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने की है। मोर्चा का कहना है कि 2014 में बनी तीन साल की नीति के तहत इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं और अब स्थायी समाधान चाहते हैं।
आज की बैठक में शिक्षक अपनी मांगों को विस्तार से सरकार के सामने रखेंगे। शिक्षकों को उम्मीद है कि बातचीत से कोई ठोस रास्ता निकलेगा। सरकार की ओर से बातचीत का रास्ता खोलना इस मुद्दे के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इस बैठक पर प्रदेश भर के अतिथि अध्यापकों की नजर टिकी हुई है।
